किरंदुल बस स्टैंड पर पानी की किल्लत और सुलभ शौचालय की बदहाल स्थिति यात्रियों, बस चालकों, परिचालकों और स्थानीय लोगों के लिए एक गंभीर समस्या बन गई है।
बस स्टैंड पर केवल एक वाटर कूलर उपलब्ध है, जो 500 लीटर की सिन्टेक्स टंकी से संचालित होता है। इस टंकी में एनएमडीसी द्वारा सुबह 5 से 6 बजे और शाम 4 से 5 बजे तक केवल एक-एक घंटे पानी की आपूर्ति की जाती है। बस स्टैंड पर सुबह 3:30 बजे से रात 10:30 बजे तक प्रतिदिन 76 बसों का आवागमन होता है, और इन बसों के यात्री, चालक, परिचालक और हेल्पर सभी इसी वाटर कूलर पर निर्भर हैं। इसके अलावा, बस स्टैंड पर 3 से 4 होटल और एक सुलभ शौचालय भी मौजूद हैं।
समस्या तब और गंभीर हो जाती है जब होटल वाले इस वाटर कूलर के पानी का उपयोग अपने बर्तनों की सफाई, खाद्य पदार्थ बनाने और ग्राहकों को पिलाने के लिए करते हैं। नतीजतन, 500 लीटर की टंकी का पानी सुबह 11 से 12 बजे तक ही खत्म हो जाता है, और शाम की आपूर्ति तक पानी की भारी किल्लत हो जाती है। इससे यात्रियों और बस स्टाफ को पीने के पानी के लिए परेशानी का सामना करना पड़ता है।वहीं, सुलभ शौचालय की स्थिति भी चिंताजनक है। नगरपालिका ने हाल ही में शौचालय के संचालन के लिए एक संचालक नियुक्त किया है, जो प्रति व्यक्ति 10 रुपये शुल्क लेता है।
इसके बावजूद, शौचालय में पानी की कमी और महिलाओं के लिए उचित सुविधाओं का अभाव बना हुआ है। शौचालय संचालक का कहना है कि होटल वाले शौचालय के लिए रखे गए पानी को भी ले जाते हैं, जिसके कारण दोपहर के समय वहां पानी नहीं बचता। इसकी शिकायत नगरपालिका में कई बार की जा चुकी है, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। खास बात यह है कि नगरपालिका अध्यक्ष एक महिला होने के बावजूद शौचालय में महिलाओं के लिए सुविधाओं की अनदेखी जारी है।
इस स्थिति से निपटने के लिए नगरपालिका को तत्काल कदम उठाने की जरूरत है, जैसे वाटर कूलर के पानी के दुरुपयोग पर रोक लगाना, अतिरिक्त पानी की व्यवस्था करना और शौचालय में सुधार करना, ताकि यात्रियों और नागरिकों को राहत मिल सके।



