*श्री श्री सार्वजनिक शारदीया दुर्गा पूजा 2025: बंगीय सोशल एंड कल्चरल एसोसिएशन किरंदुल में 62वें वर्ष का भव्य आयोजन*
किरंदुल, दंतेवाड़ा (छत्तीसगढ़): बंगीय सोशल एंड कल्चरल एसोसिएशन, किरंदुल द्वारा आयोजित श्री श्री सार्वजनिक शारदीया दुर्गा पूजा इस वर्ष अपने 62वें वर्ष में प्रवेश कर रही है। 1963 में स्थापित यह पूजा समिति बंगाली कॉलोनी, शांति नगर, किरंदुल में हर साल मां दुर्गा की भक्ति और सांस्कृतिक उत्साह के साथ इस पर्व को मनाती है। बांग्ला सन 1432 (अंग्रेजी सन 2025) में यह उत्सव 21 सितंबर से शुरू होकर 20 अक्टूबर तक विभिन्न धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ संपन्न होगा।
*पूजा का शुभारंभ: महालया से विजयादशमी तक*
इस वर्ष 21 सितंबर 2025 को महालया के साथ उत्सव की शुरुआत हो गयी है। भोर 4:00 बजे चण्डी पाठ और प्रातः 8:00 बजे कदली छेदन के साथ पूजा का शुभारंभ हो गया। इसके बाद 28 सितंबर से 2 अक्टूबर तक महाषष्टी, महासप्तमी, महाष्टमी, महानवमी और महादशमी के अनुष्ठान भक्ति और उत्साह के साथ आयोजित किए जाएंगे।
28 सितंबर (महाषष्टी): सायं 6:30 बजे मां दुर्गा का बोधन, आमंत्रण और अधिवास होगा।
29 सितंबर (महासप्तमी): प्रातः 7:00 बजे गंगा वरण, 8:29 से पूजा और 11:00 बजे पुष्पांजली होगी। रात्रि में डांडिया जैसे सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे।
30 सितंबर (महाष्टमी): प्रातः 8:29 बजे महाष्टमी पूजा, दोपहर 1:21 से संधि पूजा और बलिदान, दोपहर 12:00 बजे महाभंडारा और रात्रि में आरती प्रतियोगिता होगी।
1 अक्टूबर (महानवमी): प्रातः 8:29 से पूजा, दोपहर 12:00 बजे हवन और सायं 6:30 बजे संध्या आरती होगी।
2 अक्टूबर (महादशमी): प्रातः 7:00 बजे दशमी पूजा, 9:29 बजे पुष्पांजली, 11:30 बजे सिंदुर दान और अपराह्न 3:00 बजे मां दुर्गा की प्रतिमा का विसर्जन होगा।
20 अक्टूबर (श्री श्री श्यामा पूजा): मध्यरात्रि 12:00 बजे पूजा शुरू होगी, जिसके बाद हवन और विसर्जन होगा।
*सांस्कृतिक और सामाजिक महत्व*
यह पूजा समिति न केवल धार्मिक आयोजन करती है, बल्कि सांस्कृतिक एकता और सामुदायिक सहभागिता को भी बढ़ावा देती है। डांडिया, आरती प्रतियोगिता और रात्रिकालीन सांस्कृतिक कार्यक्रम स्थानीय निवासियों और बंगाली समुदाय को एक मंच पर लाते हैं। समिति के अध्यक्ष श्री तपन हालदार और सचिव श्री सुभाष नंदी के नेतृत्व में यह आयोजन हर साल भव्यता के साथ संपन्न होता है।
*समुदाय का सहयोग और आभार*
समिति ने पिछले 61 वर्षों से इस उत्सव को सफल बनाने में दानदाताओं और सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया है। इस वर्ष भी समिति को पूर्ण विश्वास है कि समुदाय का सहयोग 62वें वर्ष के उत्सव को और भी भव्य बनाएगा। विशेष रूप से, श्रीमती रुबी शैलेंद्र सिंह (अध्यक्षा, नगर पालिका किरंदुल) जैसे पृष्ठ पोषकों और सलाहकारों का योगदान इस आयोजन को और अधिक गरिमामय बनाता है।
निष्कर्ष
श्री श्री सार्वजनिक शारदीया दुर्गा पूजा, किरंदुल का यह आयोजन न केवल धार्मिक उत्साह का प्रतीक है, बल्कि सामुदायिक एकता और सांस्कृतिक विरासत का उत्सव भी है। मां दुर्गा की कृपा और समुदाय के सहयोग से यह उत्सव इस वर्ष भी भक्ति, उल्लास और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करेगा।
संपर्क: श्री श्री सार्वजनिक शारदीया दुर्गा पूजा समिति, बंगाली कॉलोनी, शांति नगर, किरंदुल, दंतेवाड़ा (छ.ग.)

