*हैदराबाद: भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के वरिष्ठ नेता सुरवरम सुधाकर रेड्डी का निधन, वामपंथी आंदोलन को अपूरणीय क्षति*

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

*हैदराबाद: भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के वरिष्ठ नेता सुरवरम सुधाकर रेड्डी का निधन, वामपंथी आंदोलन को अपूरणीय क्षति*

हैदराबाद, 23 अगस्त 2025: भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद सुरवरम सुधाकर रेड्डी का शुक्रवार रात, 22 अगस्त 2025 को हैदराबाद में लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। 83 वर्षीय कामरेड सुधाकर रेड्डी वामपंथी राजनीति के कद्दावर नेता थे, जिन्होंने तेलंगाना और देशभर में पार्टी को मजबूत करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनके निधन को राष्ट्रीय क्षति और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के लिए अपूरणीय क्षति माना जा रहा है, खासकर ऐसे समय में जब देश में फासीवादी ताकतें सिर उठा रही हैं।

*जीवन परिचय और योगदान*

25 मार्च 1942 को हैदराबाद में जन्मे सुरवरम सुधाकर रेड्डी ने कुरनूल के नगर पालिका हाई स्कूल और कर्नल मेमोरियल हाई स्कूल से प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त की। उन्होंने इतिहास में स्नातक (बीए) और 1967 में हैदराबाद के उस्मानिया विश्वविद्यालय के लॉ कॉलेज से एलएलबी की डिग्री हासिल की। अपने लंबे राजनीतिक जीवन में उन्होंने शोषित, पीड़ित और मजदूर वर्ग के अधिकारों, सामाजिक न्याय और धर्मनिरपेक्ष मूल्यों के लिए अटूट प्रतिबद्धता दिखाई, जिसके लिए उन्हें व्यापक सम्मान प्राप्त था।

कामरेड सुधाकर रेड्डी दो बार नलगोंडा से सांसद रहे और तेलंगाना में सीपीआई को मजबूत करने में उनकी भूमिका अतुलनीय रही। उन्होंने अपने विचारों और कार्यों से वामपंथी आंदोलन को नई दिशा प्रदान की।

*श्रद्धांजलि सभा में दी गई भावपूर्ण विदाई*

उनके निधन पर शनिवार, 23 अगस्त 2025 को शाम 7 बजे छत्तीसगढ़ के बचेली में संयुक्त खदान मजदूर संघ (एटक) भवन में एक श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस दौरान कामरेड सुधाकर रेड्डी को दो मिनट का मौन धारण कर और बुलंद नारों के बीच श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

श्रद्धांजलि सभा में संयुक्त खदान मजदूर संघ (एसकेएमएस) के सचिव कामरेड टी.जे. शंकर राव, अध्यक्ष जागेश्वर प्रसाद, सीपीआई सचिव बहिलोचन श्रीवास्तव, एम.आर. बारसा, संतोष टंडन, किर्तन साहू, संतोष दास, सचिन शर्मा, गुणसेगर टांगराज, लक्ष्मण कुंजाम, महिला संगठन की संरक्षक ग्रेसी बारसा, सचिव हनिषा बारसा, अध्यक्ष पी. भाग्यवती, कोमल भंडारी, नुरपती बघेल, कविता धृतलहरे सहित अन्य साथी उपस्थित रहे।

*वामपंथी आंदोलन के लिए अपूरणीय क्षति*

कामरेड सुधाकर रेड्डी का निधन ऐसे समय में हुआ है, जब देश में सामाजिक और राजनीतिक चुनौतियां बढ़ रही हैं। उनके सहयोगी और समर्थक उनके विचारों और संघर्ष को आगे बढ़ाने का संकल्प ले रहे हैं। उनकी स्मृति में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में उपस्थित सभी लोगों ने उनके योगदान को याद करते हुए उनके आदर्शों को जीवित रखने का प्रण लिया।

कामरेड सुधाकर रेड्डी का निधन न केवल भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, बल्कि समस्त वामपंथी आंदोलन और सामाजिक न्याय के लिए लड़ने वालों के लिए एक गहरी क्षति है।

Leave a Comment

और पढ़ें

Buzz4 Ai

Read More Articles