*किरंदुल नगरपालिका में भ्रष्टाचार का भंडाफोड़: 50 रुपये की सरकारी पर्ची पर 250 रुपये वसूली का खेल, BJP जिला संगठन के शीर्ष नेताओं पर संरक्षण का आरोप – क्या ‘चौकीदार’ की छवि लोकल स्तर पर धूमिल हो रही है?*

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

*किरंदुल नगरपालिका में भ्रष्टाचार का भंडाफोड़: 50 रुपये की सरकारी पर्ची पर 250 रुपये वसूली का खेल, BJP जिला संगठन के शीर्ष नेताओं पर संरक्षण का आरोप – क्या ‘चौकीदार’ की छवि लोकल स्तर पर धूमिल हो रही है?*

किरंदुल (दंतेवाड़ा), 18 अप्रैल 2026 – किरंदुल नगरपालिका में अस्थाई दखल शुल्क (टेम्पररी एंट्री फीस) की वसूली में फर्जीवाड़े का बड़ा खुलासा अभी भी सुर्खियों में है। 1 अप्रैल 2026 को सामने आए इस घोटाले में 50 रुपये की आधिकारिक पर्ची पर गुजरात के 6 चक्का ट्रकों से 250 रुपये जबरन वसूले जाने का मामला सामने आया था। ट्रक ड्राइवरों ने खुलकर बताया कि सुनील गुप्ता नामक व्यक्ति धमकी देकर यह अवैध वसूली करता था। निविदा 2025-26 राम छलीवाल के नाम पर थी, लेकिन राम छलीवाल को इसकी भनक तक नहीं थी। एक कंपनी से ही महीने में औसतन 12,000 रुपये से ज्यादा की अवैध कमाई हो रही थी। ट्रेलरों (500 रुपये फीस) पर भी यही फर्जीवाड़ा हुआ तो नुकसान और भारी हो सकता है।

नगरपालिका के नियम साफ हैं – ट्रक पर 50 रुपये, ट्रेलर पर 500 रुपये। लेकिन पर्ची में छेड़छाड़ कर हजारों रुपये अतिरिक्त वसूले गए। कांग्रेस ने तुरंत कार्रवाई की मांग की। किरंदुल कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष राजेन्द्र मृणाल राय ने मुख्य नगरपालिका अधिकारी से 7 दिन का अल्टीमेटम दिया था – “अगर 7 दिनों में एक्शन नहीं लिया तो नगरपालिका का घेराव और धरना प्रदर्शन होगा।”

*अब नया मोड़: BJP जिला संगठन के शीर्ष नेताओं पर संरक्षण का आरोप*

स्थानीय सूत्रों और प्रभावित ट्रक मालिकों के मुताबिक, यह अवैध वसूली का गैंग सिर्फ सुनील गुप्ता तक सीमित नहीं है। 50 रुपये की सरकारी रसीद में हाथ से 250 रुपये लिखकर वसूली करने वाले गैंग को दंतेवाड़ा जिले के BJP जिला संगठन के कुछ शीर्ष नेताओं का संरक्षण प्राप्त है। इसी कारण मुख्य नगरपालिका अधिकारी की कार्रवाई अधर में लटकी हुई है।

इसी बीच, अपने ही पार्टी के विधायक प्रतिनिधि के खिलाफ जिला कलेक्टर को फर्जी दस्तखत वाला आवेदन देने का मामला भी सामने आया है। अज्ञात लोगों ने यह आवेदन दिया, लेकिन स्थानीय लोग सवाल उठा रहे हैं – क्या इसमें भी BJP का कोई कार्यकर्ता शामिल है? “जिस थाली में खाया, उसी में छेद किया” वाली स्थिति बन गई है।

*विश्लेषण: ‘सैयां भैया कोतवाल तो डर काहे का’ – क्या यही कहावत सत्य साबित हो रही है?*

आज जब पूरे देश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ‘देश का चौकीदार’ कहा जाता है, तब किरंदुल जैसे छोटे लौह-नगरी क्षेत्र में उसी भाजपा के कुछ कार्यकर्ता पार्टी की छवि को बदनाम करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। 50 रुपये की पर्ची पर 250 रुपये वसूलने वाला गैंग अगर जिला संगठन के शीर्ष नेताओं की ढाल में सुरक्षित है, तो सवाल उठता है – क्या लोकल स्तर पर भ्रष्टाचार का ‘कोतवाल’ खुद ही संरक्षक बन गया है?

यह मामला सिर्फ वसूली का नहीं, बल्कि सिस्टम फेल का है। आमजन और बाहर से आने वाले वाहन मालिकों का शोषण हो रहा है। अगर BJP के शीर्ष नेता वाकई संरक्षण दे रहे हैं, तो यह पार्टी के ‘भ्रष्टाचार मुक्त भारत’ के नारे पर सवाल खड़ा करता है। कांग्रेस पहले ही एक्शन की मांग कर चुकी है, लेकिन अगर कार्रवाई नहीं हुई तो घेराव-धरना तय है।

जनता की मांग

तुरंत SIT या स्वतंत्र जांच समिति गठित हो।

सुनील गुप्ता और संलिप्त ठेकेदारों पर कड़ी कार्रवाई हो।

BJP जिला संगठन के नेताओं पर लगे संरक्षण के आरोपों की भी जांच हो।

फर्जी दस्तखत वाले आवेदन की भी छानबीन हो।

किरंदुल की जनता अब भ्रष्टाचार के इस खेल को और कितना बर्दाश्त करेगी? मुख्य नगरपालिका अधिकारी और जिला प्रशासन पर अब सारी नजरें हैं – क्या वे रसूखदारों की ढाल बनेंगे या निष्पक्ष कार्रवाई करेंगे? जांच हो, दोषियों पर सख्त एक्शन हो – यही अब सबसे बड़ी मांग है।

Leave a Comment

और पढ़ें

*किरंदुल नगरपालिका में भ्रष्टाचार का भंडाफोड़: 50 रुपये की सरकारी पर्ची पर 250 रुपये वसूली का खेल, BJP जिला संगठन के शीर्ष नेताओं पर संरक्षण का आरोप – क्या ‘चौकीदार’ की छवि लोकल स्तर पर धूमिल हो रही है?*

Buzz4 Ai

Read More Articles

*किरंदुल नगरपालिका में भ्रष्टाचार का भंडाफोड़: 50 रुपये की सरकारी पर्ची पर 250 रुपये वसूली का खेल, BJP जिला संगठन के शीर्ष नेताओं पर संरक्षण का आरोप – क्या ‘चौकीदार’ की छवि लोकल स्तर पर धूमिल हो रही है?*