*छत्तीसगढ़ में किरंदुल से हुई सुरुवात “गड्ढे भरो, श्रमदान करो” अभियान ने पकड़ा जोर: बीजापुर में पूर्व मंत्री महेश गागड़ा के नेतृत्व में सड़क सुधार*
बीजापुर, 10 अक्टूबर 2025: छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले के किरंदुल से शुरू हुआ “गड्ढे भरो, श्रमदान करो” अभियान अब पूरे प्रदेश में लोकप्रियता हासिल कर रहा है। इस अनूठे जनसेवा अभियान की शुरुआत किरंदुल नगरपालिका उपाध्यक्ष बबलू सिद्दीकी, उनके सहयोगियों और स्थानीय पत्रकारों द्वारा की गई थी। यह अभियान अब कोंडागांव और बीजापुर जैसे जिलों में भी अपनी जड़ें जमा रहा है।
आज सुबह बीजापुर के भैरमगढ़ में NH-63 हाइवे पर जनप्रिय नेता और पूर्व मंत्री महेश गागड़ा के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकर्ताओं ने “सेवा ही समर्पण” के मंत्र के साथ सड़कों पर बड़े-बड़े गड्ढों को भरने का श्रमदान किया। इस हाइवे पर गड्ढों के कारण लंबे समय से लोगों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था, साथ ही दुर्घटनाओं की संख्या भी बढ़ रही थी।
महेश गागड़ा ने इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर श्रमदान की पहल की। इस अभियान में भाजपा मंडल अध्यक्ष चिन्नाराम तेलम, मंडल महामंत्री नितेश पांडेय, युवा मोर्चा महामंत्री बिलाल खान सहित अन्य कार्यकर्ताओं ने सक्रिय रूप से हिस्सा लिया। इस प्रयास से न केवल सड़क की स्थिति में सुधार हुआ, बल्कि स्थानीय लोगों में भी जनसेवा के प्रति जागरूकता बढ़ी।
*अभियान का प्रभाव और महत्व*
“गड्ढे भरो, श्रमदान करो” अभियान न केवल सड़कों की मरम्मत का एक प्रभावी तरीका साबित हो रहा है, बल्कि यह सामुदायिक सहभागिता और सामाजिक जिम्मेदारी का भी प्रतीक बन गया है। यह अभियान स्थानीय लोगों और नेताओं के बीच एकजुटता को दर्शाता है, जो बिना सरकारी सहायता के स्वयं की पहल से समस्याओं का समाधान कर रहे हैं।
स्थानीय निवासियों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि गड्ढों के कारण होने वाली दुर्घटनाओं और असुविधाओं में कमी आएगी। एक राहगीर ने कहा, “यह अभियान हमारी रोजमर्रा की जिंदगी को आसान बनाएगा। नेताओं और कार्यकर्ताओं का यह प्रयास सराहनीय है।”
*आगे की राह*
यह अभियान छत्तीसगढ़ के अन्य जिलों में भी प्रेरणा का स्रोत बन रहा है। महेश गागड़ा ने कहा, “हमारा उद्देश्य जनता की सेवा करना है। यह छोटा सा प्रयास बड़ा बदलाव ला सकता है। हम चाहते हैं कि यह अभियान पूरे प्रदेश में फैले और लोग स्वयं अपनी समस्याओं के समाधान के लिए आगे आएं।”
इस अभियान की सफलता से प्रेरित होकर अन्य जिलों में भी ऐसी पहल शुरू होने की संभावना है। यह न केवल सड़कों की स्थिति सुधारने में मदद करेगा, बल्कि सामुदायिक एकता और स्वावलंबन को भी बढ़ावा देगा।
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