*किरंदुल में लक्ष्मी देवी की दादागिरी पर नगर पालिका का एक्शन: रोड-नाली की सफाई शुरू, सामाजिक कार्यकर्ता को नोटिस की तैयारी*
किरंदुल, 4 अक्टूबर 2025: किरंदुल नगर पालिका के वार्ड नंबर 1 में सामाजिक कार्यकर्ता लक्ष्मी देवी की मनमानी के खिलाफ वार्डवासियों के सड़क जाम ने प्रशासन को तत्काल एक्शन लेने पर मजबूर कर दिया। लक्ष्मी देवी के घर की ढही दीवार का मलबा सड़क और नाली को जाम किए हुए था, जिससे गंदा पानी सड़क पर जमा होकर एक फुट गहरा तालाब बन गया था। कॉलोनीवासियों के आक्रोश और रोड जाम के बाद नगर पालिका ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सड़क और नाली की सफाई शुरू कर दी है। हालांकि, लक्ष्मी देवी की दादागिरी पर लगाम कसने के लिए उन्हें नोटिस थमाने की तैयारी भी चल रही है।
मामले की शुरुआत करीब एक महीने पहले हुई, जब भारी बारिश में लक्ष्मी देवी के घर की पुरानी दीवार ढह गई। मलबा सड़क पर बिखर गया, जिसने नाली को अवरुद्ध कर दिया और गंदा पानी सड़क पर जमा होने लगा। लक्ष्मी देवी, जो पेशे से ठेकेदार हैं और स्वयं का ट्रैक्टर रखती हैं, ने न केवल मलबा हटाने से इनकार किया, बल्कि नगर पालिका के सफाई कर्मियों को धमकी दी कि “मलबा हटाने से मेरा घर गिरा, तो पालिका जवाबदार होगी और मेरा घर बनाएगी।” इस दादागिरी के चलते मलबा सड़क पर पड़ा रहा, जिससे कॉलोनीवासियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
आज सुबह, तंग आकर वार्डवासियों ने सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन किया। उनके आक्रोश को देखते हुए नगर पालिका ने तुरंत कार्रवाई शुरू की। मुख्य अधिकारी के निर्देश पर सफाई कर्मियों ने सड़क से गंदा पानी हटाया और नाली में फंसे कचरे को साफ किया। नाली का पानी सड़क पर न आए, इसके लिए एक लेबर को नियमित सफाई के लिए तैनात किया गया है। इस कार्रवाई के बाद सड़क से पानी हट गया, जिससे राहत महसूस करते हुए कॉलोनीवासियों ने रोड जाम हटा लिया।
*नगर पालिका का सख्त रुख:*
नगर पालिका के मुख्य अधिकारी ने स्पष्ट किया कि लक्ष्मी देवी की मनमानी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने बताया, “लक्ष्मी देवी बार-बार नगर पालिका के कार्यों में हस्तक्षेप कर रही हैं और मलबा हटाने में बाधा डाल रही हैं। उन्हें जल्द ही नोटिस जारी किया जाएगा। अगर नोटिस के बाद भी वे अड़ंगा डालती हैं, तो उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई होगी।” उन्होंने जोड़ा कि लक्ष्मी देवी का घर उनकी निजी संपत्ति है, और इसके रखरखाव की जिम्मेदारी उनकी है। “नगर पालिका की उस घर के लिए कोई जवाबदेही नहीं है। लक्ष्मी देवी को अपने घर की देखभाल करनी चाहिए और इसे गिरने का इंतजार नहीं करना चाहिए।”
