*माँ दंतेश्वरी मंदिर में 365 दिन अन्नपूर्णा भोग भंडारा की शुरुआत: छत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी समाज की अनूठी पहल*
दंतेवाड़ा, 22 सितंबर 2025: छत्तीसगढ़ के पवित्र तीर्थ स्थल माँ दंतेश्वरी मंदिर प्रांगण में शारदीय नवरात्रि के शुभ अवसर पर 22 सितंबर 2025 को माँ दंतेश्वरी अन्नपूर्णा भोग भंडारा की शुरुआत हुई। यह अनूठी पहल छत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी समाज, दंतेवाड़ा के नेतृत्व में शुरू की गई है, जिसके तहत मंदिर परिसर के मंगल भवन में साल के 365 दिन भक्तों के लिए महाप्रसाद भंडारा का आयोजन किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य भक्तों और दर्शनार्थियों को माँ दंतेश्वरी के आशीर्वाद के साथ-साथ भोजन प्रसाद प्रदान करना है, जो सामाजिक एकता और सेवा भाव को दर्शाता है।
*शुभारंभ में भव्य आयोजन बैलाडीला द्वारा अन्नदान *
शारदीय नवरात्रि के पहले दिन माँ दंतेश्वरी मंदिर के प्रधान पुजारी श्री जिया बाबा और गुमरगुण्डा के स्वामी विशुद्धानंद सरस्वती जी ने विधि-विधान से माँ दंतेश्वरी की विशेष पूजा-अर्चना की। इस अवसर पर माँ अन्नपूर्णा भोग भंडारा का शुभारंभ हुआ, जिसमें पहले दिन बैलाडीला व्यापारी कल्याण संघ ने भोग भंडारा का प्रायोजन किया। इस भंडारे में करीब 1400 से 1500 लोगों ने महाप्रसाद ग्रहण किया, जिसमें स्थानीय भक्तों के साथ-साथ बाहर से आए दर्शनार्थी भी शामिल हुए।
*सामाजिक एकता और सेवा का प्रतीक*
छत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी समाज की यह पहल न केवल धार्मिक, बल्कि सामाजिक दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण है। माँ दंतेश्वरी मंदिर, जो बस्तर की सबसे सम्मानित शक्ति पीठों में से एक है, पहले से ही आदिवासी संस्कृति और आस्था का केंद्र रहा है। इस भंडारे के माध्यम से समाज ने निःशुल्क भोजन सेवा शुरू करके गरीबों, जरूरतमंदों और दर्शनार्थियों के लिए एक अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया है। यह आयोजन सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने के साथ-साथ माँ दंतेश्वरी के प्रति भक्तों की आस्था को और गहरा करेगा
*बैलाडीला व्यपारी कल्याण संघ का योगदान,भक्तों में उत्साह*
पहले दिन के भंडारे में शामिल हुए भक्तों ने इस आयोजन की जमकर सराहना की। बाहर से आए दर्शनार्थियों ने भी इस सेवा को माँ दंतेश्वरी के आशीर्वाद का हिस्सा बताया। बैलाडीला व्यापारी कल्याण संघ के सहयोग से पहले दिन का भंडारा सुचारू रूप से संपन्न हुआ, जिसने इस आयोजन की सफल शुरुआत को और भी खास बना दिया। भक्तों का कहना है कि इस तरह के आयोजन से मंदिर परिसर में आध्यात्मिक और सामाजिक माहौल और सशक्त होगा।
*सालभर चलेगा भंडारा*
छत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी समाज ने इस भंडारे को साल के 365 दिन संचालित करने का संकल्प लिया है। यह न केवल मंदिर में आने वाले भक्तों के लिए एक सुविधा होगी, बल्कि दंतेवाड़ा को एक प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थल के रूप में और भी आकर्षक बनाएगा। माँ दंतेश्वरी मंदिर, जो पहले से ही अपने भव्य कॉरिडोर और नवरात्रि उत्सवों के लिए जाना जाता है, इस भंडारे के साथ और अधिक लोकप्रियता हासिल करेगा।
*भविष्य की योजनाएँ*
आदिवासी समाज के नेतृत्व ने बताया कि इस भंडारे को और व्यापक बनाने के लिए विभिन्न सामाजिक संगठनों, व्यापारी समुदायों और भक्तों से सहयोग लिया जाएगा। यह आयोजन न केवल धार्मिक महत्व रखता है, बल्कि यह स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा देगा, क्योंकि दर्शनार्थियों की संख्या में वृद्धि से पर्यटन को प्रोत्साहन मिलेगा।
माँ दंतेश्वरी अन्नपूर्णा भोग भंडारा की शुरुआत छत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी समाज की एक प्रेरणादायक पहल है, जो आस्था, सेवा और सामाजिक एकता का संगम है। यह आयोजन दंतेवाड़ा को न केवल आध्यात्मिक, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक रूप से भी समृद्ध बनाएगा। माँ दंतेश्वरी के आशीर्वाद से शुरू हुआ यह भंडारा आने वाले समय में लाखों भक्तों के लिए आशीर्वाद और प्रसाद का स्रोत बनेगा।



