बीजापुर के दुगईगुड़ा पोर्टाकेबिन में पढ़ने वाले तीसरी कक्षा के छात्र नीतीश धुर्वा की मौत का मामला सामने आया है।
नीतीश जिनिप्पा गांव का निवासी था। बताया जा रहा है कि दो दिन पहले परिजन उसे गांव ले गए थे, जहां उसकी तबीयत बिगड़ने के बाद उसने दम तोड़ दिया। इस घटना ने एक बार फिर पोर्टाकेबिन और आश्रमों में बच्चों की अचानक या अज्ञात कारणों से हो रही मौतों पर सवाल खड़े किए हैं।हाल के महीनों में बीजापुर के विभिन्न पोर्टाकेबिन और आश्रमों में ऐसी घटनाएं बार-बार सामने आ रही हैं। इससे स्वास्थ्य सेवाओं, बच्चों की देखभाल और इन संस्थानों में निगरानी की कमी जैसे मुद्दे उजागर हो रहे हैं। स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को इस तरह की घटनाओं की गहन जांच और बच्चों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत है।आश्रमों और पोर्टाकेबिन में बच्चों के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने और समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की मांग अब और तेज हो रही है। नीतीश की मौत ने इस दिशा में तत्काल कार्रवाई की आवश्यकता को और रेखांकित किया है।
