*दंतेवाड़ा में गणेश चतुर्थी की तैयारियां जोरों पर: मूर्तिकार दे रहे मूर्तियों को अंतिम रूप, जानें शुभ मुहूर्त*

दंतेवाड़ा, 26 अगस्त 2025: मूसलाधार बारिश और बाढ़ के बीच दंतेवाड़ा जिले में गणेश चतुर्थी की तैयारियां अपने चरम पर हैं। भगवान गणपति, जिन्हें विघ्नहर्ता और मंगलकर्ता के रूप में पूजा जाता है, की मूर्तियों को अंतिम रूप देने में जिले के मूर्तिकार अपनी कला और श्रद्धा के साथ जुटे हुए हैं। कल, 27 अगस्त को गणेश चतुर्थी के पावन पर्व पर गणनायक अपने भक्तों के बीच विराजमान होंगे।
*मूर्तिकारों की कला और श्रद्धा*
जिले के मूर्तिकार बरसात की चुनौतियों के बावजूद गणपति की मूर्तियों को अंतिम रूप देने में दिन-रात मेहनत कर रहे हैं। मिट्टी, बांस, और रंगों से सजी इन मूर्तियों में मूर्तिकार अपनी पारंपरिक कला का प्रदर्शन कर रहे हैं। स्थानीय मूर्तिकार हरु ने बताया, “हम हर साल गणपति बप्पा की मूर्तियां बनाते हैं। इस बार बारिश ने थोड़ी मुश्किलें बढ़ाई हैं, लेकिन हमारी श्रद्धा और कला के सामने कोई रुकावट नहीं टिकती।” छोटी-बड़ी मूर्तियों को सजाने के लिए मूर्तिकार गंगा की मिट्टी और रंग-बिरंगे सजावटी सामान का उपयोग कर रहे हैं, जो इन मूर्तियों को और भी आकर्षक बना रहा है।
*गणेश चतुर्थी की तैयारियां*
दंतेवाड़ा में गणेश उत्सव का उत्साह चारों ओर देखा जा सकता है। बाजारों में रंग-बिरंगे पंडाल सज रहे हैं, और भक्त पूजा की तैयारियों में व्यस्त हैं। स्थानीय निवासियों और युवाओं में इस पर्व को लेकर खासा उत्साह है। पंडालों में भगवान गणेश की मूर्तियों की स्थापना के साथ ही भक्ति भजनों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की तैयारियां भी जोरों पर हैं।
*गणेश चतुर्थी 2025: शुभ मुहूर्त*
इस वर्ष गणेश चतुर्थी 27 अगस्त 2025 को मनाई जाएगी। ज्योतिषियों के अनुसार, इस दिन पूजा के लिए शुभ मुहूर्त इस प्रकार हैं:
मध्याह्न पूजा मुहूर्त: सुबह 11:05 बजे से दोपहर 1:40 बजे तक (2 घंटे 34 मिनट)
विजया मुहूर्त: दोपहर 2:30 बजे से 3:20 बजे तक
चतुर्थी तिथि: दोपहर 3:44 बजे तक
विशेष योग: सर्वार्थ सिद्धि योग के साथ चित्रा नक्षत्र, जो इस दिन को अत्यंत शुभ बनाता है।
ज्योतिषी पंडित श्याम सुंदर शर्मा ने बताया, “इस बार गणेश चतुर्थी पर सर्वार्थ सिद्धि योग और चित्रा नक्षत्र का संयोग है, जो भक्तों के लिए विशेष रूप से मंगलकारी है। इस मुहूर्त में गणपति की पूजा करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण हो सकती हैं।”
*बारिश के बीच उत्साह*
मूसलाधार बारिश और बाढ़ की स्थिति के बावजूद, दंतेवाड़ा के लोगों का उत्साह कम नहीं हुआ है। मूर्तिकारों ने बारिश से बचाव के लिए विशेष व्यवस्था की है ताकि मूर्तियों को नुकसान न पहुंचे। स्थानीय प्रशासन भी गणेश उत्सव के लिए सुरक्षा और व्यवस्था सुनिश्चित करने में जुटा है। पंडालों में जलभराव से बचने के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं, और भक्तों की सुविधा के लिए यातायात और अन्य व्यवस्थाएं की जा रही हैं।
*भक्तों में उत्साह*
स्थानीय निवासी रमेश ठाकुर ने कहा, “गणेश चतुर्थी हमारे लिए बहुत खास है। बारिश हो या धूप, बप्पा का आशीर्वाद हमें हर मुश्किल से निकालता है। इस बार हम पूरे परिवार के साथ मिलकर पूजा करेंगे।” गणेश चतुर्थी का यह पर्व न केवल धार्मिक महत्व रखता है, बल्कि यह सामाजिक एकता और सांस्कृतिक विरासत को भी दर्शाता है।
निष्कर्ष
दंतेवाड़ा में गणेश चतुर्थी की तैयारियां बारिश की चुनौतियों के बीच भी पूरे जोश के साथ चल रही हैं। मूर्तिकारों की कला और भक्तों की श्रद्धा इस पर्व को और भी विशेष बना रही है। 27 अगस्त को भगवान गणेश की मूर्तियों की स्थापना के साथ जिला भक्ति और उत्साह के रंग में रंग जाएगा। सभी भक्तों को गणेश चतुर्थी की शुभकामनाएं!
गणपति बप्पा मोरया, मंगलमूर्ति मोरया!
