*विश्व योग दिवस 2025: एनएमडीसी किरंदुल परियोजना में ‘एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य’ थीम के साथ उत्साहपूर्ण आयोजन*
किरंदुल, 21 जून 2025: विश्व योग दिवस के 11वें संस्करण के अवसर पर, नेशनल मिनरल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (एनएमडीसी) की किरंदुल परियोजना ने अपने परियोजना विद्यालय के सभागार में एक भव्य और प्रेरणादायक कार्यक्रम का आयोजन किया। इस वर्ष की थीम ‘योग फॉर वन अर्थ, वन हेल्थ’ के अंतर्गत आयोजित इस कार्यक्रम में एनएमडीसी के कर्मचारियों, विद्यार्थियों और स्थानीय समुदाय ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। भारत सरकार द्वारा निर्धारित इस थीम ने व्यक्तिगत स्वास्थ्य और पर्यावरणीय स्थिरता के बीच गहरे संबंध को रेखांकित किया, जिसे इस आयोजन ने प्रभावी ढंग से प्रदर्शित किया।
*कार्यक्रम का शुभारंभ संजीव साही द्वारा और थीम का महत्व*
कार्यक्रम का शुभारंभ एनएमडीसी किरंदुल परियोजना के मुख्य महाप्रबंधक श्री संजीव साही ने दीप प्रज्ज्वलन और स्वागत भाषण के साथ किया। अपने संबोधन में श्री साही ने योग के शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक लाभों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, “योग केवल एक व्यायाम नहीं है, बल्कि यह एक जीवन शैली है जो हमें प्रकृति के साथ सामंजस्य स्थापित करने और स्वस्थ जीवन जीने की प्रेरणा देता है। इस वर्ष की थीम ‘एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य’ हमें यह स्मरण कराती है कि हमारा स्वास्थ्य और हमारी पृथ्वी का स्वास्थ्य एक-दूसरे से गहराई से जुड़े हुए हैं।”
श्री साही ने आगे बताया कि एनएमडीसी, एक जिम्मेदार कॉरपोरेट नागरिक के रूप में, न केवल खनन क्षेत्र में बल्कि सामाजिक और पर्यावरणीय कल्याण के लिए भी प्रतिबद्ध है। योग जैसे आयोजनों के माध्यम से, संगठन अपने कर्मचारियों और समुदाय के बीच समग्र कल्याण को बढ़ावा देने का प्रयास करता है।
*योग सत्र और सामूहिक भागीदारी*
मुख्य महाप्रबंधक के संबोधन के बाद, एक विशेष योग सत्र का आयोजन किया गया, जिसमें प्रशिक्षित योग प्रशिक्षकों ने प्रतिभागियों को विभिन्न योग आसनों, प्राणायाम और ध्यान की तकनीकों का अभ्यास कराया। सत्र में एनएमडीसी के कर्मचारी, उनके परिवार, परियोजना विद्यालय के छात्र-छात्राएँ और स्थानीय निवासियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
योग सत्र में सामान्य योग प्रोटोकॉल (Common Yoga Protocol) का पालन किया गया, जो आयुष मंत्रालय द्वारा निर्धारित है। इस प्रोटोकॉल में सूर्य नमस्कार, ताड़ासन, वृक्षासन, भुजंगासन, और शवासन जैसे आसनों के साथ-साथ अनुलोम-विलोम और भ्रामरी जैसे प्राणायाम शामिल थे। सत्र का समापन ध्यान और शांति मंत्र के साथ हुआ, जिसने सभी प्रतिभागियों में मानसिक शांति और ऊर्जा का संचार किया।
*थीम का पर्यावरणीय और सामाजिक संदेश*
इस वर्ष की थीम ‘योग फॉर वन अर्थ, वन हेल्थ’ ने न केवल व्यक्तिगत स्वास्थ्य पर ध्यान केंद्रित किया, बल्कि पर्यावरणीय स्थिरता को भी बढ़ावा दिया। कार्यक्रम के दौरान, पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर चर्चा की गई। एनएमडीसी किरंदुल परियोजना ने इस अवसर पर एक छोटा वृक्षारोपण अभियान भी शुरू किया, जिसमें प्रतिभागियों ने विद्यालय परिसर में पौधे रोपे। यह कदम थीम के पर्यावरणीय संदेश को मूर्त रूप देने का एक प्रयास था।
