*तेलघानी पुनर्जनन: रायपुर में तैलीक समाज की अभिनव पहल*

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

*तेलघानी पुनर्जनन: रायपुर में तैलीक समाज की अभिनव पहल*

रायपुर में तैलीक वंशीय, तेली, साहू समाज के सामाजिक, आर्थिक और व्यावसायिक विकास के लिए एक प्रेरणादायी पहल शुरू हुई है। समाजसेवी श्री नारायण लाल साहू, रोहिणीपुरम, रायपुर, ने पारंपरिक तेलघानी व्यवसाय को पुनर्जनन देकर शुद्ध तेल उत्पादन और कुटीर उद्योग को बढ़ावा देने का बीड़ा उठाया है। इस दिशा में पहला कदम कर्मा धाम, रायपुर में एक कार्यशाला के आयोजन के रूप में उठाया गया, जिसमें समाज के जागरूक लोग शामिल हुए। कार्यशाला में तेलघानी व्यवसाय की आधुनिक प्रासंगिकता, मिलावट से बचाव और घर-घर कुटीर उद्योग स्थापित करने पर सहमति बनी।

श्री साहू ने इस विचार को मूर्त रूप देते हुए कर्मा धाम, कृष्णा नगर, रायपुर के कर्मा माता मंदिर सभा हॉल में एक छोटी तेल निकालने वाली मशीन स्थापित की। इस मशीन से सरसों, तिल, मूंगफली, अलसी और नारियल जैसे शुद्ध तेलों का उत्पादन हो रहा है, जिसे लोग अपनी आंखों से देख सकते हैं। इस पहल को शहर जिला साहू संघ, रायपुर के अध्यक्ष, महासचिव, सभापति और सैकड़ों समाजसेवियों का समर्थन मिला।

यह पहल न केवल स्वस्थ जीवन को बढ़ावा देती है, बल्कि बेरोजगार युवाओं, विशेषकर छात्रों, के लिए रोजगार के अवसर भी सृजित करती है। छोटे पैमाने पर कुटीर उद्योग शुरू कर आर्थिक स्थिति में सुधार और समय प्रबंधन संभव है। बड़े पैमाने पर मशीन लगाकर अन्य लोगों को रोजगार देने की संभावना भी है। तेल घानी बोर्ड के माध्यम से शासकीय सुविधाओं का लाभ उठाने का अवसर भी उपलब्ध है।

प्रधानमंत्री महोदय के संदेश का उल्लेख करते हुए श्री साहू ने जोर दिया कि बाजार में उपलब्ध तेल में पाम ऑयल की मिलावट आम है, जिसे शुद्ध नहीं कहा जा सकता। इसलिए, शुद्ध तेल का उपयोग और कम तेल खपत की सलाह को अपनाना जरूरी है। यह पहल मिलावट से बचने और स्वस्थ, सुखमय जीवन जीने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

श्री नारायण लाल साहू की इस पहल को समाज का अपार समर्थन, प्रशंसा और प्रेम मिल रहा है। यह न केवल तैलीक समाज, बल्कि सभी के लिए एक प्रेरणा है कि हम शुद्धता को अपनाएं और स्वस्थ, निरोगी जीवन जिएं।

Leave a Comment

और पढ़ें

Buzz4 Ai

Read More Articles