*सुशासन तिहार 2025: नकुलनार में समाधान शिविर का सफल आयोजन, 1519 आवेदनों में 1504 का त्वरित निराकरण*
कुआकोंडा, दंतेवाड़ा (24 मई 2025): जनपद पंचायत कुआकोंडा के ग्राम पंचायत नकुलनार में सुशासन तिहार 2025 के अंतर्गत आयोजित समाधान शिविर ने ग्रामीणों की समस्याओं के समाधान में मील का पत्थर साबित हुआ। रेंगानार, गडमिरी, नकुलनार, श्यामगिरी, खुटेपाल और कुआकोंडा के ग्रामीणों की भारी भागीदारी के साथ यह शिविर प्रशासन और जनता के बीच सेतु का काम करता नजर आया।
कार्यक्रम की शुरुआत छत्तीसगढ़ महतारी और माँ दंतेश्वरी के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन के साथ हुई। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष नंद लाल मुडामी, उपाध्यक्ष अरविंद कुंजाम, भाजपा युवा मोर्चा अध्यक्ष सुमित भदौरिया, जनपद पंचायत सदस्य मनीषा कोरराम, भाजपा मंडल अध्यक्ष भीमा कवासी, जिला उपाध्यक्ष सत्यजीत सिंह चौहान, पूर्व मंडल अध्यक्ष सोमडु कोर्राम सहित विभिन्न पंचायतों के सरपंच, पंच और जिला व जनपद स्तरीय प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।
*शिविर में उल्लेख Facets: 1519 आवेदनों में 1504 का त्वरित समाधान*
शिविर में 27 विभागों से कुल 1519 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें 1487 मांग और 32 शिकायतें शामिल थीं। इनमें से 1472 मांगों और 32 शिकायतों का मौके पर ही निराकरण कर दिया गया, जबकि शेष 15 मांगों को जल्द हल करने का आश्वासन दिया गया। विभिन्न विभागों में प्राप्त 166 आवेदनों में पशुपालन (10), कृषि (62), पंचायत व ग्रामीण विकास (48), क्रेडा (8), राजस्व (14), स्वास्थ्य (2), शिक्षा (1), मत्स्य (1), खाद्य (4), विद्युत (7), अंतर व्यवसाय (5), महिला एवं बाल विकास (3) और पीएचई (1) शामिल हैं। इन सभी का शीघ्र निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा।*
*महिला सशक्तिकरण और सामुदायिक विकास पर जोर*
महिला एवं बाल विकास विभाग ने 13 गर्भवती महिलाओं का गोद भराई और 7 नवजात शिशुओं का अन्नप्राशन समारोह आयोजित किया। इसके अलावा, ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ के तहत जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। पांच ग्रामों को स्वच्छ पेयजल के लिए पानी जांच मशीन किट प्रदान की गई। खाद्य विभाग ने 11 हितग्राहियों को राशन कार्ड वितरित किए, जबकि लोक सेवा गारंटी स्टॉल पर 17 लोगों का आधार अपडेट और 3 नए आधार पंजीयन किए गए। कृषि विभाग ने 2 हितग्राहियों को स्प्रेयर पंप और 5 को कृषि कार्ड प्रदान किया।
*ग्रामीणों में उत्साह, प्रशासन की तत्परता*
यह शिविर ग्रामीणों की समस्याओं के त्वरित समाधान और सरकार की योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने में सफल रहा। ग्रामीणों ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे सुशासन का प्रतीक बताया। प्रशासन ने भी शेष आवेदनों के जल्द निराकरण का भरोसा दिलाया, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में विकास और विश्वास का नया दौर शुरू होने की उम्मीद जगी।
यह आयोजन न केवल समस्याओं के समाधान का मंच बना, बल्कि सामुदायिक विकास और जागरूकता के क्षेत्र में भी एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।

