किरंदुल वार्ड क्रमांक 18 में स्थित शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के मैदान में एक सूखा वृक्ष, जिसकी सूखी टहनियाँ बार-बार गिर रही हैं,
बच्चों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा कर रहा है। चूँकि यह विद्यालय का मैदान है, जहाँ बच्चे खेल-कूद और अन्य गतिविधियों के लिए हमेशा आते-जाते रहते हैं, इस सूखे वृक्ष के कारण किसी भी समय कोई बड़ा हादसा हो सकता है। यह कल्पना करना मुश्किल नहीं है कि यह कितना जोखिम भरा है।
समस्या की गंभीरतासुरक्षा का खतरा: सूखा वृक्ष अस्थिर होता है, और उसकी टहनियों का गिरना बच्चों के लिए चोट या जानलेवा स्थिति पैदा कर सकता है।
प्रशासन की अनदेखी: यह हैरानी की बात है कि शासन-प्रशासन और नगरपालिका प्रशासन को इसकी जानकारी तक नहीं है। एक स्कूल जैसे सार्वजनिक स्थान की देखभाल उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए।
*तात्कालिकता: यह स्थिति तुरंत ध्यान देने योग्य है*
क्योंकि खतरा पहले से मौजूद है और देरी से अपूरणीय नुकसान हो सकता है।आवश्यक कदमइस सूखे वृक्ष को तत्काल हटाना सबसे जरूरी और प्रभावी समाधान है। चूँकि वृक्ष सूख चुका है, इसे काटकर हटाने से ही समस्या का स्थायी निदान होगा। टहनियों को काटने या अन्य अस्थायी उपाय शायद पर्याप्त न हों।
नगरपालिका प्रशासन को इस ओर तुरंत ध्यान देना चाहिए और बच्चों की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए यह कदम उठाना चाहिए।
यह कोई मामूली बात नहीं है—बच्चों का भविष्य दाँव पर है, और इसे प्रशासन की लापरवाही का शिकार नहीं बनने देना चाहिए।नगरपालिका प्रशासन को चाहिए कि वह इस सूखे वृक्ष को तुरंत कटवाकर विद्यालय को राहत प्रदान करे। समय रहते कदम उठाना बेहद जरूरी है।


