*एनएमडीसी कर्मचारी की शराब के नशे में बस में हंगामा: यात्रियों की जान पर बनी, प्रबंधन पर कार्रवाई की मांग*
बैलाडीला, 17 सितंबर 2025: छत्तीसगढ़ के बैलाडीला स्थित एनएमडीसी परियोजना के एक कर्मचारी ने कल शाम यात्रियों की सुविधा के लिए संचालित गुप्ता बस में शराब के नशे में धुत होकर ऐसा हंगामा मचाया, जिससे चलती बस में बड़ा हादसा होने की नौबत आ गई। आरोपी कर्मचारी कृष्णा शर्मा उर्फ कल्लू ने ड्राइवर, कंडक्टर और हेल्पर के साथ गाली-गलौच और मारपीट की कोशिश की, जिससे गादिरास क्षेत्र में बस रुकनी पड़ी। सौभाग्य से ड्राइवर की सूझबूझ से कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ, लेकिन इस घटना ने एनएमडीसी की छवि पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
घटना 16 सितंबर 2025 को शाम के समय घटी, जब बैलाडीला से हैदराबाद रवाना होने वाली गुप्ता बस एनएमडीसी बचेली कॉम्प्लेक्स के कर्मचारियों और मरीजों की सुविधा के लिए रवाना हुई। बस में सवार कृष्णा शर्मा, जो एनएमडीसी में कार्यरत हैं, शराब के नशे में धुत थे। यात्रियों के अनुसार, वे अचानक ड्राइवर पर चिल्लाने लगे और गाली-गलौच करने लगे। मामला तब और बिगड़ गया जब शर्मा ने चलती बस में ही ड्राइवर पर हाथ उठाने की कोशिश की। इससे बस का संतुलन बिगड़ गया और यात्रियों की जान को खतरा हो गया। ड्राइवर ने किसी तरह वाहन को नियंत्रित किया और गादिरास क्षेत्र में बस रोक ली, जिससे बड़ा हादसा टल गया।
बस में सवार अन्य यात्रियों ने इस घटना का जिक्र करते हुए बताया कि शर्मा का व्यवहार बेहद आक्रामक था। एक यात्री ने कहा, “चलती बस में ड्राइवर से मारपीट करना किसी भी मुसाफिर के लिए खतरनाक साबित हो सकता था। हम सभी डर गए थे।” जानकारी के मुताबिक, यह शर्मा की पहली घटना नहीं है। यात्रियों का दावा है कि वे पहले भी दो-तीन बार इसी तरह की हरकत कर चुके हैं, लेकिन हर बार मामला दब जाता रहा। इस बार भी बस के अन्य सवारों ने हंगामा न करने का आग्रह किया, लेकिन स्थिति बेकाबू हो गई।
एनएमडीसी परियोजना हमेशा से ही अपने कर्मचारियों और यात्रियों की सुविधा व सुरक्षा के प्रति संवेदनशील रही है। कंपनी द्वारा संचालित यह बस सेवा विशेष रूप से मरीजों और कर्मचारियों के लिए चलाई जाती है, जो दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वालों के लिए वरदान साबित होती है। हालांकि, ऐसे असामाजिक व्यवहार से न केवल यात्रियों में असुरक्षा की भावना पैदा होती है, बल्कि संस्था की गरिमा और सामाजिक छवि को भी ठेस पहुंचती है। विशेषज्ञों का मानना है कि सरकारी उपक्रमों में अनुशासनहीनता के ऐसे मामले कर्मचारियों के बीच नशे की लत और तनाव को दर्शाते हैं, जिसके लिए प्रबंधन को सख्त नीतियां अपनानी चाहिए।
घटना के बाद एनएमडीसी प्रबंधन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। यात्रियों और स्थानीय लोगों ने प्रबंधन से मांग की है कि कृष्णा शर्मा के खिलाफ तत्काल अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए, जिसमें निलंबन या विभागीय जांच शामिल हो। एक यात्री ने कहा, “क्या एनएमडीसी प्रबंधक इस पर कार्रवाई करेंगे? हमारी सुरक्षा सबसे ऊपर होनी चाहिए।” एनएमडीसी अधिकारियों से संपर्क करने पर कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली, लेकिन कंपनी की ओर से जल्द स्पष्टीकरण की उम्मीद की जा रही है।
यह घटना न केवल एक व्यक्तिगत लापरवाही का उदाहरण है, बल्कि बड़े स्तर पर कर्मचारी प्रशिक्षण और नशा मुक्ति कार्यक्रमों की आवश्यकता को रेखांकित करती है। यदि प्रबंधन ने त्वरित कदम उठाए, तो ऐसी घटनाओं को रोका जा सकता है और एनएमडीसी की साख बरकरार रहेगी।
