*किरंदुल: एनएमडीसी की लापरवाही से वार्ड नं. 9 में कचरे के डब्बे से उठ रही सड़न की बदबू, कॉलोनीवासी परेशान – आखिर जिम्मेदार कौन?*
किरंदुल नगरपालिका क्षेत्र के वार्ड नं. 9, एनएमडीसी कॉलोनी में स्वच्छता के नाम पर रखा गया कचरे का बड़ा प्लास्टिक डब्बा अब कॉलोनीवासियों के लिए परेशानी का सबब बन गया है। हफ्तों से इस डब्बे की सफाई नहीं होने के कारण कचरा तो भरा ही है, साथ ही हाल की बारिश का गंदा पानी जमा होने से सड़न और दुर्गंध ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। सवाल उठता है कि आखिर इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा?
स्थानीय निवासियों का कहना है कि उन्होंने नगरपालिका के सफाईकर्मियों को इसकी जानकारी दी, लेकिन जवाब मिला कि यह क्षेत्र एनएमडीसी का है और सफाई का जिम्मा एनएमडीसी के कर्मचारियों का है। नगरपालिका कर्मचारियों ने यह भी दावा किया कि उन्होंने एनएमडीसी अधिकारियों को कई बार इसकी सूचना दी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। दूसरी ओर, एनएमडीसी की ओर से इस मामले पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा।
*प्रश्न जो बिना जवाब के रह गए:*
1,एनएमडीसी ने स्वच्छता के लिए कचरे का डब्बा तो रखा, लेकिन उसकी नियमित सफाई की जिम्मेदारी क्यों नहीं निभाई जा रही?
2,नगरपालिका और एनएमडीसी के बीच समन्वय की कमी का खामियाजा कॉलोनीवासियों को क्यों भुगतना पड़ रहा है?
3,क्या एनएमडीसी के अधिकारी इस बदबू और सड़न से होने वाले स्वास्थ्य जोखिमों के प्रति गंभीर नहीं हैं?
4*कॉलोनीवासियों की शिकायतों का समाधान कब तक होगा, या यह समस्या अनदेखी का शिकार बनी रहेगी?
कॉलोनीवासियों में रोष बढ़ता जा रहा है। वे सवाल उठा रहे हैं कि जब नगरपालिका और एनएमडीसी दोनों ही जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहे हैं, तो वे अपनी शिकायत कहां लेकर जाएं? क्या स्वच्छ भारत के सपने को साकार करने की जिम्मेदारी केवल कागजों तक सीमित रह गई है
*कॉलोनीवासियों की मांग*
एनएमडीसी तत्काल कचरे के डब्बे की सफाई कराए।
नियमित सफाई के लिए स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
नगरपालिका और एनएमडीसी के बीच समन्वय स्थापित कर इस समस्या का स्थायी समाधान निकाला जाए।
क्या एनएमडीसी इस मामले में अपनी जिम्मेदारी निभाएगी, या कॉलोनीवासी बदबू और सड़न के बीच जीने को मजबूर रहेंगे? यह सवाल अब किरंदुल की जनता के साथ-साथ प्रशासन के लिए भी एक चुनौती बन चुका है।


