*दंतेवाड़ा के बचेली में अवैध अतिक्रमण पर बुलडोजर कार्रवाई के बाद ठेकेदार का आरोप, उपाध्यक्ष का खंडन*
दंतेवाड़ा जिले के बचेली नगरपालिका क्षेत्र में अवैध अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के बाद एक नया विवाद सामने आया है। वार्ड क्रमांक 8 में ट्रांसपोर्ट नगर मुक्तिधाम के पास नजूल भूमि पर पक्का निर्माण कर अवैध अतिक्रमण करने के आरोप में जिला प्रशासन और नगरपालिका बचेली द्वारा बुलडोजर कार्रवाई की गई थी। इस कार्रवाई के बाद स्थानीय ठेकेदार वर्मा की प्रतिक्रिया और उनके आरोपों ने पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया है।
क्या हुआ था?
कुछ दिनों से बचेली के मुक्तिधाम के पास नजूल भूमि पर पक्का भवन निर्माण चल रहा था। प्रशासन और नगरपालिका ने इसे अवैध अतिक्रमण मानते हुए बुलडोजर से कार्रवाई कर अतिक्रमण मुक्त कराया। यह बचेली नगरपालिका की पहली ऐसी बुलडोजर कार्रवाई बताई जा रही है।
कार्रवाई के बाद ठेकेदार वर्मा ने नगरपालिका उपाध्यक्ष सतीश चंदानी पर आरोप लगाया कि उन्होंने काम के बदले 5 लाख रुपये की मांग की थी। स्थानीय खबरों में इस आरोप के प्रसार के बाद उपाध्यक्ष सतीश चंदानी ने पत्रकार वार्ता कर आरोपों का खंडन किया।
उपाध्यक्ष का पक्ष
सतीश चंदानी ने कहा कि अवैध अतिक्रमण पर हुई कार्रवाई से ठेकेदार “खिसियानी बिल्ली खंभा नोचे” वाली कहानी बना रहे हैं। उन्होंने ठेकेदार को सलाह दी कि अगर उनके पास किसी प्रकार की मांग का साक्ष्य है या उन्होंने नगरपालिका को लिखित आवेदन देकर सीमेंट व निर्माण सामग्री रखने के लिए स्टोर बनाने की अनुमति मांगी थी, तो उस आवेदन की प्रति जनता के सामने रखें। उन्होंने यह भी कहा कि अगर निर्माण वैध था तो न्यायालय का दरवाजा खटखटाएं।
उपाध्यक्ष ने सवाल उठाया कि स्टोर के लिए टीन शेड पर्याप्त था, फिर लगभग 2500 वर्ग फीट जगह पर शौचालय, किचन जैसे घरेलू कमरों वाला पक्का निर्माण क्यों किया जा रहा था? यह उनके अनुसार गोदाम के नाम पर अवैध निर्माण का पुख्ता प्रमाण है। उन्होंने आरोप लगाया कि ठेकेदार पहले भी मंगल भवन निर्माण के समय इसी तरह गोदाम बनाकर बाद में पट्टा हासिल कर चुके हैं। इस बार भी वैसी ही तैयारी थी, लेकिन समय रहते कार्रवाई हो गई।
अतिरिक्त जानकारी
सूत्रों का दावा है कि मुक्तिधाम के शेड में सटर लगाकर बनाई गई दुकान का निर्माण भी ठेकेदार वर्मा से जुड़ा है। उनके कर्मचारी वहां सामग्री रखने-निकालने और ईंट जोड़ने का काम करते देखे गए थे।
तहसीलदार महेश कश्यप ने बताया कि वर्तमान में कब्जा करने वाले की स्पष्ट पहचान नहीं हो पाई है। अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ थाना बचेली में सरकारी संपत्ति पर कब्जे का FIR दर्ज किया जा चुका है। सही जानकारी मिलते ही गिरफ्तारी कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
मामला अब कहां पहुंचा?
एक तरफ प्रशासन अवैध अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को जायज बता रहा है, दूसरी तरफ ठेकेदार पक्ष आरोप लगा रहा है। उपाध्यक्ष ने ठेकेदार को अदालत जाने की चुनौती दी है। दोनों पक्षों के बयान आने के बाद पूरा मामला अब कानूनी और प्रशासनिक जांच का विषय बन गया है।

