*पत्रकारों की एकजुटता से बनेगी मजबूत और स्वतंत्र पत्रकारिता: छत्तीसगढ़ पत्रकार महासंघ*
रायपुर, 19 सितंबर 2025: पत्रकारिता, जिसे लोकतंत्र का चौथा स्तंभ माना जाता है, आज कई चुनौतियों से जूझ रही है। समाज को जागरूक करने और शासन-प्रशासन की नीतियों का मूल्यांकन करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले पत्रकार आज शोषण, उपेक्षा और आर्थिक असुरक्षा के शिकार हो रहे हैं। इस गंभीर स्थिति को संबोधित करते हुए पत्रकार महासंघ छत्तीसगढ़ ने सभी पत्रकारों से एकजुट होकर अपने अधिकारों की रक्षा करने और स्वतंत्र पत्रकारिता को मजबूत करने की अपील की है।
पत्रकार महासंघ ने रायपुर में आयोजित एक कार्यक्रम में पत्रकारों की समस्याओं पर प्रकाश डाला। महासंघ के अनुसार, पत्रकार न केवल पेशेवर चुनौतियों का सामना कर रहे हैं, बल्कि व्यक्तिगत स्तर पर भी उन्हें आर्थिक, मानसिक और शारीरिक दबाव का सामना करना पड़ रहा है। कई मीडिया संस्थानों में पत्रकारों से लंबे समय तक काम लिया जाता है, लेकिन उचित वेतन और सुविधाएँ नहीं दी जातीं। इससे पत्रकारों को परिवार के भरण-पोषण, बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत जरूरतों के लिए संघर्ष करना पड़ता है।
इसके साथ ही, चौबीसों घंटे खबरों की खोज और दबाव में काम करने के कारण पत्रकारों में तनाव, उच्च रक्तचाप और मधुमेह जैसी स्वास्थ्य समस्याएँ बढ़ रही हैं। अनियमित जीवनशैली और नींद की कमी ने उनके शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। इन चुनौतियों के बावजूद, पत्रकार समाज की सच्चाई को उजागर करने और भ्रष्टाचार, शोषण व अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने में कोई कसर नहीं छोड़ते।
पत्रकार महासंघ छत्तीसगढ़ ने जोर देकर कहा कि पत्रकारिता को लोकतंत्र का प्रहरी बनाए रखने के लिए पत्रकारों के अधिकारों और सम्मान की रक्षा जरूरी है। महासंघ ने सभी पत्रकारों से अपील की है कि वे व्यक्तिगत स्तर पर नहीं, बल्कि सामूहिक रूप से संगठित होकर अपनी माँगों को उठाएँ। महासंघ का कहना है, “जब तक हम एकजुट होकर अपनी आवाज नहीं उठाएँगे, तब तक हमें न तो उचित अधिकार मिलेंगे और न ही इस पेशे का सम्मान सुरक्षित रहेगा।”
*मजबूत पत्रकारिता के लिए साझा प्रयास जरूरी*
पत्रकार महासंघ ने यह भी रेखांकित किया कि पत्रकारिता का गौरव और स्वतंत्रता तभी बरकरार रह सकती है, जब पत्रकार न केवल अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करें, बल्कि अपने हकों के लिए भी लड़ें। महासंघ ने समाज और सरकार से भी अपील की है कि पत्रकारों की सुरक्षा, बेहतर कार्यस्थितियों और उचित वेतन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
यह पहल न केवल छत्तीसगढ़ के पत्रकारों के लिए, बल्कि देशभर के पत्रकार समुदाय के लिए एक प्रेरणा बन सकती है। पत्रकार महासंघ छत्तीसगढ़ की इस अपील से यह स्पष्ट है कि एकजुटता और साझा प्रयासों से ही पत्रकारिता का चौथा स्तंभ और मजबूत होगा, जो लोकतंत्र को सशक्त बनाने में अपनी भूमिका बखूबी निभा सकेगा।
पत्रकार महासंघ छत्तीसगढ़ की यह पहल पत्रकारों के हितों की रक्षा और स्वतंत्र पत्रकारिता को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। अब समय है कि पत्रकार समुदाय एकजुट होकर अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाए और समाज में सच्चाई का प्रहरी बनकर लोकतंत्र को और सशक्त बनाए।
