*किरंदुल नगरपालिका में चार नई दुकानों का आरक्षण पूरा, जल्द होगी नीलामी*

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

*किरंदुल नगरपालिका में चार नई दुकानों का आरक्षण पूरा, जल्द होगी नीलामी*

*किरंदुल (बस्तर) – किरंदुल नगरपालिका क्षेत्र में स्थानीय व्यापारियों और युवाओं के लिए खुशखबरी है।* नगरपालिका कार्यालय के बगल में नवनिर्मित चार दुकानों का आरक्षण आज चिट पद्धति (लॉटरी सिस्टम) के माध्यम से पूर्ण कर लिया गया है बहुत जल्दी नीलामी की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।*

आरक्षण का विवरण:

ST (अनुसूचित जनजाति)

SC (अनुसूचित जाति)

OBC (अन्य पिछड़ा वर्ग)

General (सामान्य वर्ग)

नगरपालिका प्रशासन ने सामाजिक न्याय के सिद्धांतों को ध्यान में रखते हुए सभी वर्गों के लिए एक-एक दुकान आरक्षित की। चिट पद्धति अपनाकर पूरी प्रक्रिया को निष्पक्ष, पारदर्शी और विवादमुक्त रखा गया।

विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम

ये नई दुकानें किरंदुल के व्यावसायिक केंद्र में स्थित हैं, जो लोकेशन की दृष्टि से बेहद आकर्षक हैं। इनके आरक्षण के साथ ही नगरपालिका अब शेष खाली पड़ी अन्य दुकान भवनों की नीलामी की तैयारी में जुट गई है। सूत्रों के अनुसार, निविदा प्रक्रिया जोरों पर है और बहुत जल्द ही सभी दुकानों की नीलामी पूरी कर ली जाएगी।

इस पहल से किरंदुल क्षेत्र में:

सभी वर्गों के स्थानीय युवाओं और व्यापारियों को स्वरोजगार के समान अवसर मिलेंगे

क्षेत्र का व्यावसायिक विकास तेज होगा

नगरपालिका की संपत्तियों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित होगा

नगरपालिका अधिकारियों ने बताया कि सभी प्रक्रियाएं पूरी पारदर्शिता के साथ की जा रही हैं ताकि आमजन को अधिक से अधिक लाभ पहुंचे।

किरंदुल नगरपालिका का यह कदम स्थानीय स्तर पर सराहा जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि विकास कार्यों को और गति दी जाएगी तथा भविष्य में भी ऐसी योजनाएं लाई जाएंगी जो क्षेत्रवासियों के हित में हों।

जो लोग इन दुकानों में व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं, वे नगरपालिका कार्यालय से संपर्क कर विस्तृत जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

Leave a Comment

और पढ़ें

*अस्थाई दखल शुल्क 0शिकायतकर्ता के बयान पर अधिकारी-पार्षदों के हस्ताक्षर, आरोप लगे ठेकेदार के बयान पर सिर्फ ग़ैर-सरकारी हस्ताक्षर — क्या चल रहा है किरंदुल में? मुख्य अधिकारी पूरी तरह लाचार या संलिप्त?*

Buzz4 Ai

Read More Articles

*अस्थाई दखल शुल्क 0शिकायतकर्ता के बयान पर अधिकारी-पार्षदों के हस्ताक्षर, आरोप लगे ठेकेदार के बयान पर सिर्फ ग़ैर-सरकारी हस्ताक्षर — क्या चल रहा है किरंदुल में? मुख्य अधिकारी पूरी तरह लाचार या संलिप्त?*