*एनएमडीसी सामाजिक भवनों में निजी व्यापारिक गतिविधियों पर रोक लगाने की नगरपालिका से मांग, सीजी संविधान न्यूज़ ने उठाई आवाज*
किरंदुल, दंतेवाड़ा।
किरंदुल-बचेली क्षेत्र के स्थानीय व्यापारियों के हितों की रक्षा हेतु सीजी संविधान न्यूज़ के संपादक किशोर कुमार रामटेके ने गंभीर मुद्दा उठाते हुए नगरपालिका परिषद किरंदुल को एक औपचारिक पत्र सौंपा है। इस पत्र में मांग की गई है कि एनएमडीसी (राष्ट्रीय खनिज विकास निगम) द्वारा निर्मित सामाजिक भवनों एवं आवासीय मकानों में चल रही निजी व्यापारिक गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए।
एनएमडीसी ने वर्षों पहले यह भवन स्थानीय नागरिकों की सामाजिक एवं सार्वजनिक जरूरतों को पूरा करने के उद्देश्य से बनाए थे। इन भवनों का प्रयोग विवाह, सांस्कृतिक कार्यक्रम, धार्मिक आयोजन, बैठकें और अन्य सामाजिक कार्यों के लिए होना चाहिए। किंतु हाल के वर्षों में यह देखा गया है कि इन मकानों और भवानो को किराए पर देकर निजी व्यवसाय जैसे ब्यूटी पार्लर, कपड़ा दुकानें, बेकरी, कॉस्मेटिक शॉप्स आदि चलाए जा रहे हैं।
विशेष रूप से त्योहारों के दौरान स्थिति और भी गंभीर हो जाती है। बाहरी व्यापारी इन भवनों को किराए पर लेकर “सेल” (Sale) लगाते हैं। इससे न केवल स्थानीय व्यापारियों की बिक्री पर प्रतिकूल असर पड़ता है, बल्कि उनकी रोज़गार सुरक्षा पर भी खतरा मंडराने लगता है।
*किशोर कुमार रामटेके ने अपने पत्र में निम्नलिखित प्रमुख मांगें रखी हैंः*
1. एनएमडीसी के सामाजिक भवनों और मकानों में बिना नगरपालिका की अनुमति के किसी भी निजी व्यापारिक गतिविधि पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए।
2. बाहरी व्यापारियों के लिए यह अनिवार्य किया जाए कि वे केवल नगरपालिका से अनुमति प्राप्त करने के बाद ही दुकान या “सेल” आयोजित कर सकें।
3. सामाजिक भवनों का उपयोग केवल सार्वजनिक व सामाजिक कार्यों तक सीमित रहे।
4. त्योहारों के दौरान ऐसे भवनों में आयोजित “सेल” पर पूर्ण रोक लगाई जाए।
रामटेके ने कहा कि यह कदम उठाने से स्थानीय व्यापारियों को न्याय मिलेगा, उनके रोजगार की रक्षा होगी और किरंदुल-बचेली क्षेत्र में व्यावसायिक व्यवस्था में अनुशासन और संतुलन स्थापित होगा।
गौरतलब है कि 27 सितंबर को सीजी संविधान न्यूज़ की ओर से एनएमडीसी परियोजना किरंदुल को भी इसी विषय पर पत्राचार किया गया था। इसके बाद अब यह मुद्दा सीधे नगरपालिका परिषद किरंदुल के समक्ष उठाया गया है।
स्थानीय व्यापारी वर्ग ने इस पहल का स्वागत किया है और उम्मीद जताई है कि नगरपालिका प्रशासन शीघ्र ठोस कदम उठाएगा, जिससे बाहरी व्यापारियों के दबाव से मुक्ति मिलेगी और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

