*छत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी समाज ने एनएमडीसी किरंदुल-बचेली भर्ती प्रक्रिया को लेकर कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन, भर्ती की अंतिम तारीख बढ़कर 20 जून*

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*छत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी समाज ने एनएमडीसी किरंदुल-बचेली भर्ती प्रक्रिया को लेकर कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन, भर्ती की अंतिम तारीख बढ़कर 20 जून*

दंतेवाड़ा, 13 जून 2025: छत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी समाज, जिला दंतेवाड़ा ने नेशनल मिनरल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (एनएमडीसी) किरंदुल और बचेली परियोजनाओं में L1, L2, स्तर की भर्ती प्रक्रिया में स्थानीय आदिवासी समुदाय के हितों को सुनिश्चित करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। आज दिनांक 13 जून 2025 को समाज के प्रमुख नेताओं और सदस्यों ने जिला कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत से सौजन्य भेंट कर इस मुद्दे पर विस्तृत चर्चा की और एक ज्ञापन सौंपा। इस चर्चा के परिणामस्वरूप, कलेक्टर ने भर्ती प्रक्रिया की अंतिम तारीख को 14 जून 2025 से बढ़ाकर 20 जून 2025 तक करने का निर्णय लिया, जिसके लिए समाज ने कलेक्टर का आभार व्यक्त किया।

*ज्ञापन सौंपने वाले प्रतिनिधिमंडल*

 

छत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी समाज के इस प्रतिनिधिमंडल में अध्यक्ष राजाराम वट्टी, कार्यकारिणी अध्यक्ष कामों कुंजाम, जिला सचिव जयराम कश्यप, जिला प्रवक्ता रामनाथ नेगी, ब्लॉक अध्यक्ष कटे कल्याण छन्नू ताती, ब्लॉक अध्यक्ष कुआं कोंडा सुखराम कुंजाम, ब्लॉक अध्यक्ष दंतेवाड़ा विज्जों पोडिंयम, ब्लॉक अध्यक्ष गीदम शैलेश अटामी, सरपंच हीरानार टिंगरूराम लेखामी, सरपंच लक्ष्मीनाथ पोडिंयाम, सरपंच संघ अध्यक्ष जोड़ियाबाडम बृजेश कडती, कार्यकारिणी सदस्य धुरवा कुंजाम, कुरसोराम मौर्य, कमलोचन सेठिया, गणेश यादव, सुब्बोराम अलामी, और बीजाराम जूरी सहित समाज के अन्य सदस्य शामिल थे।

*भर्ती प्रक्रिया और स्थानीय हितों की मांग*

 

एनएमडीसी किरंदुल और बचेली परियोजनाएं दंतेवाड़ा जिले के लिए आर्थिक और सामाजिक विकास का एक महत्वपूर्ण स्रोत हैं। ये परियोजनाएं स्थानीय समुदाय, विशेष रूप से आदिवासी युवाओं के लिए रोजगार के अवसर प्रदान करती हैं। हालांकि, सर्व आदिवासी समाज ने यह मांग उठाई है कि भर्ती प्रक्रिया में स्थानीय आदिवासी उम्मीदवारों को प्राथमिकता दी जाए और प्रक्रिया को पारदर्शी व समावेशी बनाया जाए। समाज का कहना है कि क्षेत्र के मूल निवासियों के लिए रोजगार के अवसर सुनिश्चित करना न केवल सामाजिक न्याय का हिस्सा है, बल्कि यह स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूत करेगा।

 

ज्ञापन में समाज ने भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता, स्थानीय लोगों के लिए आरक्षण, और आवेदन प्रक्रिया को और अधिक सरल बनाने जैसे मुद्दों पर जोर दिया। समाज ने यह भी मांग की कि भर्ती में उन उम्मीदवारों को प्राथमिकता दी जाए जो दंतेवाड़ा और आसपास के क्षेत्रों से हैं, ताकि स्थानीय युवाओं को उनके अपने क्षेत्र में रोजगार मिल सके।

 

*कलेक्टर का सकारात्मक रुख*

 

जिला कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत ने समाज के प्रतिनिधियों के साथ चर्चा के दौरान उनके द्वारा उठाए गए बिंदुओं को गंभीरता से सुना और त्वरित कार्रवाई करते हुए भर्ती प्रक्रिया की अंतिम तारीख को 14 जून से बढ़ाकर 20 जून 2025 करने का निर्णय लिया। इस कदम से स्थानीय उम्मीदवारों को आवेदन के लिए अतिरिक्त समय मिलेगा, जिससे अधिक से अधिक आदिवासी युवा इस प्रक्रिया में भाग ले सकेंगे। कलेक्टर ने यह भी आश्वासन दिया कि समाज द्वारा उठाए गए अन्य बिंदुओं को संबंधित अधिकारियों के साथ साझा किया जाएगा ताकि भर्ती प्रक्रिया में स्थानीय हितों को प्राथमिकता दी जा सके।

 

समाज का आभार और भविष्य की रणनीतिछत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी समाज ने कलेक्टर के इस निर्णय की सराहना की और इसे स्थानीय समुदाय के लिए एक सकारात्मक कदम बताया। समाज के अध्यक्ष श्री राजाराम वट्टी ने कहा, “हम कलेक्टर महोदय के त्वरित और सकारात्मक रुख के लिए आभारी हैं। यह निर्णय हमारे युवाओं को रोजगार के अवसरों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करेगा। हम आगे भी यह सुनिश्चित करेंगे कि एनएमडीसी की भर्ती प्रक्रिया में हमारे समुदाय के हितों की रक्षा हो।”समाज ने यह भी संकेत दिया कि वे भर्ती प्रक्रिया पर नजर रखेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि स्थानीय उम्मीदवारों को उचित अवसर मिले। इसके लिए समाज ने भविष्य में जागरूकता शिविरों और कार्यशालाओं के आयोजन की योजना बनाई है, ताकि स्थानीय युवाओं को आवेदन प्रक्रिया, पात्रता मानदंड, और आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी दी जा सके।

 

*स्थानीय समुदाय पर प्रभाव*

 

एनएमडीसी किरंदुल और बचेली परियोजनाएं दंतेवाड़ा के लिए न केवल आर्थिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण हैं, बल्कि ये सामाजिक विकास और रोजगार सृजन में भी अहम भूमिका निभाती हैं। स्थानीय आदिवासी समुदाय, जो इस क्षेत्र में बहुसंख्यक है, लंबे समय से मांग कर रहा है कि इन परियोजनाओं में उनकी भागीदारी को बढ़ाया जाए। भर्ती की अंतिम तारीख बढ़ने से न केवल अधिक उम्मीदवारों को आवेदन का मौका मिलेगा, बल्कि यह स्थानीय समुदाय में विश्वास भी बढ़ाएगा कि उनकी आवाज सुनी जा रही है।

 

*निष्कर्ष* छत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी समाज द्वारा उठाया गया यह कदम दंतेवाड़ा के आदिवासी समुदाय के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। कलेक्टर द्वारा भर्ती की अंतिम तारीख बढ़ाने का निर्णय स्थानीय हितों के प्रति प्रशासन की संवेदनशीलता को दर्शाता है। यह कदम न केवल रोजगार के अवसरों को बढ़ाएगा, बल्कि यह भी सुनिश्चित करेगा कि क्षेत्र का विकास समावेशी और स्थानीय समुदाय के लिए लाभकारी हो। समाज ने भविष्य में भी इस तरह की पहल जारी रखने का संकल्प लिया है, ताकि आदिवासी युवाओं के लिए न्याय और अवसर सुनिश्चित किए जा सकें।

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