*किरंदुल: मांसाहारी बाजार में जलभराव की समस्या पर व्यापारियों का चक्का जाम, नगरपालिका उपाध्यक्ष के नेतृत्व में 2 घंटे में समाधान!*

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*किरंदुल: मांसाहारी बाजार में जलभराव की समस्या पर व्यापारियों का चक्का जाम, नगरपालिका उपाध्यक्ष के नेतृत्व में 2 घंटे में समाधान!*

किरंदुल, 14 सितंबर 2025 (स्पेशल रिपोर्ट): छत्तीसगढ़ के किरंदुल शहर में मांसाहारी बाजार के व्यापारियों की लंबे समय से चली आ रही जलभराव की समस्या आज एक ऐतिहासिक मोड़ ले चुकी है। नगरपालिका उपाध्यक्ष बबलू सिद्दीकी के नेतृत्व में व्यापारियों ने एनएमडीसी रोड पर चक्का जाम कर दिया, जिसके मात्र 2 घंटे बाद प्रशासन ने घुटने टेक दिए। वैकल्पिक नाली निर्माण का कार्य तत्काल शुरू होने से बाजार में खुशी की लहर दौड़ पड़ी है। यह घटना न केवल स्थानीय व्यापारियों के लिए राहत की सांस है, बल्कि नागरिक आंदोलनों की ताकत का भी प्रतीक बन गई है।

*समस्या की जड़: बार-बार जलभराव से लाखों का नुकसान*

किरंदुल का मांसाहारी बाजार शहर का व्यस्त व्यापारिक केंद्र है, लेकिन यहां आने वाले दिनों 2-3 फीट तक जलभराव व्यापारियों के लिए अभिशाप साबित हो रहा है। इस वर्ष 19 मई 2025 से अब तक बारिश का पानी पूरे 7 बार बाजार में घुस चुका है, जिससे दुकानें डूब जाती हैं, सामान खराब हो जाता है और ग्राहक दूर भागते हैं। व्यापारियों का अनुमान है कि इससे लाखों रुपये का नुकसान हो चुका है। बावजूद इसके, सरकार और प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया था। व्यापारी परेशान थे कि उनकी पुकार कौन सुनेगा?

*आंदोलन का उदय: उपाध्यक्ष सिद्दीकी बने व्यापारियों के मसीहा*

आज सुबह व्यापारियों की पुकार पर नगरपालिका उपाध्यक्ष बबलू सिद्दीकी ने सक्रिय भूमिका निभाई। उन्होंने खुद सड़क पर उतरकर एनएमडीसी रोड पर चक्का जाम का नेतृत्व किया। इस आंदोलन को देखते हुए बैलाडीला व्यापारी कल्याण संघ के पूर्व अध्यक्ष मनोज छालीवाल, जितेंद्र गुप्ता, सुनील गुप्ता, संदीप साओ, जहाज सोनबॉयर, राजेश लोंहरे और गणेश गुप्ता जैसे प्रमुख व्यापारियों ने तुरंत समर्थन जुटाया। सड़क पर उतरे सैकड़ों लोग नारेबाजी कर रहे थे: “जलभराव बंद करो, व्यापार बचाओ!”

*प्रशासन की फटाफट कार्रवाई: समझौते से जाम समाप्त*

चक्का जाम की खबर फैलते ही नगरपालिका के पूर्व अध्यक्ष शैलेंद्र सिंग और वर्तमान अध्यक्ष रूबी सिंग घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने व्यापारियों की परेशानी सुनी और तत्काल वैकल्पिक नाली निर्माण का आश्वासन दिया। कार्य के लिऐ मशीन लगाया गया और मौके पर ही  नाली निर्माण का कार्य प्रारम्भ कर दिया गया। इसके बाद आपसी समझौते से चक्का जाम समाप्त हो गया। उपाध्यक्ष सिद्दीकी ने कहा, “व्यापारियों की आवाज हमारी आवाज है। आज का यह कदम साबित करता है कि एकजुट होकर कोई भी समस्या हल की जा सकती है।”

*व्यापारियों की प्रतिक्रिया: “यह हमारी जीत है!*

बाजार के  प्रमुख व्यापारी मनोज छालीवाल ने बताया, “कई महीनों से हम परेशान थे, लेकिन आज उपाध्यक्ष के नेतृत्व में हमारी बात सुनी गई। अब जलभराव की समस्या समाप्त हो सकती है ।” वहीं, जितेंद्र गुप्ता ने कहा, “यह आंदोलन अन्य बाजारों के लिए उदाहरण बनेगा। सरकार को अब जागना पड़ेगा।”

यह घटना स्थानीय स्तर पर न केवल जलभराव समस्या का समाधान है, बल्कि नागरिकों और प्रशासन के बीच संवाद की मिसाल भी कायम करती है। किरंदुल के निवासियों को उम्मीद है कि ऐसी त्वरित कार्रवाई भविष्य में अन्य मुद्दों पर भी दोहराई जाएगी। बाजार अब पूरी तरह से पटरी पर लौट चुका है, और व्यापारियों के चेहरों पर मुस्कान लौट आई है।

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