*किरंदुल व्यपारी कल्याण संघ का चुनाव संपन्न: ॐ सोनी पैनल की एकतरफा जीत, व्यापारियों में बंटवारे की चिंता*

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

*किरंदुल व्यपारी कल्याण संघ का चुनाव संपन्न: ॐ सोनी पैनल की एकतरफा जीत, व्यापारियों में बंटवारे की चिंता*

किरंदुल (दंतेवाड़ा), 15 सितंबर 2025: छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले के किरंदुल में व्यापारियों के बीच लंबे समय से चली आ रही कलह आज एक नए मोड़ ले चुकी है। यहां आज किरंदुल व्यपारी कल्याण संघ के नाम से नवगठित संगठन के पहले चुनाव संपन्न हुए, जिसमें ॐ सोनी के नेतृत्व वाले पैनल ने चुनाव चिन्ह ‘कलश’ के साथ भारी मतों से जीत दर्ज की। यह जीत प्रतिद्वंद्वी पैनल के लिए अप्रत्याशित झटका साबित हुई, क्योंकि मतदान एकतरफा रहा।

किरंदुल व्यपारी कल्याण संघ के चुनाव संचालन समिति ने घोषणा की है कि जीतने वाले पैनल को तत्काल पंजीकरण कराया जाएगा, ताकि संगठन को औपचारिक रूप प्रदान किया जा सके। समिति के अनुसार, यह कदम व्यापारियों के हितों की रक्षा के लिए उठाया जा रहा है। लेकिन इस नए संघ के निर्माण ने स्थानीय व्यापार समुदाय को गहरे संकट में डाल दिया है। लगभग 300-350 व्यापारियों वाले इस छोटे से कस्बे में अब दो गुट स्पष्ट रूप से उभर चुके हैं—एक ओर 56 वर्ष पुरानी धरोहर बैलाडीला व्यपारी कल्याण संघ, जो कभी पूरे क्षेत्र की एकमात्र संगठन थी, और दूसरी ओर यह नवनिर्मित किरंदुल व्यपारी कल्याण संघ।

स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि यह बंटवारा कुछ स्वार्थी तत्वों की पद की लालसा और लोभ के कारण हुआ है। पहले एकजुट होकर व्यापारियों की समस्याओं—जैसे बाजार सुधार, सुरक्षा और सरकारी योजनाओं का लाभ—का समाधान करने वाली बैलाडीला व्यपारी कल्याण संघ अब दो भागों में विभाजित हो गई है। एक व्यापारी ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, “एक कस्बा, एक नगर, एक व्यापारी संगठन—यह हमारा आदर्श था। लेकिन आज यह साजिशपूर्ण बंटवारा हमें कमजोर कर रहा है।” वहीं, जीत के बाद ॐ सोनी ने कहा, “हमारा उद्देश्य किरंदुल के सभी व्यापारियों को एकजुट करना है। हम बैलाडीला संघ के साथ सहयोग की दिशा में काम करेंगे, ताकि बंटवारा न होकर मजबूती बने।”

बताया जाता है कि बैलाडीला व्यपारी कल्याण संघ का चुनाव 3 नवंबर को निर्धारित है, जो इस बंटवारे की अगली कड़ी साबित हो सकता है। क्या यह विभाजन स्थायी हो जाएगा या दोनों संगठन मिलकर व्यापारियों के हितों की रक्षा करेंगे? यह सवाल किरंदुल के व्यापार जगत में गूंज रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे छोटे समुदायों में बंटवारा आर्थिक और सामाजिक हानि पहुंचा सकता है, खासकर नक्सल प्रभावित क्षेत्र में जहां व्यापारियों को एकजुटता की सबसे अधिक जरूरत है।

सी.जी. संविधान न्यूज अपनी निष्पक्ष पत्रकारिता के लिए जानी जाती है। जीत हासिल करने वाले ॐ सोनी पैनल को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं। उम्मीद है कि नया नेतृत्व व्यापारियों की एकता को मजबूत करने में सफल होगा।

(रिपोर्ट: सी.जी. संविधान न्यूज छत्तीसगढ़ किशोर कुमार रामटेके )

Leave a Comment

और पढ़ें

Buzz4 Ai

Read More Articles