*छत्तीसगढ़ में जल, जंगल, जमीन और खनिज संसाधनों की रक्षा के लिए कांग्रेस की न्याय पदयात्रा: 26 से 29 मई तक किरंदुल से दंतेवाड़ा तक*
रायपुर, 23 मई 2025: छत्तीसगढ़ के प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा और अवैध खनन के खिलाफ आवाज बुलंद करने के लिए छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी (सीपीसीसी) ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज के नेतृत्व में 26 से 29 मई 2025 तक किरंदुल से दंतेवाड़ा तक 40 किलोमीटर की न्याय पदयात्रा आयोजित की जाएगी। इस यात्रा का समापन दंतेवाड़ा कलेक्ट्रेट के घेराव के साथ होगा, जिसके जरिए कांग्रेस पार्टी छत्तीसगढ़ के जल, जंगल, जमीन और खनिज संसाधनों के निजीकरण और अवैध दोहन के खिलाफ अपनी प्रतिबद्धता को रेखांकित करेगी।
*यात्रा का उद्देश्य: संसाधनों की लूट के खिलाफ जनजागरण*
छत्तीसगढ़ में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार बनने के बाद से प्राकृतिक संसाधनों के निजीकरण और अवैध खनन की घटनाओं में वृद्धि देखी गई है। हाल के वर्षों में मवई नदी जैसे क्षेत्रों में अवैध रेत खनन की शिकायतें सामने आई हैं, जिसके कारण स्थानीय गांवों में पेयजल संकट गहरा गया है। ग्रामीणों ने प्रशासन पर कार्रवाई में ढिलाई का आरोप लगाया है, जिससे पर्यावरण और स्थानीय समुदायों पर गंभीर प्रभाव पड़ा है।
कांग्रेस की यह पदयात्रा न केवल इन मुद्दों को उजागर करने का प्रयास है, बल्कि यह छत्तीसगढ़ की जनता को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा के लिए एकजुट करने का भी मंच प्रदान करेगी। पार्टी का कहना है कि भाजपा सरकार की नीतियां “कुछ उद्योगपति मित्रों” के हित में हैं, जो छत्तीसगढ़ के लोगों के हितों को नजरअंदाज कर रही हैं।
*यात्रा का स्वरूप और प्रभाव*
यह 40 किलोमीटर लंबी पदयात्रा बस्तर के खनिज समृद्ध क्षेत्रों से होकर गुजरेगी, जहां खनन गतिविधियों का स्थानीय पर्यावरण और आदिवासी समुदायों पर गहरा प्रभाव पड़ रहा है। किरंदुल और दंतेवाड़ा जैसे क्षेत्र खनिज संसाधनों के लिए जाने जाते हैं, और इन क्षेत्रों में अवैध खनन और निजीकरण की नीतियों ने स्थानीय समुदायों के बीच असंतोष को जन्म दिया है।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस यात्रा को छत्तीसगढ़ के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए कहा, “राज्य जिस भयावह दौर से गुजर रहा है, उसमें जनता की आवाज को बुलंद करना जरूरी है। यह यात्रा न केवल संसाधनों की लूट के खिलाफ है, बल्कि यह सामाजिक न्याय और कानून व्यवस्था की बहाली का भी आह्वान है।”