मुख्य अधिकारी ने यह भी बताया कि नागरिकों की सुरक्षा के लिए नगर पालिका जल्द ही उस क्षेत्र में रिटेनिंग वॉल का निर्माण करेगी, लेकिन इसका लक्ष्मी देवी के घर से कोई संबंध नहीं होगा। “हमारा लक्ष्य कॉलोनीवासियों की सुविधा और सुरक्षा सुनिश्चित करना है। रिटेनिंग वॉल सड़क और नाली की समस्या को स्थायी रूप से हल करेगी, लेकिन लक्ष्मी देवी को अपने घर की मरम्मत और मलबे की सफाई खुद करनी होगी,” उन्होंने कहा।
*वार्डवासियों की मांग:*
हालांकि सड़क और नाली की सफाई से तात्कालिक राहत मिली है, लेकिन वार्डवासी अब मलबे को पूरी तरह हटाने की मांग कर रहे हैं। “सड़क से पानी हट गया, यह अच्छा है, लेकिन मलबा अभी भी पड़ा है। जब तक यह पूरी तरह नहीं हटेगा, समस्या खत्म नहीं होगी,” स्थानीय निवासी रमेश साहू ने कहा। लोगों का गुस्सा लक्ष्मी देवी की दादागिरी पर भी बना हुआ है, जो सामाजिक कार्यकर्ता होने का दावा तो करती हैं, लेकिन जिम्मेदारी से भाग रही हैं। “अगर उनके पास ट्रैक्टर है, तो मलबा हटाने में क्या दिक्कत है? सामाजिक कार्यकर्ता का मतलब समाज की सेवा करना है, न कि दूसरों को परेशान करना,” एक अन्य निवासी सविता बाई ने कहा।
*विश्लेषण: प्रशासनिक कार्रवाई और सामाजिक जिम्मेदारी*
लक्ष्मी देवी का रवैया उनकी सामाजिक कार्यकर्ता की छवि को पूरी तरह धूमिल कर रहा है। एक ठेकेदार के रूप में उनके पास मलबा हटाने के लिए संसाधन और अनुभव दोनों हैं, फिर भी वे न केवल अपनी जिम्मेदारी से भाग रही हैं, बल्कि नगर पालिका के कार्यों में बाधा डाल रही हैं। उनकी धमकियां सफाई कर्मियों का मनोबल तोड़ने के साथ-साथ स्थानीय प्रशासन की कार्यक्षमता पर भी सवाल उठाती हैं।
नगर पालिका की त्वरित कार्रवाई सराहनीय है। सड़क और नाली की सफाई, साथ ही लेबर की तैनाती, दर्शाती है कि प्रशासन अब दबाव में सक्रिय हो रहा है। नोटिस जारी करने का निर्णय और रिटेनिंग वॉल की योजना इस दिशा में सकारात्मक कदम हैं। हालांकि, मलबा हटाने की प्रक्रिया में देरी और लक्ष्मी देवी की मनमानी को तुरंत रोकना जरूरी है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न दोहराई जाएं। जाम नालियों और गंदे पानी से होने वाली बीमारियां, जैसे डेंगू और मलेरिया, पहले ही क्षेत्र में खतरा बने हुए हैं। ऐसे में त्वरित और स्थायी समाधान जरूरी है।
*आगे की राह:*
नगर पालिका ने मलबा हटाने की प्रक्रिया जल्द शुरू करने का वादा किया है, और लक्ष्मी देवी को नोटिस भेजने की तैयारी चल रही है। वार्डवासी इस मामले पर कड़ी नजर रखे हुए हैं और मांग कर रहे हैं कि लक्ष्मी देवी अपनी जिम्मेदारी निभाएं। अगर लक्ष्मी देवी नोटिस के बाद भी सहयोग नहीं करतीं, तो कानूनी कार्रवाई तय मानी जा रही है। यह घटना किरंदुल जैसे छोटे शहरों में प्रशासनिक सख्ती और सामाजिक जिम्मेदारी के महत्व को रेखांकित करती है।
क्या लक्ष्मी देवी अपनी दादागिरी छोड़कर समाज के हित में कदम उठाएंगी, या यह मामला और गंभीर रूप लेगा? नगर पालिका की सक्रियता और नोटिस का असर आने वाले दिनों में साफ हो जाएगा।

