*किरंदुल में एनएमडीसी वर्कर्स फेडरेशन की अध्यक्षा अमरजीत कौर और उपाध्यक्ष विद्यासागर गिरी का आगमन: मजदूर हितों के लिए एकजुटता का आह्वान*

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*किरंदुल में एनएमडीसी वर्कर्स फेडरेशन की अध्यक्षा अमरजीत कौर और उपाध्यक्ष विद्यासागर गिरी का आगमन: मजदूर हितों के लिए एकजुटता का आह्वान*

किरंदुल, 04 मई 2025: नेशनल मिनरल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (एनएमडीसी) के मजदूरों के हितों और कंपनी के विकास के लिए हमेशा तत्पर रहने वाली ऑल इंडिया एनएमडीसी वर्कर्स फेडरेशन की अध्यक्षा अमरजीत कौर और उपाध्यक्ष विद्यासागर गिरी का किरंदुल में भव्य आगमन हुआ। इस अवसर पर बीआईओपी सीनियर सेकेंडरी स्कूल ग्राउंड में शाम 6 बजे आयोजित आम सभा में दोनों नेताओं ने मजदूरों को संबोधित करते हुए उनके अधिकारों, एकजुटता और संघर्ष की भावना को मजबूत करने का आह्वान किया। इस सभा में किरंदुल AINTUC के सचिव ए.के. सींग और अन्य यूनियन नेताओं ने भी हिस्सा लिया, जिसने इस आयोजन को और भी महत्वपूर्ण बना दिया।

*आम सभा में नेताओं का संबोधन: मजदूरों की ताकत और अनुशासन*

अमरजीत कौर ने अपने संबोधन में मजदूरों की मेहनत और अनुशासन को उनकी सबसे बड़ी ताकत बताया। उन्होंने कहा, “प्रोडक्शन, खनन, सड़क निर्माण, रेल डिब्बों का निर्माण—यह सब मजदूरों के बिना संभव नहीं है। हम अनुशासन जानते हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि हम कमजोर हैं। हमारी ताकत हमारी एकजुटता और मेहनत में है।” उन्होंने प्रबंधन को चेतावनी देते हुए कहा कि मजदूरों का अनुशासन उनकी कमजोरी नहीं, बल्कि उनकी शक्ति है। कौर ने केंद्र सरकार की नीतियों और प्रबंधन के रवैये पर भी सवाल उठाए, विशेष रूप से मजदूरों के ट्रांसफर और फेशियल रिकॉग्निशन जैसे कदमों को अवैध और अन्यायपूर्ण करार दिया। उन्होंने मजदूरों से आह्वान किया कि वे अपनी आवाज को और बुलंद करें, क्योंकि “मां की आवाज दूर तक जाती है।”

उपाध्यक्ष विद्यासागर गिरी ने अपने संबोधन में ठेका मजदूरों के अधिकारों पर जोर दिया। उन्होंने कहा, “हमने प्रीमियम नेचर के खनन कार्यों में ठेका प्रथा को रोकने में सफलता हासिल की है, जो हमारी बड़ी उपलब्धि है। लेकिन सब्सिडियरी कार्यों में ठेका मजदूरों को समान काम के लिए समान वेतन, नौकरी की स्थायित्व और बेहतर सुविधाएं सुनिश्चित करने के लिए हमारा संघर्ष जारी है।” गिरी ने 20 मई को प्रस्तावित राष्ट्रव्यापी हड़ताल का जिक्र करते हुए कहा कि यह हड़ताल पूरे देश के मजदूरों की एकजुटता का प्रतीक होगी। उन्होंने प्रबंधन के उत्पीड़नकारी रवैये की निंदा की और मजदूरों से कहा, “हमें दुश्मन को पहचानना होगा। लड़ाई के मैदान में ही गीता का उपदेश मिलता है।”

