*किरंदुल व्यापारी कल्याण संघ चुनाव: नामांकन प्रक्रिया पर विवाद, निर्विरोध चुनाव की साजिश के आरोप*

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किरंदुल व्यापारी कल्याण संघ चुनाव: नामांकन प्रक्रिया पर विवाद, निर्विरोध चुनाव की साजिश के आरोप

किरंदुल, 9 सितंबर 2025: किरंदुल व्यापारी कल्याण संघ के आगामी चुनाव को लेकर स्थानीय व्यापारियों में बढ़ता आक्रोश एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। संघ ने आज नामांकन फॉर्म की बिक्री बंद कर दी, जिससे व्यापारियों के बीच यह चर्चा जोर पकड़ गई है कि संगठन के नेतृत्व ने बंद कमरों में पूर्व-निर्धारित फैसलों के जरिए राजेश विप्रल को सचिव पद पर निर्विरोध चुनने की पूरी तैयारी कर ली है। यह घटना संघ की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रही है, जो अपनी स्थापना से ही विवादों से घिरी रही है।

संघ की ओर से जारी नामांकन सूची के अनुसार, एक ही व्यक्ति राज प्रशाद ने दो महत्वपूर्ण पदों—उपाध्यक्ष और सचिव—के लिए फॉर्म खरीदे हैं। व्यापारियों का आरोप है कि यदि राज प्रशाद किसी एक पद से नाम वापस ले लेते हैं, तो शेष पद पर उनका प्रतिनिधि स्वतः निर्विरोध विजयी घोषित हो जाएगा। यह रणनीति कथित तौर पर राजेश विप्रल को सचिव पद दिलाने के लिए रची गई है। एक स्थानीय व्यापारी ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, “संघ में चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों की भारी कमी है, इसलिए एक व्यक्ति को दो पदों से नामांकन कराकर साजिश रची जा रही है। यह व्यापारियों की एकता को तोड़ने का प्रयास लगता है।”

किरंदुल व्यापारी कल्याण संघ की स्थापना से ही इसकी निर्णय प्रक्रिया पर सवाल उठते रहे हैं। संगठन की शुरुआत बंद कमरों में हुई, और उसके बाद हर बड़ा फैसला—जैसे संचालन समिति का गठन—बिना व्यापारियों की सहमति के लिया गया। इससे पहले, सदस्यता शुल्क वसूली के दौरान राजेश विप्रल ने खुद को अध्यक्ष या सचिव पद के लिए पदाधिकारी घोषित कर दिया था, जिस पर व्यापारियों ने कड़ा विरोध जताया। चुनाव की तिथि भी बिना किसी सामान्य बैठक या सहमति के घोषित की गई, जिसने विवाद को और भड़का दिया।

स्थानीय स्तर पर यह मुद्दा तेजी से फैल रहा है, और पूरे किरंदुल में चर्चा है कि संघ के ये कदम न केवल लोकतांत्रिक प्रक्रिया का उल्लंघन हैं, बल्कि व्यापारियों को दो गुटों में बांटकर आपसी कलह पैदा करने की कोशिश भी हैं। एक वरिष्ठ व्यापारी ने बताया, “संघ का मूल उद्देश्य व्यापारियों का कल्याण था, लेकिन अब यह विवादों का केंद्र बन गया है। उम्मीद है कि जिला प्रशासन या संबंधित अधिकारी इसकी जांच करेंगे।”

संघ के पदाधिकारियों से संपर्क करने पर अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है। यदि ये आरोप सही साबित होते हैं, तो यह किरंदुल के व्यापारिक समुदाय के लिए एक बड़ा झटका होगा, जो पहले से ही आर्थिक चुनौतियों से जूझ रहा है। व्यापारियों ने एकजुट होकर इस मुद्दे पर जल्द बैठक बुलाने की मांग की है, ताकि पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित हो सके।

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