“घर बैठे B.Ed डिग्री घोटाला! किरंदुल की सरकारी शिक्षिका मंगरीता टोप्पो ने एक साथ स्कूल में फुल ड्यूटी और क्राइस्ट कॉलेज जगदलपुर में 75% उपस्थिति कैसे पूरी की? क्राइस्ट कॉलेज के काले कारनामों का खुलासा”

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“घर बैठे B.Ed डिग्री घोटाला! किरंदुल की सरकारी शिक्षिका मंगरीता टोप्पो ने एक साथ स्कूल में फुल ड्यूटी और क्राइस्ट कॉलेज जगदलपुर में 75% उपस्थिति कैसे पूरी की? क्राइस्ट कॉलेज के काले कारनामों का खुलासा”

दन्तेवाड़ा/जगदलपुर, 27 मई 2026: छत्तीसगढ़ के शिक्षा विभाग में बड़ा बम फूटने वाला है। दक्षिण बस्तर के दन्तेवाड़ा जिले की एक सरकारी शिक्षिका कुं. मंगरीता टोप्पो पर गंभीर आरोप लगा है कि उन्होंने 2014-15 सत्र में क्राइस्ट कॉलेज जगदलपुर से नियमित B.Ed की डिग्री हासिल की, जबकि उसी समय वे किरंदुल के शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय विद्या नगर में पूर्णकालिक शिक्षिका के रूप में ड्यूटी दे रही थीं।

*RTI और सरकारी रिकॉर्ड का चौंकाने वाला खुलासा*

RTI के माध्यम से प्राप्त जानकारी और विद्यालय की उपस्थिति रजिस्टर के अनुसार:

मंगरीता टोप्पो ने पूरे 2014-15 सत्र में महज 44 दिनों की छुट्टी ली।

बाकी पूरे साल वे स्कूल में नियमित रूप से उपस्थित रहीं।

वहीं क्राइस्ट कॉलेज जगदलपुर का दावा है कि B.Ed के लिए 75% उपस्थिति अनिवार्य है।

सवाल उठता है — एक ही व्यक्ति दो अलग-अलग जगहों पर एक साथ पूर्ण उपस्थिति कैसे दर्ज करा सकती है?

जब जिला शिक्षा अधिकारी, दन्तेवाड़ा ने क्राइस्ट कॉलेज से अंकसूची सत्यापन के लिए उपस्थिति रजिस्टर मांगा, तो कॉलेज ने जवाब दिया:

“2014-15 की उपस्थिति रजिस्टर पंजी बहुत पुरानी होने के कारण देने में असमर्थ हैं।”

केवल प्रवेश रजिस्टर की छायाप्रति संलग्न की गई। यह जवाब शिक्षा जगत में संदेह का बड़ा कारण बन गया है।

*क्राइस्ट कॉलेज पर गंभीर आरोप*

सूत्रों और RTI जानकारी के आधार पर आरोप लग रहे हैं कि:

क्राइस्ट कॉलेज जगदलपुर में घर बैठे B.Ed की व्यवस्था चल रही थी।

नियमित छात्रों की उपस्थिति दिखाकर फर्जी तरीके से परीक्षा फॉर्म भरा जाता था।

गंभीर चिकित्सीय कारण या अपरिहार्य परिस्थिति में 60% उपस्थिति की छूट का प्रावधान तो है, लेकिन मंगरीता टोप्पो का केस इससे अलग है — वे पूरे साल स्कूल में ड्यूटी कर रही थीं।

सवाल यह भी है कि ऐसे और कितने B.Ed धारी शिक्षक/शिक्षिकाएं हैं, जिन्होंने बिना कॉलेज गए डिग्री हासिल की?

शहीद महेन्द्र कर्मा विश्वविद्यालय, बस्तर के नियमों के अनुसार B.Ed के लिए 75% उपस्थिति अनिवार्य है। अगर यह साबित होता है कि उपस्थिति फर्जी थी, तो न केवल मंगरीता टोप्पो की डिग्री बल्कि उनके द्वारा पढ़ाए गए छात्रों की पढ़ाई की वैधता पर भी सवाल उठेगा।

*शिक्षा विभाग में हलचल*

जिला शिक्षा अधिकारी दन्तेवाड़ा ने इस मामले में सत्यापन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। यदि क्राइस्ट कॉलेज जगदलपुर द्वारा उपस्थिति रिकॉर्ड न देने का मामला सही पाया गया तो यह B.Ed घोटाले का बड़ा केस बन सकता है।

शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है: “यह सिर्फ एक शिक्षिका का मामला नहीं है। यह पूरे B.Ed सिस्टम में गहरी सड़ांध को दर्शाता है, खासकर दूर-सुदूर इलाकों के कॉलेजों में।”

अब देखना यह है कि छत्तीसगढ़ शिक्षा विभाग इस मामले में कितनी गंभीरता से कार्रवाई करता है। क्या क्राइस्ट कॉलेज जगदलपुर पर छापेमारी होगी? क्या अन्य B.Ed कॉलेजों की भी जांच होगी?

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