कार्यक्रम में उपस्थित एक योग प्रशिक्षक ने कहा, “योग हमें न केवल शारीरिक रूप से स्वस्थ रखता है, बल्कि यह हमें प्रकृति के प्रति जागरूक बनाता है। जब हम योग के माध्यम से अपने भीतर संतुलन लाते हैं, तो हम पर्यावरण के प्रति भी अधिक जिम्मेदार बनते हैं।”
*विद्यार्थियों और समुदाय की भागीदारी*
किरंदुल परियोजना विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने इस आयोजन में विशेष रुचि दिखाई। विद्यालय के प्राचार्य सुनील कुमार दुबे ने बताया कि योग को स्कूल के पाठ्यक्रम में शामिल करने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि बच्चों में कम उम्र से ही स्वस्थ जीवनशैली की आदत विकसित हो सके। छात्रों ने योग सत्र के दौरान न केवल आसनों का अभ्यास किया, बल्कि योग के दार्शनिक और वैज्ञानिक पहलुओं को भी समझा।
स्थानीय समुदाय के लोगों ने भी इस आयोजन को एक सकारात्मक पहल के रूप में सराहा। एक स्थानीय निवासी, श्री रमेश कुमार ने कहा, “एनएमडीसी द्वारा इस तरह के आयोजन न केवल हमारे स्वास्थ्य के लिए लाभकारी हैं, बल्कि यह हमें एकजुट होने और सामुदायिक भावना को बढ़ाने का अवसर भी प्रदान करते हैं।”
*एनएमडीसी की सामाजिक प्रतिबद्धता*
एनएमडीसी किरंदुल परियोजना ने हमेशा से सामाजिक और सामुदायिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। विश्व योग दिवस का यह आयोजन भी संगठन की उस प्रतिबद्धता का हिस्सा है, जो कर्मचारियों और स्थानीय समुदाय के कल्याण को प्राथमिकता देता है। इस अवसर पर, एनएमडीसी ने भविष्य में भी इस तरह के स्वास्थ्य और पर्यावरण जागरूकता से संबंधित कार्यक्रमों को आयोजित करने की योजना बनाई है।
*वैश्विक परिप्रेक्ष्य में योग दिवस*
विश्व योग दिवस, जिसे 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर संयुक्त राष्ट्र द्वारा 21 जून को मनाने की घोषणा की गई थी, आज विश्व भर में एक वैश्विक आंदोलन बन चुका है। इस वर्ष, भारत में 1,00,000 से अधिक स्थानों पर सामूहिक योग सत्र आयोजित किए गए, जिनमें ‘योग संनाद’ जैसे प्रमुख आयोजन शामिल थे। किरंदुल परियोजना का यह कार्यक्रम भी इस वैश्विक उत्सव का एक हिस्सा था, जो भारत की प्राचीन योग परंपरा को विश्व मंच पर ले जाने का एक उदाहरण है।
*निष्कर्ष* एनएमडीसी किरंदुल परियोजना द्वारा आयोजित विश्व योग दिवस 2025 का यह कार्यक्रम न केवल एक स्वास्थ्य जागरूकता पहल था, बल्कि यह सामुदायिक एकता और पर्यावरणीय जिम्मेदारी का भी प्रतीक बना। ‘योग फॉर वन अर्थ, वन हेल्थ’ की थीम के अनुरूप, इस आयोजन ने प्रतिभागियों को यह सिखाया कि व्यक्तिगत स्वास्थ्य और पर्यावरणीय कल्याण एक-दूसरे के पूरक हैं।
एनएमडीसी किरंदुल परियोजना का यह प्रयास न केवल कर्मचारियों और स्थानीय समुदाय के बीच योग के प्रति जागरूकता बढ़ाने में सफल रहा, बल्कि इसने संगठन की सामाजिक जिम्मेदारी और समग्र कल्याण के प्रति प्रतिबद्धता को भी रेखांकित किया। यह आयोजन एक प्रेरणा है कि कैसे छोटे-छोटे कदम, जैसे योग और वृक्षारोपण, एक स्वस्थ और स्थायी भविष्य की दिशा में बड़ा बदलाव ला सकते हैं।

