*बीजापुर: बारिश में भी डटे शिक्षक, रैली निकालकर मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन*

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*बीजापुर: बारिश में भी डटे शिक्षक, रैली निकालकर मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन*

बीजापुर, 01 जुलाई 2025: छत्तीसगढ़ शिक्षक साझा मंच के आह्वान पर बीजापुर जिले के सैकड़ों शिक्षकों ने लगातार तीन दिनों से हो रही बारिश के बावजूद अपनी मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। शिक्षकों ने जिला मुख्यालय और विभिन्न विकासखंडों में रैली और धरना-प्रदर्शन के माध्यम से अपनी आवाज बुलंद की और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।

छत्तीसगढ़ शिक्षक साझा मंच के जिला संचालक प्रहलाद जैन, सह-संचालक राजेश मिश्रा, कैलाश रामटेके और सुशील हेमला ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि जून में नया रायपुर में आयोजित रैली और धरना-प्रदर्शन के बाद शिक्षा सचिव के साथ वार्ता विफल होने पर शिक्षकों की मांगों को अनसुना कर दिया गया था। इसके बाद आंदोलन की रणनीति बनाई गई, जिसके पहले चरण में सोमवार को प्रदेश के सभी ब्लॉक मुख्यालयों में धरना-प्रदर्शन आयोजित किए गए।

*जिला मुख्यालय और विकासखंडों में प्रदर्शन*

जिला मुख्यालय में ब्लॉक अध्यक्ष शांति लाल वर्मा, विजय चापड़ी, राजेश मिश्रा, कैलाश रामटेके, सुनील झाड़ी और सुशील हेमला के नेतृत्व में रैली निकाली गई और तहसीलदार श्री सलामे को ज्ञापन सौंपा गया। वहीं, भैरमगढ़ विकासखंड में जिला संचालक प्रहलाद जैन और प्रांतीय उपाध्यक्ष पुरुषोत्तम झाड़ी के नेतृत्व में तहसीलदार श्री घरत को, उसूर विकासखंड में महेश यालम, रुद्र प्रताप झाड़ी, किशोर बारसे और अलीम रिजवी के नेतृत्व में एसडीएम श्री भूपेंद्र गावरे को, तथा भोपालपट्टनम में योगेश वासम, अप्पाजी शेखर, संजय चिंतुर और महेश शेट्टी के नेतृत्व में एसडीएम रीडर को ज्ञापन सौंपा गया।

*शिक्षकों की प्रमुख मांगें*

ज्ञापन में शिक्षकों ने निम्नलिखित मांगें उठाईं:

2008 के सेटअप को यथावत रखा जाए।

सोना साहू प्रकरण में उच्च न्यायालय के आदेशानुसार सभी शिक्षकों को क्रमोन्नत वेतनमान और बकाया राशि प्रदान की जाए।

पूर्व की भांति सभी प्रशिक्षित शिक्षकों की पदोन्नति सुनिश्चित की जाए।

*आंदोलन में सक्रिय सहयोग*

आंदोलन को सफल बनाने में महेंद्र काशी, चंद्रभान निषाद, केदार देशमुख, सी. पुरुषोत्तम, एट्टी राजन्ना, अनिल झाड़ी, टिल्लू संगम, राकेश गिरी, सरोजनी बंजारे, सरोजनी ठाकुर और सीमा कुड़ियाम सहित कई पदाधिकारियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

*आगे की रणनीति*

शिक्षक साझा मंच ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें शीघ्र पूरी नहीं की गईं, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। शिक्षकों का कहना है कि उनकी मांगें जायज हैं और सरकार को इन पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।

यह प्रदर्शन न केवल शिक्षकों की एकजुटता को दर्शाता है, बल्कि उनकी मांगों के प्रति सरकार का ध्यान आकर्षित करने का एक सशक्त प्रयास भी है।

विनीत

शिक्षक साझा मंच, बीजापुर

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