*बीआईओपी सीनियर सेकंडरी विद्यालय में सीसीए कार्यक्रम के तहत रंगारंग आयोजन*
लखनऊ, 16 सितंबर 2025: बीआईओपी सीनियर सेकंडरी विद्यालय में दिनांक 16 सितंबर 2025 को सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों (सीसीए) के अंतर्गत एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों की रचनात्मकता और प्रतिभा को प्रदर्शित करने का शानदार अवसर प्रदान किया गया। प्राइमरी स्तर के बच्चों के लिए भाषण प्रतियोगिता का आयोजन हुआ, वहीं ग्रुप सी और डी के छात्र-छात्राओं ने मिट्टी की कला (क्ले आर्ट) और गमले की सजावट (पॉट डेकोरेशन) प्रतियोगिताओं में अपनी कला का प्रदर्शन किया।
प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों का उत्साह कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। भाषण प्रतियोगिता में प्राइमरी के बच्चों ने आत्मविश्वास के साथ अपने विचार व्यक्त किए, जबकि क्ले आर्ट और पॉट डेकोरेशन में ग्रुप सी और डी के छात्रों ने अपनी रचनात्मकता से सभी को आश्चर्यचकित कर दिया। मिट्टी के गमलों को रंग-बिरंगे डिजाइनों और अनूठे विचारों से सजाया गया, जो पर्यावरण और कला के प्रति उनके लगाव को दर्शाता है।
निर्णायकों की भूमिका इस कार्यक्रम के निर्णायकों की भूमिका श्री कांता राम, जल कुमार पटेल और श्री मानस रंजन पांडा ने निभाई। उन्होंने प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों के प्रदर्शन का निष्पक्ष मूल्यांकन किया और उनकी प्रतिभा की सराहना की। निर्णायकों ने बच्चों की रचनात्मकता और प्रस्तुति कौशल की प्रशंसा करते हुए उन्हें भविष्य में और बेहतर करने के लिए प्रोत्साहित किया।
प्राचार्य और सीसीए इंचार्ज का मार्गदर्शन कार्यक्रम का सफल संचालन सीसीए इंचार्ज श्रीमती अनुपमा भद्र के कुशल मार्गदर्शन में हुआ। उनकी प्रेरणा और दिशा-निर्देश ने विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा को निखारने का अवसर प्रदान किया। विद्यालय के प्राचार्य श्री सुनील दुबे के नेतृत्व में यह आयोजन न केवल मनोरंजक रहा, बल्कि विद्यार्थियों के समग्र विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान दे गया। प्राचार्य ने कहा, “ऐसे आयोजन बच्चों में आत्मविश्वास, रचनात्मकता और नेतृत्व की भावना को जागृत करते हैं, जो उनके भविष्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।”
विद्यालय की प्रतिबद्धता बीआईओपी सीनियर सेकंडरी विद्यालय ने हमेशा से ही सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों को बढ़ावा देने पर जोर दिया है। इस तरह के आयोजन न केवल विद्यार्थियों की प्रतिभा को उजागर करते हैं, बल्कि उन्हें कला, संस्कृति और सामाजिक मूल्यों से जोड़ने में भी मदद करते हैं। इस कार्यक्रम ने एक बार फिर साबित कर दिया कि बीआईओपी विद्यालय अपने छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है।
यह आयोजन न केवल विद्यार्थियों के लिए एक यादगार अनुभव रहा, बल्कि शिक्षकों, अभिभावकों और समुदाय के लिए भी गर्व का क्षण था। भविष्य में भी बीआईओपी विद्यालय ऐसे आयोजनों के माध्यम से बच्चों की प्रतिभा को प्रोत्साहित करता रहेगा।
