*राष्ट्रहित सर्वोपरि के सिद्धांतों को चरितार्थ करते हुए विश्व की सबसे बड़ी श्रम संघ बीएमएस हड़ताल में नहीं होगा शामिल – सीजीएम को दिया गया ज्ञापन* 

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*राष्ट्रहित सर्वोपरि के सिद्धांतों को चरितार्थ करते हुए विश्व की सबसे बड़ी श्रम संघ बीएमएस हड़ताल में नहीं होगा शामिल – सीजीएम को दिया गया ज्ञापन*

किरंदुल. दुनिया की सबसे बड़ी ट्रेड यूनियन भारतीय मजदूर संघ से संबद्ध खदान मजदूर संघ शाखा किरंदुल के पदाधिकारियों और सदस्यों ने राष्ट्रहित सर्वोपरि के सिद्धांत पर चलते हुए अन्य संगठनों के द्वारा 20 मई को प्रस्तावित हड़ताल में सम्मिलित न होने एवं कार्यस्थल तक सुरक्षित पहुंचाने की सुव्यवस्था हेतु एनएमडीसी किरंदुल परियोजना के मुख्य महाप्रबंधक संजीव साही को ज्ञापन सौंपा, जिसकी प्रतिलिपि केंद्रीय इस्पात मंत्री, बस्तर सांसद, एनएमडीसी अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक, निदेशक (उत्पादन), कलेक्टर जिला दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा, पुलिस अधीक्षक, थाना प्रभारी को आवश्यक आगामी कार्रवाई हेतु संप्रेषित की जाएगी। प्रेषित पत्र में उल्लेख किया गया है कि हमारा श्रमसंघ वर्तमान परिस्थतियों में पूरी तरह से अपने राष्ट्र, केन्द्र सरकार, भारतीय सेना एवं समस्त देशवासियों की भावनाओं के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है। हमारा श्रम संघ “भारत माता की जय घोष” के साथ “देश के हित में करेंगे काम, काम के लेंगे पूरे दाम” जैसे प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने वाला संघ है न कि आपदा में अवसर तलाशने वाले अन्य संगठनों की तरह चाहे जो भी मजबूरी हो, मांग हमारी पूरी हो के सिद्धांतों पर चलने वालों की तरह है। भारतीय मजदूर संघ ने सन् 1971 में आर्डिनेंस फैक्ट्री कानपुर में श्रमिकों के हितों को लेकर हड़ताल किया था, इसी दौरान भारत और पाकिस्तान का युद्ध छिड़ गया, जिससे अन्य यूनियनों को यह लगा कि अब तो सरकार की मजबूरी है, अब मांग अवश्य ही पूरी कर दी जायेगी। किंतु तात्कालिक परिस्थितयों को दृष्टिगत रखते हुए भारतीय मजदूर संघ के सदस्यों ने राष्ट्रहित सर्वोपरि के अपने सिद्धांतों पर अमल करते हुए हड़ताल को टालकर बिना किसी अतिरिक्त वेतन के 16-16 घंटे कार्य कर देशभक्ति के अपने नारे को चरितार्थ करते हुए यह सिद्ध किया कि राष्ट्रहित, उद्यम हित, श्रमिक हित हमारा संकल्प भी है।

अतः हमारे श्रम संघ के समस्त पदाधिकारी एवं सदस्यगण अपने गौरवशाली इतिहास और सिद्धांतों पर चलते हुए 20 मई 2025 को कतिपय संगठनों द्वारा प्रस्तावित हड़ताल में सम्मिलित नहीं होंगे तथा अन्य कार्यदिवस की भांति अपने कार्यस्थल पर उपस्थित होंगे। इस दौरान हमारे समस्त पदाधिकारियों एवं सदस्यों को कार्यस्थल पर सकुशल पहुंचाने की जिम्मेदारी स्थानीय परियोजना प्रबंधन की होगी। सीजीएम को ज्ञापन देते समय खदान मजदूर संघ शाखा किरंदुल के अध्यक्ष बी. दिल्ली राव, राजेंद्र यादव, दानेश्वर जोशी, अनूप बिश्वास, सुधा बाघ, दिव्या चुन्नम, नितेश, मधुसूदन उपस्थित थे।

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