*किरंदुल साप्ताहिक बाजार में व्यापारियों के बीच विभाजन का असर: बाजार गलियां खाली, मुख्य सड़क पर भीड़*

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*किरंदुल साप्ताहिक बाजार में व्यापारियों के बीच विभाजन का असर: बाजार गलियां खाली, मुख्य सड़क पर भीड़*

किरंदुल, 10 सितंबर 2025: छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले के किरंदुल में बुधवार के साप्ताहिक बाजार के दिन व्यापारियों के बीच बढ़ते मतभेदों का असर साफ दिखाई दिया। स्थानीय किरंदुल व्यापारी कल्याण संघ (केवीकेस) द्वारा कथित तौर पर व्यापारियों को दो गुटों में बांटने की कोशिश के चलते बाजार की आंतरिक गलियां पूरी तरह खाली रहीं, जबकि मुख्य सड़क पर ग्रामीण क्षेत्रों से आए छोटे-मोटे व्यापारियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह स्थिति संघ के आगामी चुनावों से जुड़ी आंतरिक राजनीति का परिणाम है, जो 15 सितंबर को होने वाले मतदान से ठीक पहले उभर रही है।

बुधवार को किरंदुल का साप्ताहिक बाजार हमेशा की तरह सब्जी, जूते, कपड़े और अन्य आवश्यक वस्तुओं के लिए ग्रामीणों का प्रमुख केंद्र होता है। लेकिन इस बार स्थिति उलट थी। संघ के फाउंडर सदस्यों की दुकानों वाली गलियां सुबह से ही वीरान रहीं, जहां स्थानीय व्यापारी ग्राहकों का इंतजार करते नजर आए। दूसरी ओर, बाजार से बाहर ग्रामीण मुख्य सड़क पर फुटकर व्यापारियों ने अपनी दुकानें सजाईं, जिससे वहां खचाखच भीड़ जमा हो गई। स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि यह विभाजन संघ की ओर से की गई साजिश का नतीजा है, जिससे व्यापारियों की एकजुटता टूट रही है।

यह मुद्दा किरंदुल में बाजार व्यवस्था की पुरानी समस्या से जुड़ा है। पिछले वर्षों में प्रशासन ने कई बार साप्ताहिक बाजार को मुख्य सड़क से हटाकर आंतरिक बाजार क्षेत्र में स्थानांतरित करने की कोशिश की, लेकिन व्यापारियों के विरोध के कारण यह सफल नहीं हो सका। दिसंबर 2024 में नगरीय प्रशासन ने सब्जी विक्रेताओं को बाजार के अंदर बिठाने के लिए विशेष अभियान चलाया था, लेकिन सड़क पर जाम और यातायात की समस्या बनी रही। अब, संघ के आंतरिक विवाद के चलते यह समस्या और गंभीर हो गई है। एक स्थानीय व्यापारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, “संघ चुनाव के कारण गुटबाजी बढ़ गई है। जो लोग नामांकन भर चुके हैं, वे अपनी दुकानों को प्रभावित कर रहे हैं, जिससे ग्रामीण व्यापारी सड़क पर मजबूर हैं।”

बैलाडीला व्यापारी कल्याण संघ का गठन व्यापारियों के हितों की रक्षा के लिए किया गया है , लेकिन हाल के दिनों में कुछ कथाकथित लोभी स्वार्थी परिवार भेदी धृतराष्ट दुर्योधन नारदमुनी जैसे शब्दों से सुसोभित ORS द्वारा विवाद उभर आए हैं। 30 अगस्त 2025 को अंबेडकर भवन में हुई आम सभा में चुनाव की तारीख 15 सितंबर बंद कमरे की गई थी , और इसके लिए संचालन समिति का गठन भी  बंद कमरे मे हुआ। प्रेस वार्ता में संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि चुनाव व्यापारियों का सुनहरा भविष्य तय करेगा, लेकिन विपक्षी गुटों ने बैलाडीला व्यापारी कल्याण संघ के साथ जुड़कर नया संगठन “किरंदुल ठेकेदार व्यापारी कल्याण संघ” बनाने का आरोप लगाया है। सचिव पद के एक मजबूत दावेदार पर बंद कमरों में जीत तय करने का इल्जाम लग रहा है, जो इस विभाजन का मुख्य कारण माना जा रहा है।

स्थानीय निवासियों और व्यापारियों का कहना है कि यदि यह स्थिति बनी रही, तो ग्राहक-रहित दुकानें चलाने वाले व्यापारी फिर से मुख्य सड़क पर लौट सकते हैं, जिससे यातायात जाम और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ेगा। 8 सितंबर को छत्तीसगढ़ क्लब में हुई एक और सभा में नए संचालन समिति पर चर्चा हुई, लेकिन विभाजन के मुद्दे पर कोई ठोस फैसला नहीं लिया गया। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, पुलिस और नगरीय निकाय बाजार व्यवस्था को नियंत्रित करने के लिए निगरानी बढ़ा रहे हैं।

व्यापारी समुदाय से अपील की जा रही है कि चुनावी राजनीति से ऊपर उठकर एकजुट रहें, ताकि किरंदुल जैसे दूरस्थ क्षेत्र में व्यापार सुचारू रूप से चल सके। संघ के पदाधिकारियों से संपर्क करने पर कोई टिप्पणी नहीं मिली, लेकिन आने वाले दिनों में यह मुद्दा और गर्मा सकता है।

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