*हरितालिका तीज और छत्तीसगढ़ की तीजा: श्री राघव मंदिर में भक्ति और संस्कृति का संगम*

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*हरितालिका तीज और छत्तीसगढ़ की तीजा: श्री राघव मंदिर में भक्ति और संस्कृति का संगम*

किरन्दुल, 25 अगस्त 2025: छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक और धार्मिक धरोहर का प्रतीक तीजा पर्व, जिसे हरितालिका तीज के रूप में भी जाना जाता है, इस वर्ष बैलाडीला देवस्थान समिति द्वारा श्री राघव मंदिर, किरन्दुल में बड़े उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। यह पर्व छत्तीसगढ़ की मातृ-शक्तियों के लिए न केवल आध्यात्मिक महत्व रखता है, बल्कि यह उनकी सामाजिक और सांस्कृतिक एकता का भी प्रतीक है। समिति ने नगर की सभी माताओं, बहनों और मातृ-शक्तियों को इस पावन अवसर पर सादर आमंत्रित किया है।

*छत्तीसगढ़ की तीजा और हरितालिका तीज का महत्व*

छत्तीसगढ़ में तीजा पर्व भाद्रपद मास की शुक्ल पक्ष की तृतीया को बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। यह पर्व सुहागिन महिलाओं द्वारा अपने पति की दीर्घायु और अखंड सौभाग्य की कामना के लिए और अविवाहित युवतियों द्वारा मनचाहा वर पाने के लिए किया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यह व्रत भगवान शिव और माता पार्वती की कृपा प्राप्त करने के लिए रखा जाता है। इस दिन महिलाएं निर्जला व्रत का पालन करती हैं और गौरी-शंकर की पूजा-अर्चना करती हैं। छत्तीसगढ़ में तीजा का उत्सव न केवल धार्मिक अनुष्ठानों तक सीमित है, बल्कि यह सामाजिक समरसता, नृत्य, गीत और पारंपरिक परिधानों का भी उत्सव है, जो इस पर्व को और भी रंगीन बनाता है।

*श्री राघव मंदिर में तीजा का आयोजन*

बैलाडीला देवस्थान समिति द्वारा आयोजित हरितालिका तीज पूजन, जो छत्तीसगढ़ में तीजा के नाम से प्रसिद्ध है, 26 अगस्त 2025, मंगलवार को श्री राघव मंदिर में सायं 7 बजे (नित्य आरती के बाद) शुरू होगा। यह मंदिर किरन्दुल नगर की आस्था और श्रद्धा का केंद्र है, जहां हर वर्ष तीजा का पर्व भक्ति और उल्लास के साथ मनाया जाता है। इस आयोजन में महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में सजकर माता पार्वती और भगवान शिव की पूजा करेंगी, साथ ही छत्तीसगढ़ी संस्कृति के गीत और नृत्य इस अवसर को और भी विशेष बनाएंगे।

*नगर परिवार का आमंत्रण*

समिति ने नगर की सभी माताओं, बहनों और मातृ-शक्तियों से इस पवित्र आयोजन में शामिल होने का आह्वान किया है। यह अवसर न केवल धार्मिक अनुष्ठानों का हिस्सा बनने का है, बल्कि छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं को जीवंत रखने का भी है। पूजा की विस्तृत जानकारी के लिए श्री राघव मंदिर के प्रधान पुजारी श्री सत्येंद्र प्रसाद शुक्ल जी से मोबाइल नंबर 7898590528 पर संपर्क किया जा सकता है।

*तीजा और छत्तीसगढ़ी संस्कृति का संगम*

छत्तीसगढ़ में तीजा का पर्व केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक एकता का उत्सव है। इस दिन महिलाएं अपने घरों को सजाती हैं, मेहंदी लगाती हैं, और पारंपरिक छत्तीसगढ़ी गीत गाकर माहौल को भक्तिमय बनाती हैं। श्री राघव मंदिर में आयोजित यह पूजन इस सांस्कृतिक धरोहर को और मजबूत करेगा, जहां नगर परिवार एकजुट होकर तीजा की खुशियां साझा करेगा।

*निष्कर्ष*

हरितालिका तीज और छत्तीसगढ़ का तीजा पर्व भक्ति, संस्कृति और सामाजिक समरसता का अनूठा मेल है। श्री राघव मंदिर में आयोजित यह पूजन न केवल मातृ-शक्ति के सम्मान का प्रतीक है, बल्कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को भी उजागर करता है। बैलाडीला देवस्थान समिति सभी नगरवासियों को इस पावन अवसर पर एक साथ मिलकर माता पार्वती और भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने के लिए आमंत्रित करती है।

जय श्री राम! जय छत्तीसगढ़!

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