*किरंदुल में बिजली की आंखमिचौली का कारण बना सूखा वृक्ष, सुशासन तिहार में व्यस्तता ने बढ़ाई मुश्किलें*
छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले के किरंदुल में पिछले सात महीनों से बिजली की आंखमिचौली ने स्थानीय निवासियों का जीना मुहाल कर रखा है। दिन में तीन से चार बार बिजली गुल होने की समस्या आम हो चुकी है, और न तो रात का ठिकाना है और न ही दिन का। हल्की हवा, बूंदाबांदी, या बिजली की कड़कड़ाहट भी बिजली आपूर्ति को ठप करने के लिए काफी है। इस समस्या का मूल कारण सामने आया है – किरंदुल के विद्युत कार्यालय के समीप एक सूखा वृक्ष, जो कभी भी तारों पर गिर सकता है। इस स्थिति ने न केवल बिजली आपूर्ति को प्रभावित किया है, बल्कि स्थानीय प्रशासन और विद्युत विभाग की लचर व्यवस्था को भी उजागर कर दिया है।
*सी जी संविधान न्यूज़ ने खोली हकीकत*
सी जी संविधान न्यूज़, छत्तीसगढ़ के संपादक ने इस समस्या की तह तक जाने के लिए विद्युत विभाग, दंतेवाड़ा के अधिकारी नरेंद्र कुमार मौर्या से बात की। मौर्या ने बताया कि किरंदुल के विद्युत कार्यालय के पास एक सूखा वृक्ष बिजली के तारों के ठीक ऊपर खड़ा है, जो कभी भी गिर सकता है। हाल ही में, तीन दिन पहले इस वृक्ष का एक हिस्सा टूटकर तारों पर गिर गया था, जिसके चलते किरंदुल में शाम 4 बजे से रात 9:30 बजे तक बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप रही। मौर्या ने चेतावनी दी कि अगर यह पूरा वृक्ष गिर गया, तो किरंदुल में दो से तीन दिनों तक बिजली आपूर्ति बाधित हो सकती है।
*सुशासन तिहार बना व्यवस्था में बाधा*
आश्चर्य की बात यह है कि इस गंभीर समस्या के समाधान के लिए विद्युत विभाग के अधिकारी और कर्मचारी समय नहीं निकाल पा रहे हैं। कारण? सुशासन तिहार के आयोजनों में उनकी व्यस्तता। नरेंद्र कुमार मौर्या ने बताया कि सुशासन तिहार के कार्यों में सभी कर्मचारी इतने व्यस्त हैं कि इस सूखे वृक्ष को हटाने के लिए 1 जून के बाद का समय निर्धारित किया गया है। इस बीच, समस्या को अस्थायी रूप से हल करने के लिए किरंदुल की बिजली लाइन को मदाढ़ी, चोलनार, हीरोली, और मड़कामीरास की लाइनों के साथ जोड़ा गया है। लेकिन इस उपाय ने उल्टा असर किया है। अब इन पांच गांवों में कहीं भी कोई छोटी-मोटी खराबी होने पर किरंदुल की बिजली भी गुल हो जाती है।
*नगरपालिका ने दिखाई तत्परता*
सी जी संविधान न्यूज़ ने इस मुद्दे को गंभीरता से उठाते हुए किरंदुल नगरपालिका के मुख्य अधिकारी शशिभूषण महापात्र से संपर्क किया। महापात्र ने तत्काल कार्रवाई का आश्वासन दिया और बताया कि रविवार को देवांगन के सहयोग से इस सूखे वृक्ष को हटाने की पूरी तैयारी की जा रही है। उन्होंने कहा, “हम इस समस्या को समझते हैं और इसे तुरंत हल करने के लिए कदम उठा रहे हैं। रविवार को वृक्ष को हटाने का कार्य शुरू होगा, जिसके बाद बिजली की समस्या से निजात मिलने की पूरी उम्मीद है।”
*निवासियों की परेशानी*
किरंदुल के निवासियों का कहना है कि बिजली की यह अनियमितता उनकी दिनचर्या को बुरी तरह प्रभावित कर रही है। गर्मी और उमस के बीच बिना बिजली के रहना मुश्किल हो गया है। बच्चों की पढ़ाई, दैनिक कार्य, और व्यवसाय सभी प्रभावित हो रहे हैं। एक स्थानीय निवासी ने बताया, “हल्की बारिश या हवा में भी बिजली चली जाती है। रात को अंधेरे में रहना पड़ता है, और गर्मी में पंखे-कूलर बंद होने से हालत खराब हो जाती है।”
*समाधान की राह*
विद्युत विभाग और नगरपालिका के इस संयुक्त प्रयास से उम्मीद जगी है कि किरंदुलवासियों को जल्द ही इस समस्या से राहत मिलेगी। सूखे वृक्ष को हटाने के बाद किरंदुल की बिजली लाइन को फिर से स्वतंत्र रूप से जोड़ा जा सकता है, जिससे अन्य गांवों की समस्याओं का असर किरंदुल पर नहीं पड़ेगा।
*निष्कर्ष*
किरंदुल में बिजली की समस्या ने सुशासन तिहार के दौरान प्रशासनिक प्राथमिकताओं पर सवाल उठाए हैं। एक ओर जहां सुशासन की बात हो रही है, वहीं दूसरी ओर बुनियादी सुविधाओं की अनदेखी जनता को परेशान कर रही है। सी जी संविधान न्यूज़ की इस पहल और नगरपालिका के त्वरित कदम से उम्मीद है कि किरंदुल में जल्द ही बिजली की आंखमिचौली का अंत होगा। स्थानीय निवासियों को अब रविवार के परिणाम का इंतजार है, जब सूखा वृक्ष हटाया जाएगा और बिजली आपूर्ति सामान्य होने की उम्मीद है।
