*नागार्जुन बुद्ध विहार, किरंदुल में जिला कलेक्टर कुणाल दुदावत का दौरा: हनुमान टेकरी में निवेदन पर बुद्ध दर्शन की सार्थक पहल*
किरंदुल, दंतेवाड़ा (छत्तीसगढ़), 19 जून 2025: दंतेवाड़ा जिले के कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत (भा.प्र.से.) और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) श्री नाहटा ने आज बस्तर क्षेत्र के सबसे बड़े और खूबसूरत बौद्ध तीर्थ स्थल, नागार्जुन बुद्ध विहार, किरंदुल का आकस्मिक दौरा किया। यह दौरा नागार्जुन बौद्ध विकास समिति के सक्रिय सदस्य और पत्रकार किशोर कुमार रामटेके के विशेष निवेदन पर हुआ, जिन्होंने कलेक्टर को हनुमान टेकरी के दौरे के दौरान बुद्ध विहार आने का अनुरोध किया था। कलेक्टर ने इस निवेदन को स्वीकार करते हुए विहार में भगवान गौतम बुद्ध के दर्शन किए, मोमबत्ती प्रज्वलित की और विहार की गतिविधियों की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। इस दौरे ने स्थानीय बौद्ध समुदाय और क्षेत्रवासियों में उत्साह और प्रशासन के प्रति विश्वास को और मजबूत किया।
*किशोर कुमार रामटेके का निवेदन और कलेक्टर का सकारात्मक रुख*
नागार्जुन बौद्ध विकास समिति के सक्रिय सदस्य किशोर कुमार रामटेके ने किरंदुल के हनुमान टेकरी में जिला कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत से मुलाकात के दौरान नागार्जुन बुद्ध विहार का दौरा करने का अनुरोध किया था। रामटेके ने कलेक्टर को विहार के सांस्कृतिक, धार्मिक और सामाजिक महत्व के बारे में बताया और इसे बस्तर क्षेत्र का एक अनमोल धरोहर बताया। कलेक्टर श्री दुदावत ने इस निवेदन को तत्काल स्वीकार किया और अपने व्यस्त दौरे के बीच समय निकालकर विहार का दौरा किया।
रामटेके ने इस अवसर पर अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए कहा, “मैंने कलेक्टर साहब से हनुमान टेकरी में मुलाकात के दौरान बुद्ध विहार आने का अनुरोध किया था, और उनकी त्वरित सहमति और दौरा हमारे लिए गर्व का विषय है। यह दर्शाता है कि जिला प्रशासन हमारी सांस्कृतिक और धार्मिक भावनाओं का सम्मान करता है और समुदाय के साथ मिलकर काम करने को तत्पर है।”
*बुद्ध दर्शन और मोमबत्ती प्रज्ज्वलन: शांति का संदेश*
नागार्जुन बुद्ध विहार में पहुंचने पर कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत और जिला पंचायत सीईओ श्री नाहटा ने भगवान गौतम बुद्ध की प्रतिमा के समक्ष श्रद्धापूर्वक दर्शन किए। उन्होंने मोमबत्ती प्रज्वलित कर बुद्ध के शांति, करुणा और अहिंसा के सिद्धांतों के प्रति अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की। यह क्षण विहार में मौजूद लोगों के लिए अत्यंत भावनात्मक और प्रेरणादायक था।
कलेक्टर श्री दुदावत ने विहार के शांतिपूर्ण और आध्यात्मिक वातावरण की सराहना करते हुए कहा, “नागार्जुन बुद्ध विहार किरंदुल का एक अनमोल रत्न है। यह न केवल बौद्ध समुदाय के लिए, बल्कि सभी धर्मों के लोगों के लिए शांति और एकता का केंद्र है। बस्तर जैसे क्षेत्र में, जहां सांस्कृतिक और सामाजिक विविधता है, यह विहार सामुदायिक एकता को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।”
*नागार्जुन बौद्ध विकास समिति द्वारा कलेक्टर और सी ई ओ का स्वागत*
इस दौरे के दौरान नागार्जुन बौद्ध विकास समिति के सचिव बी. आर. डांगे और अन्य सदस्यों ने कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत और सीईओ श्री नाहटा का गर्मजोशी से स्वागत किया। समिति की ओर से कलेक्टर और सी ई ओ नाहटा को शॉल और अशोक स्तंभ भेंट किया गया, जो बौद्ध धर्म के शांति और समता के सिद्धांतों का प्रतीक है। डांगे ने इस अवसर को ऐतिहासिक बताते हुए कहा, “कलेक्टर साहब और सीईओ साहब का हमारे विहार में आना हमारे लिए गर्व और सम्मान की बात है। किशोर कुमार रामटेके के प्रयासों और कलेक्टर साहब की संवेदनशीलता ने इस दौरे को संभव बनाया।”
