*किरंदुल में भारी बारिश से मांसाहारी बाजार और वार्ड नंबर 8 में जलभराव, वार्ड क्र 8 के पार्षद की अनुपस्थिति से लोगों में आक्रोश*
किरंदुल, 3 सितंबर 2025: किरंदुल के वार्ड नंबर 8 में मांसाहारी बाजार और आसपास के 10 से 12 घरों में मंगलवार रात भारी बारिश के कारण 1 से 2 फीट तक पानी भर गया। रात लगभग 10 बजे शुरू हुई बारिश ने 11 बजे तक पूरे इलाके को जलमग्न कर दिया। इस विषम परिस्थिति में वार्ड नंबर 8 के पार्षद राजकुमार सोनी के नदारद रहने से पीड़ित परिवारों और मांसाहारी व्यवसायियों में भारी आक्रोश देखा गया।
*नाली का पानी घरों मे, जहरीले जीव-जंतुओं का खतरा बड़ा*
स्थानीय निवासियों ने बताया कि बारिश का पानी घरों में घुसने के साथ-साथ नालियों का गंदा पानी भी घरों में भर गया, जिससे जहरीले जीव-जंतुओं का खतरा बढ़ गया है। एक स्थानीय निवासी फिरोज के घर में छोटे-छोटे बच्चे इस जलभराव से खासे परेशान दिखे। एक अन्य निवासी ने बताया कि पिछले महीने भी उनके घर में 3 फीट तक पानी भर गया था, और पानी निकलने के बाद अलमारी के पीछे एक जहरीला सांप मिला था। उन्होंने चिंता जताते हुए कहा, “घरों में छोटे बच्चे हैं, अगर ऐसा ही रहा तो कभी भी जहरीले जीव-जंतुओं से खतरा हो सकता है।”
*नगरपालिका को तत्काल ठोस कदम उठाने की जरूरत*
लोगों का कहना है कि इस साल पांचवीं बार उनके घरों में पानी भरा है, जबकि पहले कभी इतनी बारिश में भी ऐसी स्थिति नहीं देखी गई। स्थानीय लोगों ने नगरपालिका पर नालियों की सफाई और जल निकासी की उचित व्यवस्था न करने का आरोप लगाया। एक निवासी ने कहा, “आखिर कब तक हम इस परेशानी का सामना करते रहेंगे? नगरपालिका को तत्काल ठोस कदम उठाने की जरूरत है।”
*पार्षद की अनुपस्थिति से लोगों के गुस्से*
हालांकि, इस संकट के समय वार्ड नंबर 6 और 7 के पार्षद, उपाध्यक्ष बबलू सिद्दीकी, नगरपालिका अध्यक्ष पति शैलेंद्र सिंह, मुख्य अधिकारी शशि भूषण महापात्र, इंजीनियर तीरथ राम सिन्हा और बचेरी से रात 11 बजे पहुंचे अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) विवेक चंद्रा मौके पर मौजूद रहे और स्थिति का जायजा लिया। इनके प्रयासों की सराहना की गई, लेकिन वार्ड नंबर 8 के पार्षद की अनुपस्थिति ने लोगों के गुस्से को और भड़का दिया।
विश्लेषण: यह घटना किरंदुल में जल निकासी व्यवस्था की खामियों को उजागर करती है। बार-बार जलभराव की समस्या नालियों की अनियमित सफाई और अपर्याप्त बुनियादी ढांचे की ओर इशारा करती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस साल पहली बार इतनी गंभीर स्थिति देखी गई, जो नगरपालिका की तैयारियों पर सवाल उठाती है। वार्ड पार्षद की अनुपस्थिति ने न केवल प्रशासनिक लापरवाही को उजागर किया, बल्कि जनप्रतिनिधियों के प्रति लोगों का विश्वास भी डगमगाया है। दूसरी ओर, अन्य वार्डों के पार्षदों और अधिकारियों की तत्परता ने कुछ हद तक स्थिति को संभालने में मदद की, लेकिन यह स्थायी समाधान नहीं है।
जरूरी कदम: नगरपालिका को तत्काल नालियों की गहन सफाई, जल निकासी की बेहतर व्यवस्था और बुनियादी ढांचे के उन्नयन पर ध्यान देना होगा। साथ ही, आपदा प्रबंधन के लिए एक प्रभावी योजना बनानी होगी ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि प्रशासन उनकी समस्याओं को गंभीरता से ले और दीर्घकालिक समाधान प्रदान करे।
यह खबर किरंदुल में प्रशासनिक जवाबदेही और बुनियादी ढांचे की कमियों को उजागर करती है, साथ ही यह सवाल उठाती है कि जनप्रतिनिधियों की अनुपस्थिति और बार-बार होने वाली इस समस्या का समाधान कब तक संभव होगा।
