*किरंदुल: एनएमडीसी का अस्थाई लोहे का पुल बना वार्ड नंबर 4 के लिए जी का जंजाल*
किरंदुल, 21 अप्रैल 2025: बस्तर जिले के किरंदुल में पिछले साल 21 जुलाई 2024 को आई भीषण बाढ़ ने बंगाली कैंप, वार्ड नंबर 4 में भारी तबाही मचाई थी। इस दौरान पानी निकासी के लिए एनएमडीसी द्वारा सीमेंट-कंक्रीट से बने एक पुल को तोड़ दिया गया। बारिश थमने के बाद वार्डवासियों की आवाजाही की समस्या को देखते हुए एनएमडीसी ने अस्थाई लोहे का पुल बनवाया, लेकिन यह पुल अब स्थानीय लोगों के लिए परेशानी का सबब बन गया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि नया लोहे का पुल पुराने टूटे हुए पुल की जगह पर न बनाकर निजी जमीन पर बनाया गया है। पुल का एक किनारा नाले के किनारे से सटा है, जहां चलने के लिए पर्याप्त जगह नहीं है। इस वजह से कई लोग पुल पार करते समय गिर चुके हैं और उन्हें चोटें भी आई हैं। पुराना टूटा हुआ पुल आज भी उसी हालत में पड़ा है, जिससे लोगों का गुस्सा और बढ़ गया है।
स्थानीय निवासी सपन सरकार ने बताया, “रात के समय स्थिति और बदतर हो जाती है। नगरपालिका ने इस गली में एक भी स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था नहीं की है, जिसके कारण अंधेरे में लोग गिर रहे हैं। बच्चों और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है।”वार्डवासियों ने नगरपालिका के मुख्य अधिकारी से मांग की है कि अस्थाई लोहे के पुल को पुराने टूटे पुल की जगह पर स्थापित किया जाए, ताकि आवाजाही में होने वाली दिक्कतें खत्म हो सकें। साथ ही, रात में उजाले के लिए स्ट्रीट लाइट लगाने की भी मांग की जा रही है।
स्थानीय पार्षद अमृत टंडन ने कहा, “हमने नगरपालिका और एनएमडीसी के अधिकारियों से कई बार इस मुद्दे पर बात की है, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। लोग रोजाना खतरे में अपनी जान जोखिम में डालकर इस पुल को पार कर रहे हैं।”
वार्ड नंबर 4 के निवासियों का कहना है कि अगर जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो वे विरोध प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। नगरपालिका और एनएमडीसी से लोगों की इस मांग पर तत्काल कार्रवाई की उम्मीद की जा रही है, ताकि वार्डवासियों को सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके।

