*एनएमडीसी परियोजना अस्पताल में आयुष्मान कार्ड से इलाज शुरू, मरीजों को भोजन और दवाइयां नहीं मिलने की शिकायत*
डिस्चार्ज के बाद भी जरूरी दवाइयों की उपलब्धता पर सवाल, जिला प्रशासन से तत्काल जांच और सुधार की मांग
किरंदुल, दंतेवाड़ा। किरंदुल स्थित एनएमडीसी परियोजना अस्पताल में आयुष्मान कार्ड के माध्यम से मरीजों का उपचार शुरू होने से क्षेत्रवासियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की उम्मीद जगी है। लेकिन अब आयुष्मान कार्ड से भर्ती मरीजों को भोजन और आवश्यक दवाइयां उपलब्ध कराने की व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
कुछ लोगों एवं सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, आयुष्मान कार्ड के तहत भर्ती मरीजों को भोजन नहीं मिलने और उपचार के दौरान आवश्यक दवाइयों की उपलब्धता में कमी की शिकायत सामने आई है। इतना ही नहीं, अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद स्वास्थ्य सुधार के लिए चिकित्सक द्वारा निर्धारित तीन से पांच दिनों की दवाइयां भी मरीजों को उपलब्ध नहीं होने की बात कही जा रही है।
यदि इन शिकायतों में सच्चाई है, तो यह मरीजों के स्वास्थ्य और अस्पताल की व्यवस्थाओं से जुड़ा गंभीर मामला है। केवल आयुष्मान कार्ड से इलाज शुरू कर देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि योजना के निर्धारित प्रावधानों के अनुसार मरीजों को आवश्यक सुविधाएं मिलना भी जरूरी है।
अस्पताल की व्यवस्थाओं पर उठे सवाल
एनएमडीसी परियोजना अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर सामने आ रही शिकायतों के बीच आवश्यक दवाइयों के स्टॉक, मरीजों को भोजन उपलब्ध कराने की व्यवस्था और डिस्चार्ज के बाद दी जाने वाली दवाइयों की जांच आवश्यक है। अस्पताल प्रबंधन को भी इन शिकायतों पर अपना पक्ष स्पष्ट करना चाहिए।
कलेक्टर और जिला स्वास्थ्य अधिकारी से जांच की मांग
इस मामले में जिला कलेक्टर एवं जिला स्वास्थ्य एवं चिकित्सा अधिकारी, दंतेवाड़ा से तत्काल संज्ञान लेकर अस्पताल की व्यवस्थाओं की जांच कराने की मांग है। यदि जांच में लापरवाही या अनियमितता सामने आती है, तो जिम्मेदारों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए और आवश्यक दवाइयों की कमी को दूर कर मरीजों को निर्धारित सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
अब देखना होगा कि जिला प्रशासन इस मामले में कब तक संज्ञान लेता है और एनएमडीसी परियोजना अस्पताल में मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।
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