किरंदुल में चैत्र नवरात्रि के अवसर पर मनोकामना ज्योति कलश प्रज्वलित एवं विषेस पूजा अर्चना की जा रही हैं
चैत्र नवरात्रि के दौरान यहाँ ज्योति कलश और मनोकामना कलश प्रज्वलित किए गए हैं। माँ दुर्गा की आरती प्रतिदिन सुबह 7 बजे और शाम 7 बजे की जा रही है। रामनवमी के लिए विशेष पूजा और अर्चना का आयोजन भी रखा गया है।
इसके साथ ही, महिला समिति द्वारा रोजाना संध्या में जस गीत प्रस्तुत किए जा रहे हैं।यह एक सुंदर धार्मिक आयोजन प्रतीत होता है।
। किरंदुल, छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में स्थित एक स्थान है, और यहाँ का राघव मंदिर स्थानीय लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल है।
*धार्मिक महत्व*
राघव मंदिर भगवान राम को समर्पित है, जिन्हें “राघव” के नाम से भी जाना जाता है। यह मंदिर भक्तों के लिए आस्था का केंद्र है, विशेष रूप से चैत्र नवरात्रि और रामनवमी जैसे पर्वों के दौरान।चैत्र नवरात्रि आयोजन: मंदिर में चैत्र नवरात्रि के दौरान ज्योति कलश और मनोकामना कलश प्रज्वलित किए जाते हैं। माँ दुर्गा की आरती सुबह 7 बजे और शाम 7 बजे होती है, जो भक्तों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र है।
*रामनवमी उत्सव*
रामनवमी के अवसर पर यहाँ विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन किया जाता है, जो भगवान राम के प्रति समर्पण को दर्शाता है। यह इस मंदिर की एक प्रमुख विशेषता है।
*महिला समिति की भागीदारी*
रोजाना संध्या में महिला समिति द्वारा जस गीत (भक्ति गीत) गाए जाते हैं, जो मंदिर के सांस्कृतिक और सामुदायिक महत्व को उजागर करता है।
*स्थानीय समुदाय का योगदान*
बैलाडीला देव स्थल समिति द्वारा मंदिर के आयोजनों का प्रबंधन किया जाता है, जो इसे एक संगठित और समुदाय-केंद्रित स्थल बनाता है।
*प्राकृतिक परिवेश*
किरंदुल बैलाडीला पहाड़ियों के क्षेत्र में स्थित है, जो इस मंदिर को एक शांत और प्राकृतिक वातावरण प्रदान करता है, जो भक्तों के लिए आध्यात्मिक अनुभव को और गहरा बनाता है




