*दंतेवाड़ा जिले के किरंदुल क्षेत्र में बाढ़ प्रभावित पातालनागर पुल का जिला पंचायत अध्यक्ष नंदलाल मुडामी ने किया स्थलीय निरीक्षण, ग्रामीणों की परेशानी दूर करने हेतु त्वरित निर्माण की मांग*
दंतेवाड़ा जिले के किरंदुल वार्ड क्रमांक 18 स्थित पातालनागर में इस मानसून सीजन में आई भारी बाढ़ के कारण एक महत्वपूर्ण पुल पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था। इस पुल के टूटने से किरंदुल को आसपास के लगभग 20 गांवों, पालनार, अरनपुर सहित अन्य क्षेत्रों से जुड़ाव प्रभावित हो गया है। यह पुल किरंदुल और दंतेवाड़ा मुख्यालय को भी सीधे जोड़ता है, जिससे रोजाना सैकड़ों ग्रामीण बाजार, रोजगार, शिक्षा और आवश्यक वस्तुओं के लिए आवागमन करते थे।
बाढ़ के दौरान पुल टूटने के समय एक ग्रामीण पानी की तेज धारा में फंस गया था, जो किसी तरह तैरकर अपनी जान बचा पाया। इस घटना ने स्थानीय लोगों में भय और असुविधा पैदा कर दी थी। ग्रामीणों को अब वैकल्पिक जोखिम भरे रास्तों का सहारा लेना पड़ रहा है, जिससे दैनिक जीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।
इस गंभीर समस्या को देखते हुए जिला पंचायत अध्यक्ष नंदलाल मुडामी ने स्वयं मौके पर पहुंचकर पुल का विस्तृत निरीक्षण किया। उन्होंने स्थिति का जायजा लिया और ग्रामीणों की मुश्किलों को समझा। समस्या के समाधान के लिए उन्होंने एनएमडीसी (NMDC) और एएम/एनएस इंडिया (ArcelorMittal Nippon Steel India) को पत्र लिखकर पुल के शीघ्र पुनर्निर्माण की मांग की है। साथ ही, पुल से लेकर एएम/एनएस इंडिया के मुख्य द्वार तक फुटपाथ निर्माण की भी आवश्यकता बताई है, ताकि ग्रामीणों को आने-जाने में कोई असुविधा न हो।
इस मुद्दे को नगरपालिका उपाध्यक्ष बबलू सिद्दीकी ने भी अपने पत्र के माध्यम से एएम/एनएस इंडिया के समक्ष रखा है। दोनों अधिकारियों के सक्रिय प्रयासों से उम्मीद है कि जल्द ही पुल निर्माण का कार्य शुरू हो जाएगा। नगरपालिका उपाध्यक्ष बबलू सिद्दीकी समय-समय पर किरंदुल क्षेत्र के ऐसे विकास संबंधी मुद्दों को उठाते रहते हैं, जिससे स्थानीय स्तर पर सकारात्मक बदलाव आ रहे हैं।
यह घटना क्षेत्रीय प्रशासन और औद्योगिक संस्थाओं के बीच बेहतर समन्वय की मिसाल पेश करती है। ग्रामीणों की आवाज को सुनते हुए त्वरित कार्रवाई से हजारों लोगों की दैनिक परेशानी दूर हो सकती है। उम्मीद है कि जल्द ही यह पुल बहाल होकर क्षेत्र में सामान्य जीवन बहाल हो जाएगा।

