*बी आई ओ पी सीनियर सेकेंडरी स्कूल, किरंदुल में स्वच्छता ही सेवा अभियान के तहत बेस्ट आउट ऑफ वेस्ट प्रदर्शनी का आयोजन*
किरंदुल, 26 सितंबर 2025: बीआईओपी सीनियर सेकेंडरी स्कूल, किरंदुल में स्वच्छता पखवाड़ा 2025 के अंतर्गत “स्वच्छता ही सेवा” अभियान के तहत एक प्रेरणादायक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर स्कूल के बच्चों ने अपनी रचनात्मकता और प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए “बेस्ट आउट ऑफ वेस्ट” थीम पर आधारित एक शानदार प्रदर्शनी लगाई, जिसने सभी का ध्यान आकर्षित किया।
इस प्रदर्शनी में बच्चों ने अपशिष्ट सामग्री जैसे पुराने बोतल, कागज, प्लास्टिक, और अन्य बेकार वस्तुओं का उपयोग कर रचनात्मक और उपयोगी कलाकृतियां बनाईं। इनमें सजावटी सामान, फूलों की माला, और रोजमर्रा की उपयोगी वस्तुएं शामिल थीं, जो न केवल पर्यावरण संरक्षण का संदेश देती हैं, बल्कि “Reduce, Reuse, Recycle” की अवधारणा को भी बढ़ावा देती हैं। बच्चों की इन नन्हीं कोशिशों ने स्वच्छ भारत के सपने को और मजबूत किया।
*परियोजना प्रबंधन ने की सराहना*
कार्यक्रम में उपस्थित परियोजना प्रबंधन ने बच्चों की रचनात्मकता और उनके प्रयासों की जमकर तारीफ की। प्रबंधन ने कहा कि इस तरह के आयोजन न केवल बच्चों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाते हैं, बल्कि उन्हें सामाजिक जिम्मेदारी का महत्व भी सिखाते हैं। स्कूल के प्राचार्य ने बताया कि यह प्रदर्शनी स्वच्छता ही सेवा अभियान 2025 की थीम “स्वच्छोत्सव” के अनुरूप थी, जो स्वच्छता को उत्सव के रूप में मनाने का संदेश देती है।
*छात्रों का उत्साह और संदेश*
प्रदर्शनी में भाग लेने वाले छात्रों ने उत्साहपूर्वक अपने विचार साझा किए। कक्षा 12वी दादू ताराम, कुमारी आयुषी मांडवी ने कहा, “हमने पुरानी बोतलों से फूलदान बनाया, जो दिखाता है कि कचरे को भी सुंदर और उपयोगी बनाया जा सकता है।” वहीं, कक्षा 11 के छात्र निखिल ने बताया कि इस तरह के आयोजन उन्हें यह समझने में मदद करते हैं कि छोटे-छोटे प्रयास भी पर्यावरण को बेहतर बना सकते हैं।
*विश्लेषण: एक प्रेरणादायक पहल*
यह आयोजन न केवल स्वच्छता के प्रति जागरूकता फैलाने में सफल रहा, बल्कि बच्चों में रचनात्मकता और पर्यावरण संरक्षण की भावना को भी प्रोत्साहित किया। “बेस्ट आउट ऑफ वेस्ट” प्रदर्शनी ने यह साबित किया कि अपशिष्ट सामग्री को रचनात्मक तरीके से उपयोग कर न केवल पर्यावरण को बचाया जा सकता है, बल्कि इसे आर्थिक और सौंदर्यपूर्ण मूल्य भी प्रदान किया जा सकता है। यह पहल स्वच्छ भारत मिशन के तहत जन भागीदारी को बढ़ावा देने का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।
स्वच्छता पखवाड़ा 2025, जो 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक मनाया जा रहा है, देश भर में स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने का एक महत्वपूर्ण मंच है। बीआईओपी सीनियर सेकेंडरी स्कूल का यह प्रयास न केवल स्थानीय समुदाय के लिए प्रेरणादायक है, बल्कि अन्य स्कूलों और संस्थानों के लिए भी एक मिसाल है।
बीआईओपी सीनियर सेकेंडरी स्कूल, किरंदुल के इस आयोजन ने बच्चों की प्रतिभा और स्वच्छता के प्रति उनके समर्पण को उजागर किया। यह प्रदर्शनी स्वच्छ भारत के सपने को साकार करने की दिशा में एक छोटा लेकिन प्रभावशाली कदम है। स्कूल के इस प्रयास ने न केवल बच्चों को पर्यावरण के प्रति जागरूक किया, बल्कि समुदाय में स्वच्छता को एक उत्सव के रूप में स्थापित करने में भी योगदान दिया।

