*किरंदुल-बचेली में दशहरा और गांधी जयंती पर मांसाहारी बिक्री पर रोक, नगरपालिका का सख्त निर्देश*
किरंदुल/बचेली, 29 सितंबर 2025: इस वर्ष 2 अक्टूबर को एक अनोखा संयोग बन रहा है, जब देशभर में दशहरा और गांधी जयंती एक ही दिन मनाई जाएगी। नवरात्रि के समापन के साथ दशहरा जहां उत्सव और परंपराओं का प्रतीक है, वहीं गांधी जयंती को पूरे भारत में शुष्क दिवस के रूप में मनाया जाता है, जिसमें मांसाहारी भोजन और शराब की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध रहता है। इस संयोग ने किरंदुल और बचेली के व्यापारियों व नागरिकों के बीच असमंजस की स्थिति पैदा कर दी है, क्योंकि दशहरा के दिन रावण भट्टा क्षेत्र में 70% दुकानें मांसाहारी बिरयानी और अन्य मांसाहारी व्यंजनों की बिक्री के लिए जानी जाती हैं।
इस मुद्दे पर स्पष्टता लाने के लिए किरंदुल नगरपालिका के मुख्य अधिकारी ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। सीजी संविधान न्यूज से बातचीत में मुख्य अधिकारी ने बताया, “2 अक्टूबर को गांधी जयंती के अवसर पर सरकारी आदेश के अनुसार मांसाहारी सामग्री की बिक्री और जीव हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। यदि कोई व्यक्ति या व्यापारी मांसाहारी सामग्री बेचते हुए पकड़ा गया या ऐसी कोई सूचना मिली, तो उनके खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।”
*नगरपालिका का व्यापारियों से आग्रह*
मुख्य अधिकारी ने सभी व्यापारियों से अपील की है कि वे 2 अक्टूबर को मांसाहारी सामग्री की बिक्री पूर्णतः बंद रखें। उन्होंने कहा, “हम व्यापारियों से अनुरोध करते हैं कि वे सरकारी आदेश का पालन करें और किसी भी प्रकार की परेशानी से बचें। नियमों का उल्लंघन करने वाले व्यापारी स्वयं इसके लिए जिम्मेदार होंगे।” इसके साथ ही, शराब की दुकानों को भी इस दिन बंद रखने का निर्देश दिया गया है।
*स्थानीय परंपराओं और नियमों का टकराव*
दशहरा के दिन कई समुदायों में मांसाहारी भोजन और शराब सेवन की सदियों पुरानी परंपरा रही है। रावण भट्टा जैसे क्षेत्रों में इस दिन मांसाहारी बिरयानी और अन्य व्यंजनों की भारी मांग रहती है। लेकिन गांधी जयंती के शुष्क दिवस के नियमों के कारण इस बार व्यापारियों को अपनी दुकानें बंद रखनी होंगी। इस स्थिति ने न केवल व्यापारियों, बल्कि स्थानीय नागरिकों के बीच भी चर्चा का माहौल बना दिया है।
*नागरिकों की प्रतिक्रिया*
स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह एक अनोखी स्थिति है, क्योंकि दोनों पर्वों का महत्व अलग-अलग है। एक स्थानीय निवासी रमेश साहू ने कहा, “दशहरा हमारा उत्सव है, लेकिन गांधी जयंती के नियमों का सम्मान भी जरूरी है। हम उम्मीद करते हैं कि नगरपालिका और प्रशासन इस मामले में स्पष्ट दिशा-निर्देश देकर सभी का सहयोग करेंगे।
किरंदुल नगरपालिका ने इस असमंजस की स्थिति को सुलझाने के लिए स्पष्ट निर्देश जारी कर दिए हैं। व्यापारियों और नागरिकों से अपील की गई है कि वे सरकारी नियमों का पालन करें और 2 अक्टूबर को मांसाहारी सामग्री की बिक्री से बचें। यह कदम न केवल गांधी जयंती के प्रति सम्मान दर्शाता है, बल्कि सामाजिक समरसता को भी बढ़ावा देता है। प्रशासन की इस पहल से यह स्पष्ट है कि इस बार का दशहरा और गांधी जयंती एक अनुशासित और शांतिपूर्ण तरीके से मनाया जाएगा।

