*बीजापुर: कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन और एनएचएम कर्मचारी संघ ने मांगों को लेकर निकाली संयुक्त रैली, सौंपा ज्ञापन*
बीजापुर, 22 अगस्त 2025: छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन और एनएचएम कर्मचारी संघ के संयुक्त तत्वावधान में शुक्रवार को बीजापुर जिला मुख्यालय में एक विशाल रैली और धरना-प्रदर्शन का आयोजन किया गया। इस दौरान कर्मचारियों ने महंगाई भत्ता, पेंशन, नियमितीकरण और अन्य मांगों को लेकर माननीय मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव के नाम उपखंड मजिस्ट्रेट (एसडीएम) जागेश्वर कौशल को ज्ञापन सौंपा। रैली और प्रदर्शन का नेतृत्व फेडरेशन के जिला अध्यक्ष मो. जाकिर खान और जिला सचिव कैलाश रामटेके ने किया।
फेडरेशन के जिला सचिव कैलाश रामटेके ने बताया कि यह आंदोलन छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन के प्रांतीय अध्यक्ष कमल वर्मा के आह्वान पर पूरे प्रदेश में आयोजित किया गया, जिसमें बीजापुर जिला भी शामिल रहा। जिले के विभिन्न कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारी और कर्मचारी सांस्कृतिक मैदान में एकत्रित हुए और नारेबाजी के साथ अपनी मांगों को बुलंद किया। रैली कलेक्ट्रेट परिसर तक पहुंची, जहां ज्ञापन सौंपा गया।
*प्रमुख मांगें: ज्ञापन में कर्मचारियों ने निम्नलिखित मांगें उठाईं:*
केंद्र सरकार के समान 2% महंगाई भत्ता (डीए) और 2019 से बकाया डीए की एरियर्स राशि का भुगतान।
पिंगुआ कमेटी की रिपोर्ट को सार्वजनिक करना।
चार स्तरीय पदोन्नति और समयमान वेतनमान लागू करना।
वेतन विसंगति को दूर करना।
कैशलेस चिकित्सा सुविधा लागू करना।
अनुकंपा नियुक्ति में 10% सीमा बंधन समाप्त करना।
300 दिनों के अर्जित अवकाश का नगदीकरण।
पूर्ण पेंशन के लिए नीति निर्धारण।
सेवानिवृत्ति आयु को 62 से बढ़ाकर 65 वर्ष करना।
सभी अनियमित कर्मचारियों का नियमितीकरण।
*संयुक्त आंदोलन और समर्थन:* रैली में फेडरेशन के साथ-साथ एनएचएम कर्मचारी संघ ने भी सक्रिय भागीदारी की। फेडरेशन ने एनएचएम कर्मचारियों की मांगों का पूर्ण समर्थन करते हुए संयुक्त रूप से आंदोलन को मजबूती प्रदान की। प्रदर्शन में शामिल कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि मांगें शीघ्र पूरी नहीं हुईं, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।
*प्रमुख नेतृत्व और सहभागिता:* धरना-प्रदर्शन और रैली में फेडरेशन के कोषाध्यक्ष लोकेश रेड्डी, सह-सचिव रेश्मा गोड्डे, वन कर्मचारी संघ के विश्वनाथ मांझी, स्वास्थ्य संयोजक कर्मचारी संघ के शेख फारुख, वाहन चालक संघ के महेश देवांगन, लिपिक संघ के राजेंद्र पसपुल, शिक्षक संघ के मोहन राय, दुब्बा कामेश्वर, बी.एल. पुजारी, चतुर्थ वर्ग कर्मचारी संघ के मोतीराम बेलसरिया, एनएचएम संघ के रमाकांत पूनेठा, महिला बाल विकास की प्रियंका देहारी, पटवारी संघ के के.जी. यशवंत, वीरा राजा बाबु, सहायक शिक्षक फेडरेशन के राजेश मिश्रा, पुरुषोत्तम झाड़ी, अनिल झाड़ी, पंचायत सचिव संघ के रमेश कुड़ियाम, डी. माधव राव, वेटनरी संघ के डॉ. कमल गुप्ता, डॉ. राजीव शर्मा, मनोज कुड़मुल और कृषि विस्तार अधिकारी श्री सलाम सहित अनेक कर्मचारी नेताओं ने हिस्सा लिया और अपने विचार रखे।
आगे की रणनीति: कर्मचारी नेताओं ने एकजुटता का परिचय देते हुए कहा कि यह आंदोलन केवल शुरुआत है। यदि सरकार उनकी मांगों पर त्वरित कार्रवाई नहीं करती, तो कर्मचारी संगठन पूरे प्रदेश में और बड़े स्तर पर आंदोलन करेंगे।
यह रैली और प्रदर्शन न केवल कर्मचारियों की मांगों को सामने लाने में सफल रहा, बल्कि विभिन्न कर्मचारी संगठनों की एकता और दृढ़संकल्प को भी दर्शाता है।

