*किरंदुल: अतिक्रमण और यातायात अव्यवस्था से जूझता शहर, हाट बाजार गांधीनगर बना एकमात्र उम्मीद*
छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में स्थित किरंदुल शहर, जो अपनी प्राकृतिक सुंदरता और औद्योगिक महत्व के लिए जाना जाता है, इन दिनों विवादों के भंवर में फंसा हुआ है। आए दिन कोई न कोई नया विवाद शहरवासियों के सामने आ रहा है, और इस बार ताजा विवाद एनएमडीसी (नेशनल मिनरल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन) के वार्ड नंबर 9 कॉलोनी के दरवाजे को बंद करने से उपजा है। इस फैसले ने न केवल स्थानीय बाजार आने वाले लोगों की परेशानियों को बढ़ाया है, बल्कि यातायात अव्यवस्था और अतिक्रमण की समस्या को भी उजागर किया है। इस बीच, पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष शैलेंद्र सिंह और उनकी पत्नी व वर्तमान नगरपालिका अध्यक्ष रूबी सिंह के नेतृत्व में जनहित और नगर विकास की दिशा में उठाए जा रहे कदम चर्चा का विषय बने हुए हैं।
*विवाद की शुरुआत: एनएमडीसी कॉलोनी का बंद दरवाजा*
किरंदुल के वार्ड नंबर 9 में स्थित एनएमडीसी कॉलोनी का दरवाजा, जो पहले बाजार आने वाले लोगों के लिए दोपहिया वाहनों को पार्क करने की जगह के रूप में उपयोग होता था, अब बंद कर दिया गया है। इस निर्णय के बाद बाजार आने वाले लोग अपने वाहनों को सड़कों पर पार्क करने को मजबूर हैं, जिससे यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो रही है। सड़कों पर अव्यवस्थित रूप से खड़े वाहनों के कारण न केवल जाम की स्थिति बन रही है, बल्कि पुलिस द्वारा चालानी कार्रवाई भी की जा रही है, जो आम नागरिकों के लिए अतिरिक्त आर्थिक बोझ बन रहा है।
स्थानीय निवासी रमेश साहू ने बताया, “पहले हम अपनी बाइक कॉलोनी के पास सुरक्षित पार्क कर देते थे, लेकिन अब दरवाजा बंद होने से सड़क पर बाइक खड़ी करनी पड़ती है। इससे न तो वाहन सुरक्षित हैं और न ही रास्ता। पुलिस वाले भी आए दिन चालान काट रहे हैं।”
*अतिक्रमण: बाजार की सबसे बड़ी समस्या*
किरंदुल के साप्ताहिक बाजार में अतिक्रमण की समस्या ने स्थिति को और जटिल बना दिया है। बाजार में वाहन पार्किंग और ग्रामीण व्यापारियों के लिए निर्धारित स्थान पर कुछ सब्जी और फल व्यापारियों ने अवैध कब्जा कर लिया है। एनएमडीसी द्वारा आसपास के गांवों और दूरदराज से आने वाले ग्रामीणों के लिए बनाए गए टीना शेड को भी अतिक्रमणकारियों ने हड़प लिया है। इस वजह से न तो वाहनों के लिए पार्किंग की जगह बची है और न ही ग्रामीण व्यापारियों के लिए व्यवसाय करने की सुविधा।
स्थानीय व्यापारी गोपाल ठाकुर ने शिकायत करते हुए कहा, “हम गांव से सब्जियां और फल बेचने आते हैं, लेकिन अतिक्रमण के कारण हमें जगह नहीं मिलती। टीना शेड में कुछ लोग जबरन कब्जा करके बैठे हैं, और प्रशासन कोई कार्रवाई नहीं कर रहा।”
*हाट बाजार गांधीनगर: एकमात्र समाधान*
इस बढ़ती अव्यवस्था के बीच, किरंदुल नगरपालिका के लिए हाट बाजार गांधीनगर एकमात्र उम्मीद बनकर उभरा है। करोड़ों की लागत से पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष शैलेंद्र सिंह के कार्यकाल में निर्मित यह हाट बाजार आधुनिक सुविधाओं से लैस है और बाजार की अव्यवस्था को व्यवस्थित करने की क्षमता रखता है। वर्तमान में नगरपालिका अध्यक्ष रूबी सिंह, जो शैलेंद्र सिंह की धर्मपत्नी हैं, इस दिशा में कदम उठाने की तैयारी में हैं।स्थानीय लोगों और व्यापारियों का सुझाव है कि साप्ताहिक बाजार, जो रविवार और बुधवार को आयोजित होता है, को हाट बाजार गांधीनगर में स्थानांतरित किया जाए। इससे न केवल अतिक्रमण की समस्या पर नियंत्रण होगा, बल्कि यातायात व्यवस्था भी सुधरेगी। साथ ही, ग्रामीण व्यापारियों को व्यवसाय के लिए उचित स्थान मिलेगा।
*वोट की राजनीति बनाम जनहित*
किरंदुल में नगर विकास और जनहित के मुद्दे हमेशा से राजनीति से प्रभावित रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से जुड़े होने के बावजूद, शैलेंद्र सिंह और रूबी सिंह ने हमेशा जनता की समस्याओं को प्राथमिकता दी है। दोनों नेताओं ने वोट की राजनीति से ऊपर उठकर नगर विकास और जनहित को सर्वोपरि रखा है। हाट बाजार गांधीनगर को साप्ताहिक बाजार के लिए व्यवस्थित करने का प्रस्ताव न केवल जनता की परेशानियों को कम करेगा, बल्कि नगरपालिका और पुलिस प्रशासन के लिए भी राहत की बात होगी।
स्थानीय निवासी अनिता देवी ने कहा, “शैलेंद्र जी और रूबी जी ने हमेशा जनता की भलाई के लिए काम किया है। अगर हाट बाजार में साप्ताहिक बाजार लगे, तो हमारी कई समस्याएं हल हो जाएंगी।”
*नगरपालिका और पुलिस प्रशासन की भूमिका*
अतिक्रमण और यातायात अव्यवस्था को नियंत्रित करने के लिए नगरपालिका को सख्त कदम उठाने की जरूरत है। अतिक्रमण हटाने के लिए विशेष अभियान चलाने और हाट बाजार गांधीनगर को साप्ताहिक बाजार के लिए तैयार करने की दिशा में त्वरित कार्रवाई आवश्यक है। साथ ही, पुलिस प्रशासन को यातायात व्यवस्था को सुचारू करने और अवैध पार्किंग पर अंकुश लगाने के लिए प्रभावी योजना बनानी होगी।
*निष्कर्ष:* जनहित में एकजुटता की जरूरतकिरंदुल का यह ताजा विवाद शहर में व्याप्त अतिक्रमण और अव्यवस्था की गहरी समस्या को दर्शाता है। हाट बाजार गांधीनगर को साप्ताहिक बाजार के लिए व्यवस्थित करना न केवल एक व्यावहारिक समाधान है, बल्कि यह नगरपालिका के विकास कार्यों को भी रेखांकित करता है। शैलेंद्र सिंह और रूबी सिंह का जनहित के प्रति समर्पण और वोट की राजनीति से ऊपर उठकर काम करने की सोच किरंदुल के लिए एक सकारात्मक संदेश है। अब जरूरत है कि नगरपालिका, पुलिस प्रशासन और स्थानीय नागरिक मिलकर इस दिशा में एकजुट प्रयास करें, ताकि किरंदुल एक व्यवस्थित और समृद्ध शहर के रूप में अपनी पहचान बनाए रख सके।



