*किरंदुल में नशीली दवाओं पर सख्त नजर: पुलिस और ड्रग इंस्पेक्टर की संयुक्त चेकिंग से युवाओं को नशे से बचाने की मुहिम तेज*
दंतेवाड़ा (15 अप्रैल 2026): जिला दंतेवाड़ा के किरंदुल थाना क्षेत्र में पुलिस और ड्रग इंस्पेक्टर की टीम ने आज N-CORD (नारकोटिक्स कंट्रोल) के तहत बड़ी कार्यवाही की। जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर 8 दवाई दुकानों का संयुक्त निरीक्षण किया गया, जिसमें नारकोटिक्स संबंधित दवाइयों के स्टॉक, खरीद-विक्रय के बिल और रजिस्टर की विस्तृत जांच की गई।
निरीक्षण के दौरान पंचनामा तैयार किया गया। ड्रग इंस्पेक्टर आलोक मौर्य ने दुकान संचालकों को दवाइयों की खरीद-विक्रय के नियमों की विस्तार से समझाइश दी। थाना प्रभारी ने सख्त हिदायत देते हुए कहा कि प्रतिबंधित और नशे में इस्तेमाल होने वाली किसी भी दवा को डॉक्टर की पर्ची के बिना बेचना पूरी तरह प्रतिबंधित है। उल्लंघन पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
यह कार्यवाही जिला प्रशासन और पुलिस की नशा मुक्त दंतेवाड़ा बनाने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। N-CORD के माध्यम से जिले में नशीली दवाओं के अवैध क्रय-विक्रय पर लगाम लगाने के लिए नियमित चेकिंग अभियान चलाए जा रहे हैं, ताकि युवाओं को नशे की लत से बचाया जा सके और समाज में स्वस्थ वातावरण बने।
पुलिस का संदेश:
दवाई दुकान संचालक डॉक्टर की पर्ची के बिना नारकोटिक्स वाली दवाएं न बेचें। आम नागरिक भी अगर कोई दुकानदार बिना पर्ची दवा देता है तो तुरंत थाना किरंदुल या जिला पुलिस को सूचित करें।
यह सक्रिय कदम जिले में नशे के खिलाफ चल रही व्यापक मुहिम का हिस्सा है, जो भविष्य में और मजबूत होगा। प्रशासन और पुलिस की इस सकारात्मक पहल से स्थानीय लोगों में सुरक्षा की भावना बढ़ी है।