*AINTUC सचिव ए.के. सींग का बयान: फेडरेशन की ताकत*

किरंदुल AINTUC के सचिव ए.के. सींग ने सभा को संबोधित करते हुए फेडरेशन की मजबूती पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, “हमारी ट्रेड यूनियन का दर्शन शेर की तरह है—शिकार करने से पहले दो कदम पीछे हटता है, फिर पूरी ताकत से हमला करता है। हमारा फेडरेशन इतना शक्तिशाली है कि जब तक एनएमडीसी है, इसे जीवित रखना होगा। मजदूरों के अधिकारों और कंपनी के हित के लिए हमारा संघर्ष अटूट है।” सींग ने केंद्र सरकार की नीतियों को मजदूर विरोधी बताते हुए कहा कि इन नीतियों के कारण कई गतिरोध उत्पन्न हो रहे हैं, लेकिन फेडरेशन इन चुनौतियों का डटकर मुकाबला करेगा।

*मजदूर आंदोलन का ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य*

अमरजीत कौर ने अपने भाषण में मजदूर आंदोलन के ऐतिहासिक महत्व पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि भारत में मजदूर आंदोलन की शुरुआत 1827 में बंगाल के मजदूरों की हड़ताल से हुई थी, जब यूनियन जैसा कोई शब्द भी प्रचलित नहीं था। उन्होंने कहा, “उस समय मजदूरों को 12-16 घंटे काम करना पड़ता था, बिना वेतन, बिना सुरक्षा, बिना इलाज के। फिर भी, उन्होंने अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ विद्रोह किया।” कौर ने 1857 के स्वतंत्रता संग्राम और उसके बाद के मजदूर आंदोलनों का जिक्र करते हुए कहा कि मजदूरों ने हमेशा देश की आजादी और सामाजिक न्याय के लिए लड़ाई लड़ी है। उन्होंने बाल गंगाधर तिलक और लाला लाजपत राय जैसे स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान को भी याद किया, जिन्होंने मजदूर आंदोलनों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

*केंद्र सरकार और प्रबंधन पर निशाना*

कौर और गिरी दोनों ने केंद्र सरकार और एनएमडीसी प्रबंधन की नीतियों पर कड़ा प्रहार किया। कौर ने कहा, “आज की सरकार अडानी, अंबानी, जिंदल जैसे कॉरपोरेट्स के लिए प्रकृति के संसाधनों और पब्लिक सेक्टर पर कब्जा करने की साजिश रची जा रही है।” उन्होंने आदिवासियों और मजदूरों के संघर्ष का समर्थन करते हुए कहा कि ये लोग अपने अधिकारों और जमीन के लिए लड़ रहे हैं। गिरी ने प्रबंधन के हालिया कदमों, जैसे ट्रांसफर और फेशियल रिकॉग्निशन सिस्टम, को हाई कोर्ट के आदेशों का उल्लंघन बताया और कहा कि प्रबंधन “मोदी हुकूमत” के संरक्षण में निरंकुश हो गया है।

*मजदूरों से एकजुटता का आह्वान*

सभा के अंत में, अमरजीत कौर ने मजदूरों से एकजुट रहने और अपने अधिकारों के लिए लड़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, “हमारे पुरखों ने अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई लड़ी थी। आज हमें अपने ही देश में कॉरपोरेट्स और सरकार की गलत नीतियों के खिलाफ लड़ना है।” विद्यासागर गिरी ने मजदूरों से आगामी हड़ताल में सक्रिय भागीदारी की अपील की और कहा, “हड़ताल से प्रबंधन को मजदूरों की ताकत का अहसास होता है।”

*निष्कर्ष:* मजदूर आंदोलन की नई चिंगारीकिरंदुल में आयोजित इस आम सभा ने न केवल मजदूरों में नई ऊर्जा का संचार किया, बल्कि एनएमडीसी वर्कर्स फेडरेशन की एकजुटता और दृढ़ संकल्प को भी प्रदर्शित किया। अमरजीत कौर, विद्यासागर गिरी और ए.के. सींग के नेतृत्व में फेडरेशन ने स्पष्ट कर दिया कि वे न केवल अपने अधिकारों के लिए लड़ेंगे, बल्कि कंपनी और देश के पब्लिक सेक्टर को बचाने के लिए भी हर संभव प्रयास करेंगे। यह सभा मजदूर आंदोलन के इतिहास में एक और महत्वपूर्ण अध्याय जोड़ने की दिशा में एक कदम है।

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