*दंतेवाड़ा (छत्तीसगढ़): बचेली पुलिस ने दो साल पुराने एक अंधे हत्याकांड की गुत्थी सुलझा ली है। जमीन के मुआवजे के लालच में पोते ने ही दादा की हत्या कर दी थी। आरोपी राकेश तेलाम को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।*
यह मामला जनवरी 2024 का है, जब ग्राम आयतुपारा नेरली (थाना बचेली, जिला दंतेवाड़ा) के बुधरू तेलाम की रात में सोते समय गुप्ती से सिर पर वार कर हत्या कर दी गई थी। घटना के समय बिजली गुल कर दी गई थी और परिवार के अन्य सदस्यों के घरों के गेट रस्सी-तार से बांध दिए गए थे, ताकि कोई मदद के लिए न पहुंच सके। पोस्टमार्टम में मौत का कारण सिर पर गंभीर चोटें बताई गईं।
पुलिस जांच में सामने आया कि यह हत्या जमीन अधिग्रहण मुआवजे से जुड़ी साजिश थी। मृतक बुधरू तेलाम और उनके परिवार की संयुक्त जमीन (खसरा नंबर 03, रकबा 2 हेक्टेयर) में से करीब 0.4550 हेक्टेयर भूमि वर्ष 2023 में एनएमडीसी लिमिटेड द्वारा बैलाडिला-नगरनार स्लरी पाइपलाइन प्रोजेक्ट के लिए अधिग्रहित की गई थी।
इसके बदले कुल मुआवजा लगभग 21 लाख रुपये (जमीन के लिए 6.88 लाख + पेड़ों के लिए 14 लाख) का था। आरोपी राकेश तेलाम (उम्र 26 वर्ष, पिता स्व. बुगूर तेलाम) ने फर्जी तरीके से परिवार के अन्य सदस्यों को मृत बताकर सितंबर 2023 में कलेक्टर कार्यालय से पहली किस्त 6.88 लाख रुपये का चेक प्राप्त कर लिया और अपने बैंक खाते में जमा कर दिया।
जब गांव के कोटवार के माध्यम से इसकी जानकारी मृतक बुधरू और उनके बेटों (भीमा, राजू) को हुई, तो राकेश कानूनी कार्रवाई के डर से घबरा गया। साथ ही बाकी बचे 14 लाख रुपये के मुआवजे को हड़पने की मंशा से उसने दादा बुधरू की हत्या की साजिश रची।
2 मार्च 2026 को पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें उसने जुर्म कबूल कर लिया। हत्या में इस्तेमाल गुप्ती भी बरामद कर ली गई। आरोपी को माननीय सीजेएम कोर्ट, दंतेवाड़ा के समक्ष पेश कर जेल भेज दिया गया।
अपराध क्रमांक: 03/2024
धारा: 302 भादंसं
इस सफलता में थाना प्रभारी निरीक्षक प्रहलाद कुमार साहू, उप निरीक्षक रूपेश नारंग, सहायक उप निरीक्षक गोवर्धन निर्मलकर, रामजी कुंवर, प्रधान आरक्षक मेहतु राम कोर्राम, संतोषी ध्रुव और आरक्षक हीरा कुमार रात्रे की सराहनीय भूमिका रही।
पुलिस अधीक्षक गौरव राय, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रामकुमार बर्मन और पुलिस अनुविभागीय अधिकारी किरंदुल कमलजीत पाटले के मार्गदर्शन में यह कार्रवाई पूरी हुई।
यह घटना जमीन-मुआवजे के विवादों में परिवार के भीतर कितनी गहरी साजिशें हो सकती हैं, इसका एक खौफनाक उदाहरण है।
