*बचेली में मुक्तिधाम नहीं, कोड़ेनार में भूमिपूजन: स्थानीय जनप्रतिनिधियों की अनुपस्थिति ने मांग को और तेज किया*
दंतेवाड़ा। बचेली नगरपालिका परिषद क्षेत्र में मुक्तिधाम की सुविधा न होने के कारण वर्षों से स्थानीय निवासियों को अंतिम संस्कार के लिए 8 किलोमीटर दूर कोड़ेनार पंचायत स्थित मुक्तिधाम जाना पड़ता है। इसी मुक्तिधाम के जिनोद्धार और विकास कार्यों के लिए शनिवार सुबह भूमिपूजन कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में दंतेवाड़ा विधायक चैतराम अटामी, जिला पंचायत अध्यक्ष नन्दलाल मुडामी, उपाध्यक्ष अरविन्द कुंजाम, किरंदुल नगरपालिका अध्यक्ष रूबी सिंह, उपाध्यक्ष बबलू सिद्दीकी, दो-तीन महिला पार्षद, कोड़ेनार पंचायत सरपंच मीना मंडावी, उपसरपंच तपन दास तथा बचेली नगरपालिका अध्यक्ष राजू जायसवाल उपस्थित रहे। भूमिपूजन से पहले भाजपा कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों ने मुक्तिधाम की साफ-सफाई भी की। किरंदुल नगरपालिका के मुख्य अधिकारी ने पूरे कार्यक्रम का संचालन संभाला।
इसके विपरीत बचेली नगरपालिका के मुख्य अधिकारी, उपाध्यक्ष और लगभग सभी पार्षद कार्यक्रम से पूरी तरह नदारद रहे। बचेली से मात्र 8 किलोमीटर की दूरी होने के बावजूद कोई अन्य जनप्रतिनिधि या अधिकारी नहीं पहुंचा। वहीं दंतेवाड़ा से 40 किलोमीटर दूर से विधायक, जिला पंचायत अध्यक्ष और उपाध्यक्ष निर्धारित समय 9:30 बजे कार्यक्रम स्थल पर मौजूद थे।
स्थानीय सूत्रों और भाजपा कार्यकर्ताओं के अनुसार बचेली नगरपालिका के सभी 18 पार्षद, 5 एल्डरमैन, उपाध्यक्ष और मुख्य अधिकारी तथा स्थानीय भाजपा कार्यकर्ताओं की एकजुट मांग है कि बचेली में ही मुक्तिधाम बनाया जाए। वे कहते हैं कि अंतिम संस्कार जैसे संवेदनशील काम के लिए 8 किलोमीटर दूर कोड़ेनार नहीं जाना पड़े।
वर्तमान में किरंदुल और बचेली दोनों क्षेत्रों के लिए एक ही मुक्तिधाम कोड़ेनार में है, जिसकी देखरेख किरंदुल नगरपालिका के अधीन है। आज के विकास कार्यों और प्रधानमंत्री सेवा संकल्प अभियान के तहत हुई सफाई का संचालन भी किरंदुल नगरपालिका द्वारा ही किया गया। बचेली अध्यक्ष राजू जायसवाल की उपस्थिति और बाकी पूरे निकाय की अनुपस्थिति को स्थानीय स्तर पर बचेली में मुक्तिधाम की मांग का स्पष्ट संकेत माना जा रहा है।
निवासियों का कहना है कि लंबे समय से चली आ रही इस समस्या का स्थायी समाधान बचेली में ही मुक्तिधाम की स्थापना से ही संभव है।