स्वागत समारोह के दौरान समिति ने कलेक्टर और सीईओ को विहार की गतिविधियों, इसके इतिहास और सामुदायिक योगदान के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने बताया कि विहार न केवल धार्मिक गतिविधियों का केंद्र है, बल्कि यह शिक्षा, सामाजिक जागरूकता, पर्यावरण संरक्षण और सामुदायिक विकास के क्षेत्र में भी सक्रिय है।
*नागार्जुन बुद्ध विहार: बस्तर की सांस्कृतिक धरोहर*
किरंदुल में स्थित नागार्जुन बुद्ध विहार बस्तर क्षेत्र का सबसे बड़ा और खूबसूरत बौद्ध तीर्थ स्थल है। यह विहार अपनी भव्यता, शांत वातावरण और स्थापत्य कला के लिए जाना जाता है। प्राचीन बौद्ध दार्शनिक नागार्जुन के नाम पर स्थापित यह विहार बौद्ध धर्म के अनुयायियों के लिए एक महत्वपूर्ण आध्यात्मिक केंद्र है। विहार में भगवान बुद्ध की विशाल प्रतिमा, सुंदर बगीचे और ध्यान कक्ष आगंतुकों को आकर्षित करते हैं। यह स्थल न केवल धार्मिक, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों का भी केंद्र है, जहां नियमित रूप से ध्यान, प्रार्थना, और सामुदायिक कार्यक्रम आयोजित होते हैं।
*दौरे का महत्व और सामुदायिक प्रभाव*
जिला कलेक्टर और जिला पंचायत सीईओ का यह दौरा कई मायनों में महत्वपूर्ण है। सबसे पहले, यह किशोर कुमार रामटेके जैसे सामुदायिक कार्यकर्ताओं के प्रयासों का सम्मान है, जिन्होंने प्रशासन और समुदाय के बीच एक सेतु स्थापित करने की पहल की। दूसरा, कलेक्टर का इस निवेदन को तुरंत स्वीकार करना और दौरा करना प्रशासन की संवेदनशीलता और जवाबदेही को दर्शाता है। तीसरा, यह दौरा नागार्जुन बुद्ध विहार को व्यापक पहचान दिलाने और इसे पर्यटन स्थल के रूप में प्रचारित करने में मदद करेगा।
नगरपालिका अध्यक्ष रूबी सींग ने इस दौरे को सामुदायिक एकता और विकास की दिशा में एक सकारात्मक कदम बताया। नगरपालिका अध्यक्ष रूबी सींग ने कहा, “कलेक्टर साहब का हमारे विहार में आना और बुद्ध दर्शन करना हमें गर्व का अनुभव कराता है। यह दिखाता है कि प्रशासन हमारी संस्कृति और धरोहर को महत्व देता है।”
*भविष्य की संभावनाएं और प्रशासन का सहयोग*
कलेक्टर श्री दुदावत ने दौरे के दौरान नागार्जुन बौद्ध विकास समिति को विहार के विकास और संरक्षण के लिए जिला प्रशासन के पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा, “हमारा प्रयास है कि बस्तर की सांस्कृतिक और धार्मिक धरोहरों को संरक्षित और प्रचारित किया जाए। नागार्जुन बुद्ध विहार जैसे स्थान न केवल धार्मिक, बल्कि सामाजिक और पर्यावरणीय विकास में भी योगदान दे सकते हैं।”
जिला पंचायत सीईओ श्री नाहटा ने भी विहार की सामुदायिक गतिविधियों की सराहना की और कहा कि जिला पंचायत की योजनाओं के माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य और जागरूकता कार्यक्रमों को और मजबूत किया जाएगा। उन्होंने विशेष रूप से रामटेके के प्रयासों की प्रशंसा की और समुदाय से अपील की कि वे विहार की स्वच्छता और रखरखाव में सक्रिय भूमिका निभाएं।
*निष्कर्ष* नागार्जुन बुद्ध विहार, किरंदुल में जिला कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत और जिला पंचायत सीईओ श्री नाहटा का दौरा एक ऐतिहासिक और प्रेरणादायक घटना था रामटेके के निवेदन पर कलेक्टर का त्वरित प्रतिसाद और विहार का दौरा प्रशासन और समुदाय के बीच विश्वास और सहयोग का एक मजबूत उदाहरण है। यह दौरा न केवल बौद्ध समुदाय के लिए, बल्कि पूरे किरंदुल और दंतेवाड़ा क्षेत्र के लिए गर्व का विषय है।नागार्जुन बुद्ध विहार, जो पहले से ही बस्तर की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक धरोहर का प्रतीक है, इस दौरे के बाद और अधिक लोगों के लिए प्रेरणा और आकर्षण का केंद्र बन सकता है। यह घटना बस्तर के इतिहास में एक स्वर्णिम पल के रूप में याद की जाएगी, जो शांति, एकता और सामुदायिक विकास के संदेश को और आगे ले जाएगी।


