*बालोद में जमीन घोटाले पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई: एक आरोपी गिरफ्तार, चार अन्य की तलाश तेज*
बालोद, 28 सितंबर 2025: बालोद जिले में एक सनसनीखेज जमीन घोटाले का पर्दाफाश हुआ है, जिसमें पुलिस ने कड़ा रुख अपनाते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और अन्य की तलाश में छापेमारी शुरू कर दी है। इस मामले में पांच व्यक्तियों—परसराम साहू (अचानकपुर), अश्वनी डडसेना (अंगारी), तरुण पाटिल (भोथली, अमलेश्वर), जगतराम साहू (ढौर, सेलूद), और लेखराम नेताम (ढौर, सेलूद)—पर जालसाजी, आपराधिक साजिश, और कूटरचित दस्तावेजों के जरिए जमीन की रजिस्ट्री कराने का गंभीर आरोप है। पुलिस ने भारतीय दण्ड संहिता की धारा 318(4), 3(5), और 61(2) के तहत मामला दर्ज किया है।
*मामले का खुलासा और गिरफ्तारी*
कोतवाली थाना, बालोद की सतर्कता से इस घोटाले का खुलासा हुआ। प्रारंभिक जांच में पता चला कि आरोपियों ने सुनियोजित तरीके से फर्जी दस्तावेज तैयार कर भोले-भाले लोगों को ठगने का काम किया। इस मामले में अश्वनी डडसेना, जो अंगारी ग्राम पंचायत की सरपंच व जिला सरपंच संघ की उपाध्यक्ष ममता डडसेना के पति हैं, को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। शेष चार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने विशेष टीमें गठित की हैं, और विभिन्न ठिकानों पर छापेमारी जारी है।
*आरोपियों का आपराधिक इतिहास*
जांच में सामने आया कि परसराम साहू और अश्वनी डडसेना कुख्यात जमीन दलाल के रूप में सक्रिय हैं। ये दोनों अचानकपुर और अंगारी के साथ-साथ रायपुर के सुंदर नगर में भी निवास करते हैं। इनके खिलाफ पहले भी अमलेश्वर, पाटन, और भिलाई नगर थानों में जालसाजी, धोखाधड़ी, और अन्य गंभीर अपराधों के कई मामले दर्ज हैं। इनके साथी तरुण पाटिल, जगतराम साहू, और लेखराम नेताम भी इस संगठित गिरोह का हिस्सा हैं, जो लंबे समय से लोगों को ठगने और अवैध रूप से जमीन हड़पने की साजिश रचते रहे हैं।
*पुलिस अधीक्षक का कड़ा रुख*
बालोद के पुलिस अधीक्षक ने इस मामले को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए स्पष्ट किया है कि जालसाजी और धोखाधड़ी जैसे अपराधों में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा, “ऐसे अपराध समाज में भय और अविश्वास पैदा करते हैं। हमारी प्राथमिकता है कि पीड़ितों को न्याय मिले और अपराधियों को कठोर सजा दी जाए।” पुलिस ने जनता से अपील की है कि जमीन के सौदों में सावधानी बरतें और दस्तावेजों की सत्यता की जांच अवश्य करें।
*स्थानीय लोगों में आक्रोश, पुलिस की कार्रवाई से राहत*
इस घोटाले ने स्थानीय लोगों में भय और आक्रोश पैदा किया है। कई पीड़ितों ने बताया कि आरोपियों ने न केवल आम लोगों, बल्कि अपने रिश्तेदारों को भी ठगी का शिकार बनाया। विशेष रूप से अश्वनी डडसेना की हरकतें चर्चा में हैं, जो कथित तौर पर खुद को राष्ट्रीय स्तर का अपराधी बताकर लोगों को डराने की कोशिश करता था। हालांकि, पुलिस की त्वरित कार्रवाई से लोगों में कानून के प्रति भरोसा बढ़ा है।
*सतर्कता की अपील*
पुलिस ने जनता से अनुरोध किया है कि जमीन खरीदने या बेचने से पहले सभी दस्तावेजों की गहन जांच करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना पुलिस को दें। इस मामले में और सबूत जुटाने के लिए पुलिस की जांच तेजी से चल रही है, ताकि सभी आरोपियों को जल्द से जल्द सलाखों के पीछे लाया जा सके।
बालोद पुलिस की इस कार्रवाई ने न केवल जमीन घोटाले के एक बड़े गिरोह का भंडाफोड़ किया है, बल्कि यह भी संदेश दिया है कि अपराधियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। यह कदम न केवल पीड़ितों को न्याय दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि समाज में कानून और व्यवस्था के प्रति विश्वास को और मजबूत करता है।

