*किरंदुल में NMDC सुरक्षा गार्डों पर नया साजिशी खेल! 15 साल की नौकरी पर तलवार, 50+ उम्र के कर्मचारी बेरोजगारी की आग में*

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*किरंदुल में NMDC सुरक्षा गार्डों पर नया साजिशी खेल! 15 साल की नौकरी पर तलवार, 50+ उम्र के कर्मचारी बेरोजगारी की आग में*

किरंदुल (दंतेवाड़ा), 28 जून 2026 — दक्षिण बस्तर के खनिज नगरी किरंदुल में NMDC क्षेत्र की सुरक्षा के लिए 15 वर्षों से सेवा दे रहे 100 से अधिक अस्थायी सुरक्षा गार्डों की रोजी-रोटी पर गंभीर संकट मंडरा रहा है। नई ठेकेदार कंपनी सी.डी.ओ. सिक्योरिटीज एंड पब्लिक हेल्पलाइन सर्विस, भिलाई द्वारा गार्डों को शारीरिक प्रशिक्षण के नाम पर 8 पन्नों का फॉर्म थमा दिया गया है, जिसमें मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना का प्रशिक्षण प्रमाणपत्र 90 दिनों के अंदर जमा करने की शर्त रखी गई है। प्रमाणपत्र न जमा करने पर बिना नोटिस के नौकरी से हटाने का खुला खतरा दिया गया है।

शारीरिक परीक्षण की तारीफ, लेकिन फॉर्म में छिपा जाल

स्थानीय नागरिकों ने फुटबॉल ग्राउंड पर गार्डों का दौड़ाकर शारीरिक परीक्षण कराने की सराहना की है। यह पहली बार हुआ जब गार्डों को वास्तविक मापदंड पर खरा उतरना पड़ा। लेकिन इसी प्रक्रिया में फॉर्म के क्लॉज 8 और 9 ने बवाल खड़ा कर दिया।

क्लॉज 8: गार्ड को मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के तहत मान्यता प्राप्त संस्थान से प्रशिक्षण लेकर प्रमाणपत्र ज्वाइनिंग की तारीख से 90 दिनों में जमा करना होगा।

क्लॉज 9: जानकारी गलत पाए जाने या प्रमाणपत्र न जमा करने पर कंपनी बिना सूचना के सेवा से हटा सकती है, गार्ड को कोई आपत्ति नहीं होगी।

सूत्रों के अनुसार, पुराने गार्डों में करीब 20% के पास यह प्रमाणपत्र नहीं है। कई गार्ड 50 वर्ष से अधिक उम्र के हैं, जो दशकों से NMDC परिसर की सुरक्षा संभालते हुए परिवार का पेट पाल रहे हैं। अब उनकी चिंता है — “15-20 साल की सेवा के बाद कहां जाएंगे? नई नौकरी मिलना मुश्किल, उम्र भी साथ नहीं दे रही।”

बाहरी भर्ती और कथित वसूली का आरोप

स्थानीय सूत्रों का दावा है कि नई एजेंसी पुराने गार्डों को हटाकर बाहरी लोगों को लाने की तैयारी में है। शर्तें ऐसे बनाई गई हैं कि पुराने गार्ड उन्हें पूरा न कर सकें। साथ ही, नई भर्ती में 50 से 70 हजार रुपये तक की वसूली की खबरें भी जोर पकड़ रही हैं। यह आरोप गंभीर है और NMDC जैसी सरकारी कंपनी की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाता है।

NMDC के Bailadila Iron Ore Mine, Kirandul Complex में सुरक्षा की अहमियत सर्वोपरि है। लंबे समय से काम कर रहे स्थानीय गार्डों का अनुभव बाहरी अपरिचितों से कहीं बेहतर माना जाता है, फिर भी उन्हें इस तरह की अड़चनों का सामना क्यों?

स्थानीय प्रतिक्रिया और मांग

किरंदुल के नागरिक शारीरिक फिटनेस की सराहना कर रहे हैं, लेकिन नौकरी छिनने के खतरे पर नाराज हैं। गार्डों की मांग है कि पुराने अनुभवी कर्मचारियों को प्रमाणपत्र जमा करने की शर्त में छूट दी जाए या NMDC/एजेंसी द्वारा खुद प्रशिक्षण की व्यवस्था की जाए।

NMDC और छत्तीसगढ़ सरकार को सवाल:

क्या 15 साल की सेवा को इस तरह नजरअंदाज किया जा सकता है?

मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना का इस्तेमाल पुराने कर्मचारियों को हटाने के लिए तो नहीं हो रहा?

ठेकेदार एजेंसियों की मनमानी पर NMDC की क्या भूमिका है?

यह मामला सिर्फ कुछ गार्डों की नौकरी का नहीं, बल्कि स्थानीय रोजगार, अनुभवी सुरक्षा बल और ठेकेदारी व्यवस्था की पारदर्शिता का है। प्रशासन, NMDC प्रबंधन और श्रम विभाग को तुरंत संज्ञान लेना चाहिए, वरना किरंदुल में बेरोजगारी और असंतोष की नई चिंगारी भड़क सकती है।

किरंदुल के गार्डों की आवाज को दबने नहीं देंगे।

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