*दंतेवाड़ा पुलिस की त्वरित कार्रवाई: 48 घंटे में चोर गिरफ्तार, चोरी के गहने और नकदी बरामद*
दंतेवाड़ा, 17 अगस्त 2025: दंतेवाड़ा जिले के कुआकोंडा थाना क्षेत्र के श्यामगिरी गांव में हुई चोरी की घटना को पुलिस ने 48 घंटे के भीतर सुलझा लिया। सायबर सेल और सीसीटीवी फुटेज की मदद से पुलिस ने न केवल आरोपी को गिरफ्तार किया, बल्कि चोरी गए सभी गहनों और नकदी को भी बरामद कर लिया। यह कार्रवाई जिले में चल रहे अपराध नियंत्रण अभियान का हिस्सा है, जिसका नेतृत्व पुलिस अधीक्षक गौरव राय कर रहे हैं।
घटना 13 अगस्त 2025 को दोपहर करीब 1 बजे की है, जब लक्ष्मी ताती अपने घर का दरवाजा बंद कर बाड़ी में काम करने गई थीं। शाम 5 बजे लौटने पर उन्हें घर का दरवाजा खुला और सामान बिखरा हुआ मिला। जांच में पता चला कि उनके पेटी से दो सोने के झुमके (मूल्य 30,000 रुपये), एक सोने का हार (मूल्य 15,000 रुपये) और 1,000 रुपये नकद चोरी हो गए थे। इसकी शिकायत पर कुआकोंडा पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 305(क) और 331(3) के तहत मामला दर्ज किया।
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सायबर सेल और सीसीटीवी फुटेज की मदद से संदिग्ध अशोक कुमार भास्कर (18 वर्ष, निवासी श्यामगिरी कोटवारपारा) को हिरासत में लिया। पूछताछ में अशोक ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसके कब्जे से चोरी गए दो सोने के झुमके, एक सोने का हार और 200 रुपये नकद बरामद किए गए। आरोपी को 17 अगस्त 2025 को दोपहर 1:05 बजे गिरफ्तार कर न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, दंतेवाड़ा के समक्ष पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
इस सफलता में थाना प्रभारी मोहर साय लहरे, सायबर सेल दंतेवाड़ा और अन्य पुलिस कर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक उदित पुस्कर, रामकुमार बर्मन और पुलिस अनुविभागीय अधिकारी कल्पना वर्मा के मार्गदर्शन में यह कार्रवाई संभव हुई।
विश्लेषण:
यह घटना दंतेवाड़ा पुलिस की त्वरित और तकनीकी दक्षता को दर्शाती है। सायबर सेल और सीसीटीवी फुटेज का उपयोग अपराध नियंत्रण में आधुनिक तकनीक के महत्व को रेखांकित करता है। 48 घंटे के भीतर चोरी का खुलासा और 100% सामान की बरामदगी न केवल पुलिस की कार्यकुशलता को दर्शाती है, बल्कि स्थानीय लोगों में सुरक्षा और विश्वास को भी बढ़ाती है। यह अभियान जिले में अपराध नियंत्रण के लिए चलाए जा रहे प्रयासों का एक मजबूत उदाहरण है।
यह कार्रवाई न केवल अपराधियों के लिए एक चेतावनी है, बल्कि आम नागरिकों के लिए यह संदेश भी देती है कि दंतेवाड़ा पुलिस उनकी सुरक्षा के लिए सजग और सक्रिय है।

