*दंतेवाड़ा में मूसलाधार बारिश ने मचाया हाहाकार: बाढ़ में फंसे व्यक्ति का रस्सी के सहारे रेस्क्यू, शहर जलमग्न*
दंतेवाड़ा, 26 अगस्त 2025: छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में मूसलाधार बारिश ने अभूतपूर्व तबाही मचाई है। जिले में पिछले 12 घंटों से लगातार हो रही भारी बारिश के कारण नदी-नाले उफान पर हैं, सड़कें जलमग्न हो गई हैं और जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। दंतेवाड़ा शहर में इतिहास का सबसे भयंकर बाढ़ का दृश्य देखने को मिला, जहां पुलिस अधीक्षक कार्यालय, नगरपालिका कार्यालय और पुलिस थाने तक पानी भर गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि दंतेवाड़ा ने पहले कभी इतना पानी नहीं देखा।
*गीदम-बारसूर मार्ग पर रस्सी के सहारे रेस्क्यू*
भारी बारिश के बीच गीदम-बारसूर मार्ग पर राम मंदिर के समीप गणेश बहार नाले में एक व्यक्ति तेज बहाव में फंस गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, व्यक्ति ने अपनी जान बचाने के लिए नाले के बीच एक पेड़ का सहारा लिया और घंटों तक उसी का सहारा लेकर जीवित रहा। स्थानीय लोगों और राहगीरों ने बड़ी मशक्कत के बाद रस्सी के सहारे इस व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकाला। इस रेस्क्यू ऑपरेशन की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं, जिसमें लोगों की बहादुरी और एकजुटता की मिसाल देखने को मिल रही है।
जानकारी के अनुसार, फंसा हुआ व्यक्ति सीएएफ का जवान भूषण सेठिया था, जो हरितालिका तीज मनाने के लिए नारायणपुर जा रहा था। कलेक्टर कुणाल दुदावत के निर्देश पर एसडीआरएफ और बारसूर थाना पुलिस की टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उसे सुरक्षित निकाला। यह घटना जिले में बाढ़ की गंभीरता को दर्शाती है।
*शहर में बाढ़ ने ढाया कहर*
दंतेवाड़ा शहर में डंकनी नदी के उफान पर आने से पुराना पुल दोपहर में डूब गया, जिससे यातायात पूरी तरह ठप हो गया। नदी के किनारे बसे बालूद और बालपेट गांव की निचली बस्तियों में बाढ़ का पानी घुस गया, जिसके कारण कई मकानों को खाली करवाकर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। बारसूर, रोजे, और मटेनार जैसे गांवों में सड़कों पर पानी बह रहा है, जिससे इन गांवों का संपर्क जिला मुख्यालय से कट गया है।
सबसे ज्यादा प्रभावित बारसूर तहसील में 2 सेमी बारिश दर्ज की गई, जिसके कारण गीदम-बारसूर मार्ग पर एक पुल क्षतिग्रस्त हो गया। कटेकल्याण मार्ग पर पोंदुम और गाटम के पुल डूबने से आवागमन बंद है। जिला प्रशासन ने रेड अलर्ट जारी करते हुए लोगों से नदी-नालों के पास न जाने की अपील की है।
*प्रशासन और राहत कार्य*
जिला प्रशासन और एसडीआरएफ की टीमें राहत और बचाव कार्य में जुटी हुई हैं। कलेक्टर कुणाल दुदावत ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करने के निर्देश दिए। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों में और भारी बारिश की चेतावनी दी है, जिसके चलते प्रशासन ने बाढ़ नियंत्रण कक्ष स्थापित किए हैं और आपातकालीन नंबर (07654-284012, 9406378846) जारी किए हैं।
*स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया*
स्थानीय निवासियों का कहना है कि इस तरह की बाढ़ दंतेवाड़ा में पहले कभी नहीं देखी गई। एक स्थानीय निवासी रमेश कुमार ने बताया, “पुलिस थाने और नगरपालिका कार्यालय तक पानी भर गया है। सड़कों पर नाव चल रही हैं। हम लोग डरे हुए हैं, लेकिन प्रशासन की त्वरित कार्रवाई से कुछ राहत मिली है।”
*मौसम विभाग की चेतावनी*
मौसम विभाग के अनुसार, बस्तर संभाग में मानसून की सक्रियता के कारण अगले 24 घंटों तक भारी बारिश जारी रहने की संभावना है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है।
निष्कर्ष: दंतेवाड़ा में इस अभूतपूर्व बाढ़ ने जिले को हिलाकर रख दिया है। एक तरफ जहां बाढ़ ने जनजीवन को ठप कर दिया, वहीं स्थानीय लोगों और प्रशासन की त्वरित कार्रवाई ने कई जिंदगियां बचाईं। यह घटना जलवायु परिवर्तन और अप्रत्याशित मौसमी घटनाओं की गंभीरता को उजागर करती है। प्रशासन और नागरिकों से अपील है कि वे एकजुट होकर इस संकट का सामना करें और प्रभावित लोगों की हरसंभव मदद करें।

