*बीजापुर में ऐतिहासिक क्षण: मां दंतेश्वरी की डोली-छत्र का पहली बार नगर भ्रमण, श्रद्धालुओं का जनसैलाब*

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

  1. *बीजापुर में ऐतिहासिक क्षण: मां दंतेश्वरी की डोली-छत्र का पहली बार नगर भ्रमण, श्रद्धालुओं का जनसैलाब*

बीजापुर, 12 नवंबर

बस्तर की आराध्य देवी मां दंतेश्वरी की डोली और छत्र ने आज पहली बार बीजापुर नगर का भ्रमण किया, जो क्षेत्र के धार्मिक इतिहास में एक मील का पत्थर साबित हुआ। दंतेवाड़ा से बीजापुर पहुंची इस पवित्र डोली ने पूरे शहर को भक्ति और उल्लास की लहर से सराबोर कर दिया। हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए उमड़े, जिससे सड़कें जयकारों और ढोल-नगाड़ों से गूंज उठीं।

अभूतपूर्व उत्साह और भव्य स्वागत

यह पहला मौका है जब मां दंतेश्वरी की डोली और छत्र दंतेवाड़ा से बाहर निकलकर बीजापुर पहुंची। नगर प्रवेश द्वार पर पारंपरिक नृत्य, आतिशबाजी और फूलों की वर्षा के साथ भव्य स्वागत हुआ। शोभायात्रा मुख्य मार्गों से गुजरी, जहां जगह-जगह पूजा-अर्चना, आरती और धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए गए। श्रद्धालुओं ने घरों के सामने रंगोलियां सजाईं और माता का आशीर्वाद ग्रहण किया।

मां दंतेश्वरी बस्तर के काकतीय राजाओं की कुलदेवी हैं और स्थानीय आदिवासी समुदाय की गहरी आस्था का प्रतीक। यह भ्रमण क्षेत्र में सुख-समृद्धि, शांति और एकता की प्रार्थना का हिस्सा माना जा रहा है। आयोजन ने नक्सल प्रभावित इलाके में धार्मिक सद्भाव की नई मिसाल कायम की।

*स्थानीयों की भावुक प्रतिक्रिया*

स्थानीय निवासी इस पल को सौभाग्य मान रहे हैं। एक बुजुर्ग श्रद्धालु ने कहा, “यह सपना सच होने जैसा है। मां दंतेश्वरी का आगमन हमारे शहर को नई ऊर्जा देगा।” महिलाओं और बच्चों ने फूल चढ़ाकर आशीर्वाद लिया, जबकि युवा उत्सव में शामिल होकर खुशी जाहिर कर रहे थे।

*नया अध्याय और संदेश*

डोली का सफल भ्रमण बीजापुर के धार्मिक परिदृश्य में नई चेतना जगाने वाला साबित हुआ। प्रशासन और मंदिर समिति की मेहनत से आयोजित यह कार्यक्रम बिना किसी व्यवधान के संपन्न हुआ। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे आयोजन क्षेत्रीय एकता को मजबूत करेंगे और पर्यटन को बढ़ावा देंगे।

यह ऐतिहासिक घटना बस्तर की सांस्कृतिक विरासत को जीवंत रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। मां दंतेश्वरी की जय!

Leave a Comment

और पढ़ें

Buzz4 Ai

Read More Articles